एक बच्चा एक परिवार के सदस्य के साथ-साथ राष्ट्र की अमूल्य धरोहर- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवन्तीबाई महिला चिकित्सालय में बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर पल्स पोलिया अभियान का शुभारम्भ किया।प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित होने वाले सघन पल्स पोलियो अभियान में 05वर्ष आयु के लगभग 03 करोड़ 40 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी जाएगी।आज 01 लाख 10 हजार से अधिक बूथों पर 0-5वर्ष तक के बच्चों को पोलियो खुराक पिलायी जा रही है।नवजात शिशुओं सहित 05 वर्ष की आयु तक केसभी बच्चों को बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं, जिससे देश व प्रदेश को पोलियो मुक्त रखा जा सके।विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 27 मार्च, 2014 को भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा दिया गया।प्रदेश की मेडिकल टीम ने पूरे मनोयोग से कार्य किया,जिससे कोविड-19 पर प्रभावी अंकुश लगा।वर्तमान राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने का कार्य किया।


लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां वीरांगना अवन्तीबाई महिला चिकित्सालय में बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर पल्स पोलिया अभियान का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि पोलियो के प्रति थोड़ी सी लापरवाही बच्चे के भविष्य को अपाहिज बना देती है। एक बच्चा एक परिवार के सदस्य के साथ-साथ राष्ट्र की अमूल्य धरोहर भी होता है।

प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित होने वाले सघन पल्स पोलियो अभियान में 0-5 वर्ष आयु के लगभग 03 करोड़ 40 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी जाएगी। आज 01 लाख 10 हजार से अधिक बूथों पर 0-5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो खुराक पिलायी जा रही है। अभियान के दूसरे दिन से लेकर छठे दिन तक लगभग 69 हजार टीमें घर-घर भ्रमण कर, प्रथम दिन पोलियो खुराक न ले पाने वाले, बच्चों का पोलियो टीकाकरण करेंगी।

नवजात शिशुओं सहित 05 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों को बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं, जिससे देश व प्रदेश को पोलियो मुक्त रखा जा सके। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 27 मार्च, 2014 को भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया के तीन देश-पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा नाइजीरिया पोलियो संक्रमित हैं। इसलिए भारत के पोलियो मुक्त घोषित हो जाने के बाद भी, पोलियो संक्रमित देशों से पुनः इस बीमारी के संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग पिछले एक वर्ष पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोविड-19 से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मेडिकल टीम ने पूरे मनोयोग से कार्य किया है। जिसका परिणाम है कि कोविड-19 पर प्रभावी अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में गम्भीरता से कार्य किया गया है। देश में 02 कोरोना वैक्सीन बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री जी वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से कार्य करते हैं। इसलिए भारत कई देशों को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति भी कर रहा है।

वर्तमान राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने का कार्य किया गया है। आजादी से वर्ष 2016 तक प्रदेश में मात्र 12 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं पिछले 04 वर्षों में प्रदेश में 31 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य चल रहा है। जिला अस्पतालों का विस्तारीकरण किया गया है। सभी जनपदों में ए0एल0एस0 एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

प्रदेश में जब कोरोना का पहला मामला आया था। तब यहां जांच की सुविधा नहीं थी। वर्तमान में प्रतिदिन 01 लाख 75 हजार कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं। सभी जनपदों में वंेटीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही, इसको ऑपरेट करने की ट्रेनिंग भी दी गई है।इस अवसर पर न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि पोलियो दुनिया के लिए अभिशाप है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कोविड का बेहतर प्रबन्धन किया गया है। जिसकी सराहना अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर, वीरांगना अवन्तीबाई महिला चिकित्सालय की सी0एम0एस0 सुधा वर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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