सोते-जागते सरकार गिराने की सोचते अमित शाह- अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमित शाह हर समय सरकार गिराने की सोचते रहते हैं। अमित शाह का नाम मैं बार-बार इसलिए लेता हूं कि फोरफ्रंट पर वो ही आते हैं। कर्नाटक के लिए भी, एमपी के लिए भी, गोवा हो, मणिपुर हो, अरुणाचल प्रदेश हो, तो मजबूरी में कहना पड़ता है कि अमित शाह जी आपको क्या हो गया है….? आप रात-दिन, जागते-सोते हर वक्त सोचते हो किस तरह मैं गवर्नमेंट को गिराऊं।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘चुनी हुई सरकारें यदि इस तरह से गिरने लगेंगी, तो देश में डेमोक्रेसी कहां बचेगी….? पूरे देश के अंदर डेमोक्रेसी बचाने का अभियान हम चला रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘डेमोक्रेसी बचे, पार्टियां आएंगी-जाएंगी, सरकारें बनेंगी-जाएंगी, व्यक्ति आएंगे जाएंगे, लेकिन डेमोक्रेसी नहीं रहेगी तो देश का क्या होगा…?’

अशोक गहलोत यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि हम सबकी ड्यूटी है, हर नागरिक की ड्यूटी है, ज्यूडिशियरी हो, विधायिका हो, कार्यपालिका हो या मीडिया हो, सबकी ड्यूटी है, पहला काम है कि हम डेमोक्रेसी को बचाएं. हर नागरिक का कर्त्तव्य बनता है डेमोक्रेसी को बचाने के लिए वो आगे आएं, ये मैं अपील करना चाहता हूं।’

राजस्थान में सियासी संकट देखा जा रहा है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर राज्य की सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगा रहे हैं।

गहलोत ने कहा, ‘चुनी हुई सरकारें यदि इस तरह से गिरने लगेंगी, तो देश में डेमोक्रेसी कहां बचेगी…? पूरे देश के अंदर डेमोक्रेसी बचाने का अभियान हम चला रहे हैं। डेमोक्रेसी बचे, पार्टियां आएंगी-जाएंगी, सरकारें बनेंगी-जाएंगी, व्यक्ति आएंगे जाएंगे, लेकिन डेमोक्रेसी नहीं रहेगी तो देश का क्या होगा…?’सीएम गहलोत का कहना है, ‘हम सबकी ड्यूटी है, हर नागरिक की ड्यूटी है, ज्यूडिशियरी हो, विधायिका हो, कार्यपालिका हो या मीडिया हो, सबकी ड्यूटी है, पहला काम है कि हम डेमोक्रेसी को बचाएं, हर नागरिक का कर्त्तव्य बनता है डेमोक्रेसी को बचाने के लिए वो आगे आएं, ये मैं अपील करना चाहता हूं।’

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