चुनावी वर्ष में वाराणसी को 2,095 करोड़ की सौगात


प्रधानमंत्री ने जनपद वाराणसी में 475 करोड़ रु0 के बनास काशी संकुल संयंत्र,बायो गैस पर आधारित ऊर्जा संयंत्र के शिलान्यास सहित 2,095 करोड़ रु0 की 27 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।प्रधानमंत्री ने डिजिटल माध्यम से बनास डेयरी से जुड़े 01 लाख 70हजार किसानों के खातों में 35 करोड़ रु0 बोनस धनराशि अन्तरित की।प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के उ0प्र0 के 06 नये भू-स्वामियों को अपनेकर-कमलों से घरौनी प्रदान करने के साथ ही बटन दबाकरराज्य के 20 लाख परिवारों को घरौनी वितरित की।प्रधानमंत्री ने दुग्ध तथा दुग्ध उत्पादों से सम्बन्धित ब्यूरो ऑफ इण्डियन स्टैण्डर्ड्स की कन्फर्मिटी एसेसमेण्ट स्कीम का पोर्टल व ‘लोगो’ लांच किया।प्रधानमंत्री ने बनास काशी संकुल पर केन्द्रित प्रदर्शनी काअवलोकन तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया।पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की आज जयन्ती, देश उनकी स्मृति में किसान सम्मान दिवस मना रहा। उ0प्र0 देश का सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला राज्यहोने के साथ ही डेयरी सेक्टर के विकास में भी बहुत आगे । डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और शक्ति के साथ किसानों व पशुपालकों का साथ दे रही।सन्त रविदास जी की जन्मस्थली को विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा।डबल इंजन की सरकार द्वारा उ0प्र0 व काशी का डबल शक्ति के साथ डबल विकास,प्रदेश की पहले की सरकारों में राज्य को मिलाऔर जो हमारी सरकार में मिल रहा है, फर्क साफ,हम उ0प्र0 की विरासत बढ़ा रहे हैं और विकास भी कर रहे।उ0प्र0 के लोग जिस तरह डबल इंजन की सरकार के साथ डटकर खड़े हैं,डबल इंजन की सरकार उ0प्र0 के विकास के लिए ऐसे हीपरिश्रम करते हुए नये रिकॉर्ड बनाती रहेगी।

वाराणसी। नरेन्द्र मोदी ने जनपद वाराणसी में 475 करोड़ रुपये की लागत के बनास काशी संकुल संयंत्र तथा वाराणसी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0 में बायो गैस पर आधारित ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखने के साथ ही कुल 2095 करोड़ रुपये लागत की 27 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने डिजिटल माध्यम से बनास डेयरी से जुड़े 01 लाख 70 हजार किसानों के बैंक खातों में 35 करोड़ रुपये की बोनस (भावांश) धनराशि अन्तरित की। प्रधानमंत्री जी ने स्वामित्व योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के 06 नये भू-स्वामियों को अपने कर-कमलों से घरौनी प्रदान करने के साथ ही बटन दबाकर राज्य के 20 लाख परिवारों को घरौनी वितरित की। उन्होंने दुग्ध तथा दुग्ध उत्पादों से सम्बन्धित ब्यूरो ऑफ इण्डियन स्टैण्डर्ड्स की कन्फर्मिटी एसेसमेण्ट स्कीम के पोर्टल व ‘लोगो’ को भी लांच किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी का स्वागत अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर किया। बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी का स्वागत गोमाता की प्रतिमा और अंगवस्त्र प्रदान कर किया। कार्यक्रम में बनास डेयरी पर आधारित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। कार्यक्रम हेतु मंच पर पधारने से पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने बनास काशी संकुल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी किया। मोदी ने कहा कि आज वाराणसी और आस-पास का क्षेत्र एक बार पुनः देश व उत्तर प्रदेश के गांव, किसानों, पशुपालकों के लिए बहुत बड़े कार्यक्रम का साक्षी बन रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि आज उनकी जयन्ती है। देश उनकी स्मृति में किसान सम्मान दिवस मना रहा है।


प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप विगत 06-07 वर्ष में देश में दुग्ध उत्पादन में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्तमान भारत दुनिया का लगभग 22 प्रतिशत दूध उत्पादन करता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला राज्य होने के साथ ही डेयरी सेक्टर के विकास में भी बहुत आगे है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश का डेयरी सेक्टर, पशुपालन, श्वेत क्रांति की नयी ऊर्जा किसानों की स्थिति बदलने में भूमिका निभा सकती है। यह सेक्टर देश के 10 करोड़ से अधिक छोटे किसानों की अतिरिक्त आय का साधन बन सकता है। डेयरी सेक्टर विदेशों के बाजार में आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराने का साधन बन सकता है। पशुपालन महिलाओं की उद्यमशीलता बढ़ाने का जरिया बन सकता है। पशुधन, बायो गैस, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती का आधार बन सकता है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और शक्ति के साथ किसानों व पशुपालकों का साथ दे रही है। बनास काशी संकुल का शिलान्यास सरकार व सहकार की भागीदारी का प्रमाण है। सहकारिता क्षेत्र की बड़ी इकाई बनास और पूर्वांचल के किसानों की सहभागिता से वाराणसी सहित इस क्षेत्र के किसानों को लाभ होगा। इससे आस-पास के गांवों में दुग्ध समितियां, कलेक्शन सेन्टर बनेंगे। दूध के खराब होने की चिंता से मुक्ति मिलेगी। अच्छी नस्ल के पशुओं को प्राप्त करने में किसानों को मदद मिलेगी। दूध, दही, छाछ, मक्खन, पनीर के अलावा आइसक्रीम, मिठाइयां भी यहां बनेगी, इससे बनारस की लस्सी, छेने की एक से बढ़कर एक मिठाइयां, लौंगलता का स्वाद और बढ़ जाएगा। यह बनारस के रस को और बढ़ा देगा।


