कंगना के बिगड़े बोल क्या बोल गईं….?

  कंगना रनौत ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है, उन्होंने पटेल के लिए कई ट्वीट किए हैं. हालांकि पटेल की तारीफ की आड़ में कंगना ने गांधी और नेहरू पर निशाना भी साधा है. वहीं उन्होंने पटेल को देश का सच्चा लौह पुरुष बताया है और लिखा है कि उनके प्रधानमंत्री ना बनने के फैसले का हमें पछतावा है.

 एक्ट्रेस कंगना रनौत के एकबार फिर बोल बिगड़ गयें, उन्होने महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू के लिये अमर्यादित टिप्पणी की है…? सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर एक्ट्रेस कंगना रनौत ने श्रद्धांजलि अर्पित की है. कंगना ने एक और ट्वीट में महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू की आलोचना की है.  

कंगना ने ट्वीट कर कहा, ‘भारत के लौह पुरुष सरदार पटेल को उनकी जयंती पर याद करती हूं. आप एक ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने हमें आज का भारत दिया है, लेकिन आपने एक प्रधानमंत्री का पद त्याग कर हमारे महान नेतृत्व और दूरदर्शिता को हमसे दूर किया है. हमें आपके निर्णय पर गहरा अफसोस है.’

कंगना ने ट्वीट करते हुए लिखा,’ उन्होंने गांधी को खुश करने के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में अपने सबसे योग्य और निर्वाचित पद का बलिदान दिया क्योंकि गांधी को लगता था कि नेहरू बेहतर अंग्रेजी बोलते हैं. इससे सरदार पटेल को नहीं, बल्कि पूरे देश को दशकों तक नुकसान भुगतना पड़ा. हमें बेशर्मी से वह छीन लेना चाहिए जिस पर हमारा हक है.’ कंगना ने इस मौके पर एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा,’ वह भारत के असली लौह पुरुष हैं. मेरा मानना ​​है कि गांधी जी नेहरू की तरह एक कमजोर दिमाग चाहते थे,  ताकि वे उन्हें नियंत्रण में रख सके और नेहरू को आगे कर सभी निर्णय ले सकें. यह एक अच्छी योजना थी, लेकिन गांधी के मारे जाने के बाद जो हुआ वह बहुत बड़ी आपदा थी.

गांधी को खुश करने के लिए पटेल ने छोड़ा पद- कंगना

कंगना ने ट्विट करते हुए लिखा,’ उन्होंने गांधी को खुश करने के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में अपने सबसे योग्य और निर्वाचित पद का बलिदान दिया क्योंकि गांधी को लगता था कि नेहरू बेहतर अंग्रेजी बोलते हैं. इससे सरदार पटेल को नहीं बल्कि पूरे देश को दशकों तक नुकसान भुगतना पड़ा.  हमें बेशर्मी से वह छीन लेना चाहिए जिस पर हमारा हक है.’ 

आगे कंगना ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘वह भारत के असली लौह पुरुष हैं. मेरा मानना​है कि गांधी जी नेहरू की तरह एक कमजोर दिमाग चाहते थे,  ताकि वे उन्हें नियंत्रण में रख सके और नेहरू को आगे कर सभी निर्णय ले सकें. यह एक अच्छी योजना थी, लेकिन गांधी के मारे जाने के बाद जो हुआ वह बहुत बड़ी आपदा थी. 

कंगना ने कहा  ‘भारत के लौह पुरुष सरदार पटेल को उनकी जयंती पर याद करती हूं. आप एक ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने हमें आज का भारत दिया है, लेकिन आपने एक प्रधानमंत्री का पद त्याग कर हमारे महान नेतृत्व और दूरदर्शिता को हमसे दूर किया है. हमें आपके निर्णय पर गहरा अफसोस है.’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button