जनपद गाजियाबाद, मोदीनगर में निर्माणाधीन उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल काॅलेजों तथा अस्पतालों में लिक्विड आक्सीजन के उत्पादन के लिए 400 किलो लीटर जल कतिपय शर्ताें के अधीन प्रतिदिन उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने जनपद गाजियाबाद, मोदीनगर में निर्माणाधीन डध्ै प्छव्ग् ।प्त् च्त्व्क्न्ब्ज्ै च्तपअंजम स्पउपजमक ब्वउचंदल को उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल काॅलेजों तथा अस्पतालों में लिक्विड आॅक्सीजन के उत्पादन के लिए ऊपरी गंगा नहर के कि0मी0 150.580 पर निवाड़ी निरीक्षण भवन, मोदीनगर, गाजियाबाद के समीप से 400 किलो लीटर (0.2 क्यूसेक) जल कतिपय शर्ताें के अधीन प्रतिदिन उपलब्ध कराये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।पत्र दिनांक 25.02.2019, जिलाधिकारी, गाजियाबाद के माध्यम से मेरठ खण्ड गंगा नहर, मेरठ के कार्यालय में दिनांक 07.03.2019 को प्राप्त हुआ। डध्ै प्छव्ग् ।प्त् च्त्व्क्न्ब्ज्ै एक प्राईवेट कम्पनी है, जो लिक्विड आॅक्सीजन उत्पादित करेगी। ऊपरी गंगा नहर के कि0मी0 150.580 (निकट-मोदीनगर) से 0.2 क्यूसेक पानी प्रतिदिन उपलब्ध कराने की मांग की गयी है।

भूमिगत जल (ग्राउण्ड वाटर) एन0सी0आर0 रीजन में एन0जी0टी0 द्वारा रोक लगाये जाने पर उपलब्ध नहीं हो सकता है। अतः सतही जल की आवश्यकता होने के कारण ऊपरी गंगा कैनाल से उक्त पानी की मांग की जा रही है। इस पानी की बचत हेतु राइट भोला रजवाहे में 490 मीटर सी0सी0 लाइनिंग का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है।

सी0सी0 लाइनिंग एवं आवश्यक सम्प वेल/टैंक के निर्माण हेतु धनराशि 73.18 लाख रुपये (ळैज़्ब्मदजंहम सहित) फर्म द्वारा सिंचाई विभाग को उपलब्ध करायी जाएगी। द्वारा लगभग 100.00 करोड़ रुपये का निवेश कर फैक्ट्री का निर्माण कर लिया गया है, किन्तु निवेश से पूर्व सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की अनुमति/सहमति उक्त सतही पानी हेतु प्राप्त नहीं की गयी है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा फर्म को गोरखपुर, कानपुर, मेरठ एवं आगरा जैसे शहरों में राजकीय मेडिकल काॅलेज तथा अस्पतालों में लिक्विड आॅक्सीजन की आपूर्ति का कार्य एवार्ड किया गया। फर्म द्वारा 150 टन प्रतिदिन लिक्विड आॅक्सीजन उत्पादित की जाएगी।

एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर शासन द्वारा तथा फर्म के एम0डी0 के मध्य किया जाएगा तथा यह मात्र 10 वर्ष के लिए मान्य होगा, उसके उपरान्त एम0ओ0यू0 पुनरीक्षित किया जाएगा तथा दरें भी उ0प्र0 जल प्रबन्धन एवं नियामक आयोग ;न्च्ॅंडत्मब्द्ध द्वारा समय-समय पर संशोधित की जाएंगी।

फर्म द्वारा उ0प्र0 जल प्रबन्धन एवं नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रायल्टी/जल मूल्य 100.00 लाख रुपये प्रति क्यूसेक/प्रतिवर्ष की दर से 20.00 लाख रुपये एवं अतिरिक्त जल मूल्य/जल कर 208.00 प्रति हजार घनफुट की दर से 13.12 लाख रुपये प्रतिवर्ष देय होगा। इस प्रकार फर्म द्वारा कुल 33.12 लाख रुपये सिंचाई विभाग को प्रतिवर्ष देय होगा।

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