2021 में ओबीसी की जनगणना से परहेज क्यों – लौटन राम निषाद

10 अगस्त को वीआईपी आयोजित करेगी फूलन देवी जयंती,सेंसस 2021 में ओबीसी की जनगणना से परहेज क्यों..?


लखनऊ,29 जुलाई। वीआईपी प्रदेश कार्यालय एक बैठक आयोजित की गई। विकासशील इंसान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी लौटनराम निषाद ने बताया कि 25 जुलाई को आयोजित वीरांगना फूलन देवी शहादत दिवस कार्यक्रम को योगी सरकार द्वारा रोकने का निंदनीय कार्य किया गया।18 मंडल के 18 स्थानों पर पूर्व सांसद फूलन देवी की 18-18 फीट की प्रतिमा स्थापित करने से मुख्यमंत्री के आदेश पर जिला v पुलिस प्रशासन ने जब्तकर बाधा पहुंचाया। उन्होंने 10 अगस्त को प्रत्येक जिले में वीरांगना फूलन देवी जयंती समारोह का आयोजन व्यापक तौर पर करने का निषाद विकास संघ, वी.आई. पी. मण्डल व जिला इकाइयों को निर्देश दिया।१० अगस्त को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फूलन देवी की १०,००० मूर्तियां सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी द्वारा लगाने का निर्णय लिया है”10 अगस्त को वीआईपी आयोजित करेगी फूलन देवी जयंती ।

निषाद ने केंद्र सरकार से जानना चाहा है कि सेंसस 2021 में ओबीसी की जनगणना कराने से पहरेज क्यों कर रही है? 2018 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जनगणना विभाग के अधिकारियों की बैठक में कहे थे की2021 की जनगणना में ओबीसी विशेष रूप जनगणना करायी जायेगी, लेकिन भाजपा सरकार कांग्रेस के पदचिन्हों पर चलते हुए जनगणना प्ररूप से ओबीसी का कालम ही गायब कर दिया, उन्होंने कहा कि जब यस सी, यस टी, धार्मिक अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर्स, दिव्यांग आदि की जनगणना करायी जाती है तो ओबीसी की जनगणना से परहेज़ क्यों….?

वी.आई.पी. यूवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष साहनी ने असंवैधानिक बताया कहा की शीघ सेंसस 2001 में जातिवार जनगणना व हर स्तर पर ओबीसी को समानुपातिक कोटा की मांग को लेकर आंदोलन करेगी।उन्होंने नीट में ओबीसी के २७ प्रतिशत कोटा बहाली पर पिछड़ों के संघर्ष की जीत बताते हुए खुशी जाहिर किया।इस विकास शील इंसान पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सन्तोष सोनकर, प्रदेश सचिव मनोज यादव, युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव अनुराग सिंह यादव अन्नु, राजकुमार गौतम,आर के निषाद आदि मैजूद रहे।

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