सत्ता के नशे में चूर भाजपा

लखनऊ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर किसानों के समर्थन में सभी जिलों में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया जिस पर पुलिस ने बर्बरता से लाठीचार्ज किया और हजारों की संख्या में गिरफ्तारी की। सभी जनपदों में पार्टी के जिला तथा महानगर अध्यक्षों ने धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। हर जगह सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, कासगंज, में बैलगाड़ी और भदोही तथा बुलन्दशहर में ट्रैक्टर भी प्रदर्शन में शामिल किए गए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर रोक लोकतंत्र की हत्या हो रही है। भाजपा सरकार चाहे जितना दमन और अत्याचार कर ले, अन्नदाता से अन्याय पर समाजवादियों का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा किसान नाराज हैं और दिल्ली में धरने पर बैठे हैं। आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई?

अनुराग यादव ने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार किसानों और मजदूरों की आवाज दबाने में लगी है। कृषि प्रधान देश में किसानों की खुशहाली व उन्नति सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार को किसानों की नहीं सिर्फ अपने पूंजीपति मित्रों की चिन्ता है। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाले कृषि विरोधी काले कानून रद्द होने चाहिए। सत्ता के अहंकार में भाजपा सरकार ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी हैं। अन्नदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित रखना और उनके हकों का सरेआम हनन करना, देश की आत्मा के साथ क्रूर अन्याय करने जैसा है। सत्ता के नशे में भाजपा भूल गयी है कि इन्ही किसानों और मजदूरों के वोट के बल पर वह देश पर शासन कर रही है,लगातार ऐसी सर्दी में किसान आंदोलन कर रहे हैं पर सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

अनुराग यादव ने सख्त लफ्जो में कहा भाजपा सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून देश में मौजूद एमएसपी, एपीएमसी व्यवस्था के साथ किसानों के अधिकारों को भी खत्म करेंगे। इसलिए इन काले कानूनों के खिलाफ देश के अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना हम सभी की जिम्मेदारी है।केंद्र सरकार अपना तानाशाही रवैया अपनाकर किसानों की बात अनसुनी कर रही है। किसानों की बात सरकार को समझना चाहिए आखिर सरकार की मंशा क्या है। क्यो देश के किसानों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

सन् 2022 में प्रदेश में समाजवादी सरकार बनेगी। किसानों के माफिक जनहित के कदम उठाए जाएंगे। किसान को पूरा सम्मान और सुरक्षा मिलेगी। किसानों ने अंगड़ाई ली है। उनको अपमानित करने का भाजपा जो खेल खेल रही है उसका खामियाजा भी उसे भुगतना पड़ेगा। सत्ता के नशे में भाजपा संवेदनहीन बनती जा रही है।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तरप्रदेश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाकर लोकतंत्र की हत्या की गई है। भाजपा सरकार की दमनात्मक कार्रवाई के बावजूद उनकी पार्टी किसानों के समर्थन में सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

प्राप्त सूचनानुसार राजधानी लखनऊ में जिला तथा महानगर के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय, कैसरबाग से जब कलेक्ट्रेट की ओर कूच करना चाहा तो पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया। पुलिस के लाठीचार्ज में तमाम कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी ने घर पर पुलिस द्वारा नज़रबंद किए जाने का विरोध करते हुए किसानों के समर्थन में अपने गौतमपल्ली लखनऊ, स्थित आवास के बाहर धरना दिया।
आज के प्रदर्शन में जयसिंह जयंत, सुशील दीक्षित, अनुराग यादव, पूर्व मंत्री के0के0 गौतम, पूर्व विधायक इंदल रावत एवं रविदास मेहरोत्रा, रेहान नईम, गोमती यादव, डाॅ0 रामकरन निर्मल, विकास यादव, विजय सिंह, रामसागर, दीपक रंजन, सीएल वर्मा, नवीन धवन बंटी, टाइगर एवं जीतू पार्षद, महेन्द्र यादव, डाॅ0 राजवर्धन जाटव आदि शामिल है।

सीतापुर में आनन्द भदौरिया एमएलसी, रामपाल राजवंशी पूर्व मंत्री, अनिल वर्मा, मनीष रावत, दिग्विजय सिंह देव, की गिरफ्तारी हुई। बाराबंकी में राजेश यादव, सुरेश यादव विधायक, गौरव रावत विधायक गिरफ्तार हुए। अरविन्द सिंह गोप पूर्वमंत्री को घर में ही नज़रबंद कर दिया गया। लखीमपुर में पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा सहित बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

