सी.एम.एस.की झाँकी देगी प्रेम और एकता का संदेश

प्रेम और एकता का संदेश देने को रवीन्द्रालय पर तैयार खड़ी है सी.एम.एस. की झाँकी

लखनऊ – गणतन्त्र दिवस परेड में प्रेम व एकता संदेश देने के लिए सिटी मोन्टेसरी स्कूल की अनूठी झाँकी रवीन्द्रालय, चारबाग, पर तैयार खड़ी है, जो 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस परेड में प्रेम व एकता का आलोक जन-जन तक पहुँचायेगी। सी.एम.एस. की यह झाँकी ‘चलो दुनिया को स्वर्ग बनाये हम, प्रेम से और प्यार से’ विषय पर आधारित है।

आज यहाँ ‘झाँकी स्थल’ रवीन्द्रालय पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में झाँकी के विभिन्न पहलुओं से पत्रकारों को अवगत कराते हुए सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने बताया कि सी.एम.एस. की यह झाँकी सारे विश्व समाज को एकता, प्रेम एवं विश्व बन्धुत्व की भावना में पिरोकर इस दुनिया को स्वर्ग बनाने का आह्वान करती है। डा. गाँधी ने आगे कहा कि 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस परेड में यह झाँकी प्रेम, एकता, शान्ति, सहयोग व सौहार्द का अलख जगाकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ एवं ‘जय जगत’ की भावना का परचम लहरायेगी।

            पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए डा. गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. की यह झाँकी मात्र प्रदर्शन भर के लिए नहीं है अपितु इसके पीछे एक उद्देश्य है कि सम्पूर्ण मानव जाति के हृदय में प्रेम व एकता की भावना को जगाकर पृथ्वी पर आध्यात्मिक सभ्यता की स्थापना की जाये। सी.एम.एस. की यह प्रेरणादायी झाँकी जन-मानस को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’  एवं ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ की भावना को आत्मसात करने का संदेश देकर इस दुनिया को स्वर्ग बनाने की प्रेरणा देती है।

            झाँकी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए डा. गाँधी ने बताया कि सी.एम.एस. की झाँकी चार भागों में हैं और सभी भाग एक अनूठे ढंग से मानवता के कल्याण का का संदेश दे रहे हैं। इस झाँकी के प्रथम भाग में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश प्रसारित किया जा रहा है जबकि द्वितीय भाग में विभिन्न पूजा स्थलों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया है कि सभी धर्मों का स्रोत एक ही परमपिता परमात्मा है। इसी छत के नीचे झाँकी गीत ‘‘चलो दुनियाँ को स्वर्ग बनाये हम, प्रेम और प्यार से’’ पर सी.एम.एस. चैक कैम्पस छात्राएं नृत्य प्रस्तुत करेंगी।

इन छात्राओं में रिद्धि, आद्या, पलक, पाँखुरी चैधरी, आरूषी चैधरी, अनुष्का रस्तोगी एवं अंदलीब फातिमा शामिल हैं। झाँकी के तृतीय भाग में विश्व संसद के प्रारूप के साथ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 की भावना के अनुरूप विश्व एकता की अपील प्रस्तुत की गई है, साथ ही संत कबीर, महात्मा गांधी, विनोबा भावे, मदर टेरेसा एवं धर्म गुरू दलाईलामा की तस्वीरोें के साथ सम्पूर्ण विश्व मानवता से प्रेम करने का संदेश प्रसारित होगा। झाँकी के अंतिम भाग में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की भव्य प्रतिमा के साथ ही उनका संदेश ‘बुरा मत सुनो, बुरा मत देखो, बुरा मत बोलो’ प्रसारित किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button