जिलाधिकारी ने प्रोवेशन अधिकारी को दी चेतावनी: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने पी0सी0वी0 वैक्सीन कार्यशाला का किया उद्घाटन,जनपद में 08 अगस्त से विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर पीसीवी वैक्सीन एक साल के बच्चों को निःशुल्क लगायी जायेगी-जिलाधिकारी,वन स्टाफ सेन्टर में शिकायतों के निस्तारण का स्पष्ट उल्लेख न होने पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोवेशन अधिकारी को चेतावनी जारी की। 

प्रतापगढ़, जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार ने आज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में पी0सी0वी0 (न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन) वैक्सीन की दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ को सम्बोधित करते हुये कहा कि यह वैक्सीन 01 अगस्त 2020 तक जनपद में आ जायेगी। इस वैक्सीन के सम्बन्ध में जनपद स्तर, ब्लाक स्तर में प्रशिक्षण के उपरान्त 08 अगस्त से जिले में सत्रों पर 01 वर्ष के छोटे बच्चों को 03 डोज में दी जायेगी। प्रथम डोज बच्चे के डेढ़ माह पूर्ण करने पर, द्वितीय डोज साढ़े तीन माह एवं तृतीय बूस्टर डोज 9 माह के बच्चों को दी जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि छोटे बच्चों के मृत्यु का कारण निमोनिया है, वर्ष 2015 के अनुमान के अनुसार भारत में 1000 नवजात शिशुओं में से 7 बच्चों की निमोनिया से मृत्यु हो जाती थी जिसका मुख्य कारण स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया होता था।

पी0सी0वी0 वैक्सीन (न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन) न्यूमोकोकस वैक्टीरिया से होने वाली निमोनिया एवं अन्य बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है। इस वैक्सीन के इस्तेमाल से बच्चों में निमोनिया की बीमारी एवं बाल मृत्युदर में काफी कमी आयेगी। पी0सी0वी0 वैक्सीन काफी महेंगी है जो अभी तक प्राइवेट चिकित्सकों के पास ही उपलब्ध थी जिसे भारत सरकार द्वारा अब से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान मुफ्त में उपलब्ध करायी जायेगी। पूर्व के चरणांं 2017 में उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में यह वैक्सीन प्रारम्भ की जा चुकी है अब जनपद के 56 जिलों में 08 अगस्त 2020 से प्रारम्भ की जायेगी। कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, डा0 आलोक कुमार डब्लू0एच0ओ0 सर्विलांस मेडिकल आफिसर, डा0 सी0पी0 शर्मा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, यूनीसेफ के प्रतिनिधि एवं ब्लाकों से आये चिकित्सा अधीक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला के उपरान्त जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय में वन स्टाफ सेन्टर का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायत पंजिका का अवलोकन किया तो यह तथ्य प्रकाश में शिकायत पंजिका में शिकायतकर्ता का नाम अंकित था लेकिन उसके शिकायत के निस्तारण के सम्बन्ध में कुछ भी स्पष्ट नही लिखा था, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये जिला प्रोवेशन अधिकारी रन बहादुर वर्मा को चेतावनी जारी करने के लिये निर्देशित किया और कहा कि शिकायत निस्तारण के सम्बन्ध में स्पष्ट उल्लेख किया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि वन स्टाफ सेन्टर का नाम दरवाजे के सामने बड़े अक्षरों में अंकित किया जाये जिससे आने जाने वाले लोगों को इसके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हो सके।

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