प्रयागराज में एमएलसी रामवृक्ष यादव, विनोद चंद दुबे, अयोध्या में पूर्व विधायक जयशंकर पाण्डेय एवं पवन पाण्डेय तथा अभय सिंह की गिरफ्तारी हुई। गाजियाबाद में एनएच-9 पर समाजवादी पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। कानपुर में विधायक अमिताभ बाजपेयी तथा इरफान सोलंकी गिरफ्तार किए गए। मुरादाबाद में सांसद एसटी हसन, विधायक हाजी इकराम कुरैशी, हाजी रिजवान तथा नवाब जान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

मैनपुरी में पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव, बृजेश कठेरिया, राज कुमार सिंह विधायक तथा पूर्वमंत्री श्री आलोक शाक्य की गिरफ्तारी हुई। अलीगढ़ में पूर्व विधायक राकेश कुमार सिंह, इटावा में पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, अंशुल यादव जिला पंचायत अध्यक्ष, औरैया में प्रदीप यादव पूर्व सांसद, विनोद यादव पूर्व विधायक, चित्रकूट में पूर्व विधायक श्री वीरसिंह पटेल, बस्ती में पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी एवं पूर्व विधायक रामललित चौधरी की गिरफ्तारी हुई है। जौनपुर में विधायक शैलेन्द्र यादव ललई, जगदीश सोनकर, लकी यादव, लाल बहादुर यादव, पूर्व विधायक श्रीमती श्रद्धा यादव एवं लल्लन प्रसाद की गिरफ्तारी हुई।

कुशीनगर में पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, सिद्धार्थनगर में पूर्व विधानसभाध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व सांसद आलोक तिवारी तथा पूर्व विधायक श्री विजय पासवान एवं लालजी यादव, चंदौसी में पूर्व सांसद राम किशुन, सुल्तानपुर में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक अनूप साण्डा, हमीरपुर में अम्ब्रेश कुमारी विधायक, गाजीपुर में पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह, राधेमोहन पूर्व सांसद तथा वीरेन्द्र यादव विधायक तथा रायबरेली में विधायक मनोज पाण्डेय, आशा किशोर पूर्व विधायक, राम लाल अकेला एवं श्याम सुन्दर भारती, इं0 बीरेन्द्र यादव और गोरखपुर में विजय प्रताप यादव पूर्व विधायक अम्बेडकरनगर में श्री राममूर्ति वर्मा पूर्व मंत्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

उन्नाव में एमएलसी सुनील सिंह साजन, पूर्व विधायक उदयराज यादव, बदलू खां, मनीषा दीपक एवं सुरेश पाल ने धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। महाराजगंज में विनोद मणि त्रिपाठी एवं आमिर हुसैन, गोरखपुर में विजय प्रताप यादव, जियाउर इस्लाम ने गिरफ्तारी दी। फर्रूखाबाद में नदीम फारूखी, बरेली में सुल्तान बेग, महिपाल यादव, अताउर्रहमान, श्रावस्ती में सर्वजीत यादव, संतकबीरनगर में गौहर अली खान, गाजियाबाद में राशिद मलिक, गौतमबुद्धनगर में वीरसिंह यादव ने साथियों के साथ धरना दिया। उनकी गिरफ्तारी भी हुई।

शाहिद मंजूर मेरठ में विधायक रफीक अंसारी को घर में नज़रबंद किया गया। हाजी तराबुद्दीन बेहोश हो गए। राजपाल सिंह, अतुल प्रधान भी गिरफ्तार किए गए। हरदोई में डाॅ0 राजपाल कश्यप ने धरना दिया। पुलिस ने गिरफ्तार किया। मुजफ्फरनगर में प्रमोद त्यागी तथा बुढ़ाना के ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह गिरफ्तार किए गए। कानपुर देहात में कमलेश दिवाकर, मिथलेश कटियार की गिरफ्तारी हुई। सर्व बादल यादव, अमजद अली, हिमायत अली तथा अब्दुल रब भी आज धरना प्रदर्शन में सक्रिय रहे। फिरोजाबाद में एमएलसी दिलीप यादव धरना में शामिल हुए। छपरौली बागपत में अनुज पंवार गिरफ्तार हुए।

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