Tuesday, March 10, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू,प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी

सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू,प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी

32
सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू,प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी
सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू,प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी

सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सामान्य व्यक्ति भी बुक कर सकेंगे सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस में कमरे। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रियल टाइम रूम अवेलेबिलिटी डैशबोर्ड और लाइव रूम स्टेटस की मिल सकेगी जानकारी। केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी बुकिंग और राजस्व की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस की बुकिंग व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के 21 सर्किट हाउसों और 334 गेस्ट हाउसों में कमरे ऑनलाइन बुक किए जा सकेंगे। बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाने से सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस में कमरों की बुकिंग पहले की तुलना में अधिक आसान, पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो जाएगी।

योगी सरकार के पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के विजन के तहत लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सभी सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस में बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए विभाग ने एक एकीकृत वेब-आधारित सर्किट हाउस सूचना प्रणाली तैयार की है। उपयोगकर्ता को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रियल टाइम रूम अवेलेबिलिटी डैशबोर्ड और लाइव रूम स्टेटस की जानकारी मिलेगी। जिससे यह आसानी से पता किया जा सकेगा कि किस सर्किट हाउस में कितने कमरे उपलब्ध हैं। यह प्रणाली सर्किट हाउस के कमरों, भोजन और अन्य संसाधनों के प्रबंधन को डिजिटली संचालित करती है, जो पहले ईमेल या कॉल के माध्यम से मैनुअल तरीके से की जाती थी।


पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सामान्य व्यक्ति को भी कमरा

सर्किट हाउस के कुछ कमरे वीआईपी दौरे और आपातकालीन सरकारी उपयोग के लिए आरक्षित रहेंगे, जबकि शेष कमरे सामान्य व्यक्ति के लिए पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होंगे। लोग सर्किट हाउस सूचना प्रणाली की ओर से जारी की गई वेबसाईट- https://www.guesthouse.uppwd.gov.in पर जा कर आसानी से कमरे बुक कर सकेंगे। साथ ही विशेष परिस्थितियों में जिला प्रशासन की अनुमति से ऑन-द-स्पॉट बुकिंग भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। हालांकि वीआईपी दौरे या प्रशासनिक आवश्यकता की स्थिति में पहले से हुई किसी बुकिंग को रद्द करने का भी अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को है।

ऑनलाइन बुकिंग के साथ पेमेंट और रिकॉर्ड मैनेजमेंट की व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। बुकिंग के समय आवेदक को अपना पहचान पत्र या अधिकृत पत्र अपलोड करना होगा। भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। भुगतान के बाद ई-मेल तथा एसएमएस के माध्यम से स्वतः रसीद प्राप्त हो जाएगी। इसके साथ ही डिजिटल लेजर में सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखा जाएगा और राजस्व की निगरानी भी की जाएगी। विभाग के मुख्यालय और जिला स्तर पर केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी बुकिंग और राजस्व की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इससे राजस्व के नुकसान को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था से परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही आम लोगों को सरल तरीके से सुविधा का लाभ भी मिल सकेगा।