आम तौर पर दूध की गुणवत्ता, प्रमाणिकता को लेकर बड़ी उलझन रही है। प्रमाणिकता के लिए अलग-अलग व्यवस्था के कारण पशुपालकों, दुग्ध संघों को कठिनाइयां होती रहीं। इसके समाधान के लिए भारतीय मानक ब्यूरों ने देश भर के लिए मानक जारी किया है। कामधेनु का ‘लोगो’ भी जारी किया गया है। यह ‘लोगो’ दूध व दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता व विश्वसनीयता की पहचान होगा। वाराणसी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ रामनगर में बायो गैस द्वारा बिजली बनाने के इस संयंत्र से ऊर्जा जरूरते पूरी होंगी। इससे किसानों को गोबर की बिक्री से भी लाभ होगा। इससे बनने वाली जैविक खाद से जैविक खेती करने में सुगमता होगी।एक समय भारत में प्राकृतिक खेती होती थी। प्राकृतिक खेती में बाहरी मिलावट नहीं होती थी। खाद, कीटनाशक सभी प्राकृतिक होते थे। समय के साथ इसका दायरा सिमटता गया। रसायनिक खेती हावी होती गयी। धरती माँ के कायाकल्प, खेती की सुरक्षा तथा आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए एक बार पुनः प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ना होगा। यह समय की मांग है। सरकार इसके लिए अभियान चला रही है। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह करते हुए प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इसमें खर्च कम, उत्पादन अधिक है। यह खेती का सबसे सस्ता और सुरक्षित तरीका है। आज के विश्व में प्राकृतिक खेती से पैदा फसलों की कीमत अधिक है। यह हमारे कृषि सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। प्राकृतिक खेती में नौजवानों, स्टार्टअप सेक्टर के लिए अनेक सम्भावनाएं हैं, उन्हें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।


किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, उनको अवैध कब्जे से चिंता मुक्त करने में स्वामित्व योजना उत्तर प्रदेश में अग्रणी है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 23 लाख से अधिक घरौनी तैयार हुई हैं। इनमें से 21 लाख परिवारों को यह दस्तावेज आज दिये गये। घरौनी हाथ में होने पर गरीब, अनुसूचित जाति, वंचित, पिछड़े वर्ग के लोगों को अपने घर पर अवैध कब्जे की चिंता से मुक्ति मिलेगी। घरौनी मिलने पर जरूरत पड़ने पर बैंक से लोन लेना आसान होगा। इससे गांव के युवाआंे को रोजगार व स्वरोजगार के लिए माध्यम उपलब्ध होगा। वर्तमान में काशी विकास का मॉडल बनता जा रहा है। हमारे शहर पुरातन पहचान को बनाए रखते हुए, नूतन काया कैसे धारण कर सकते हैं, यह काशी में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ है, वह भव्य काशी, दिव्य काशी अभियान को और गति देंगी। कालभैरव सहित शहर के 06 वॉर्डाें में पुनर्विकास कार्य, 700 से अधिक स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाने से स्मार्ट और सुरक्षित सुविधाओं की ओर बढ़ती काशी को बल मिला है। सन्त रविदास जी की जन्मस्थली को विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। लंगर हॉल के बनने से देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हुई।


प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश व काशी का डबल शक्ति के साथ डबल विकास की बात करने पर प्रदेश की राजनीति को सिर्फ जाति, पंथ, मत, मजहब के चश्में से देखने वालों को कष्ट होता है। यह वे लोग हैं, जो उत्तर प्रदेश का विकास और आधुनिक पहचान नहीं चाहते। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क, पानी, बिजली, गरीबों के घर, रसोई गैस कनेक्शन, शौचालय को वे विकास नहीं मानते। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास उनकी डिक्शनरी में नहीं है। प्रदेश की पहले की सरकारों में राज्य को मिला और जो हमारी सरकार में मिल रहा है, फर्क साफ है। हम उत्तर प्रदेश की विरासत बढ़ा रहे हैं और विकास भी कर रहे हैं। विगत रविवार को काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहंुचे। उत्तर प्रदेश के लोग जिस तरह डबल इंजन की सरकार के साथ डटकर खड़े हैं, डबल इंजन की सरकार उत्तर प्रदेश के विकास के लिए ऐसे ही परिश्रम करते हुए नये रिकॉर्ड बनाती रहेगी।

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