योगी ने किया युवाओं और बेरोजगारों के साथ विश्वासघात और धोखा- अजय कुमार लल्लू

  1. आज उ0प्र0 विधानसभा में बजट प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने फिर एक बार गलत बयानी और झूठ का सहारा लिया ।
  2. गन्ना बकाये के भुगतान के बारे में मुख्यमंत्री जी का बयान झूठ और किसानों के साथ छलावा।
  3. उ0प्र0 की जनता की आमदनी बढ़ाने के बारे में दिया गया बयान प्रदेश की परेशान हाल जनता के जख्मों पर नमक रगड़ने जैसा।
  4. बेरोजगारी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का बयान युवाओं और बेरोजगारों के साथ विश्वासघात और धोखा।
बृजेन्द्र कुमार सिंह

लखनऊ – अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज विधानसभा में बजट प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जी ने जो-जो तर्क और तथ्य सदन में रखे वह पूरी तरीके से झूठ, गुमराह करने वाला और सदन की गरिमा को तार-तार करने वाला बयान है। मुख्यमंत्री जी ने अपने झूठ से प्रदेश की मंहगाई, बेरोजगारी, बदहाल कानून व्यवस्था से त्रस्त जनता का अपमान किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का सदन में यह बयान कि 98.7 प्रतिशत गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कर दिया गया है पूरी तरीके से झूठ का पुलिन्दा है। उन्होने कहा कि जहां पहले से ही लाखों किसानों का पिछले सत्र का गन्ना मूल्य बकाया पड़ा है वहीं मौजूदा सत्र के 15 फरवरी तक सरकार गन्ना की खरीद 00.00 मूल्य पर कर रही थी तथा 15 फरवरी को सरकार ने यह तय किया कि गन्ना मूल्य वही रहेगा जो पिछले सत्र में दिया गया था। ऐसे में सरकार किस रेट से और किस प्रकार गन्ना किसानों के मूल्य का भुगतान कर रही थी? मुख्यमंत्री जी ऐसा बोलकर हमारे परेशान हाल किसानों का मजाक उड़ाया है जिनका करोड़ों रूपये गन्ना मिलों पर बकाया है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह कहना कि हमने उ0प्र0 की जनता की प्रति व्यक्ति आय 2017 के मुकाबले दुगुनी कर दी है, हास्यास्पद है। सच तो यह है कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार हमारे प्रदेश की 65 प्रतिशत से ऊपर जनता अपने बच्चों की स्कूल की फीस नहीं जमा कर पा रही है और 40 प्रतिशत से ऊपर लोग रसोईगैस के बढ़े बेतहाशा मूल्य के चलते रसोईगैस नहीं खरीद पा रहे हैं।

वहीं केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लगाये गये भारी टैक्स के चलते डीजल और पेट्रोल के दाम ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गये हैं परिणाम स्वरूप आम जरूरत की चीजों के भाव दुगुना और तिगुना बढ़ गये हैं और आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। प्रदेश के 3 लाख 60 हजार से अधिक वित्तविहीन शिक्षक पिछले 10 महीने से या तो वेतन नहीं पा रहे हैं या तो आधा या एक चैथाई वेतन में गुजारा करने को विवश हैं। यही हाल सरकार के सरकारी, अर्धसरकारी, जनकल्याणकारी योजनाओं में कार्यरत कर्मचारी पिछले 6 महीनों से वेतन न मिलने से एक-एक पाई के लिए मोहताज हैं।  ऐसे में मुख्यमंत्री जी या तो प्रदेश की 24 करोड़ जनता की पीड़ा को समझना नहीं चाहते या जानबूझकर प्रदेश की जनता का मजाक उड़ा रहे हैं।  

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने अपने बजट का झूठा बखान करते हुए कहा कि जो मैं तथ्य प्रस्तुत कर रहा हूं वह आंकड़ें देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों ने जारी किए हैं। उन्होने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी को याद दिलाना चाहता हूं कि 46 वर्ष के इतिहास में बेरोजगारी दर प्रदेश में सर्वाधिक है, यह भी सरकारी और प्रतिष्ठित संगठनों का आंकड़ा है जिसे सदन में भाजपा सरकार द्वारा ही स्वीकार किया गया है। ऐसे में रोजगार के बारे में सदन में झूठ बोल डींग हांकना हमारे लाखों-लाख युवा बेरोजगारों जो हताशा और निराशा में रोजगार न मिलने के कारण आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं उनकी स्थिति का मजाक उड़ाना है और हमारे प्रदेश के युवाओं, बेरोजगारों का अपमान है।    

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