- मुख्य सचिव ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में PET-2026 की तैयारियों सहित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
- PET-2026 को निष्पक्ष, नकलविहीन एवं सुव्यवस्थित ढंग से कराया जाए सम्पन्न।
- 60 जनपदों के 1,372 परीक्षा केन्द्रों पर 35.41 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे सम्मिलित।
- पेंशनर्स को घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा के प्रति किया जाए जागरूक।
- राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अन्तर्गत 01 से 30 नवम्बर, 2026 तक पेंशनभोगियों के लिए विशेष शिविर होंगे आयोजित।
- जल संचय-जन भागीदारी अभियान के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।
लखनऊ। मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की तैयारियों, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, जल संचय-जन भागीदारीः कैच द रेन-2026 तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन-उत्तर प्रदेश की प्रगति की समीक्षा की। प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में परीक्षा को निष्पक्ष, निर्विघ्न, शुचितापूर्ण, नकलविहीन एवं सुव्यवस्थित ढंग से सकुशल सम्पन्न कराएं। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं पूरी संवेदनशीलता, सतर्कता एवं गंभीरता के साथ सुनिश्चित की जाएं तथा तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। नोडल अधिकारियों से लेकर कक्ष निरीक्षकों तक सभी संबंधित कार्मिकों का विधिवत प्रशिक्षण एवं ब्रीफिंग कराई जाए। मण्डलायुक्त परीक्षा से पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण कराएं। परीक्षा केन्द्रों एवं कोषागारों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की सुचारू क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के साथ ही उनके माध्यम से निरन्तर निगरानी की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, प्रमुख मार्गों, होटलों एवं रैन बसेरों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा एवं पुलिस प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर ध्यान देते हुए आवश्यकतानुसार हेल्पडेस्क स्थापित की जाएं। भीड़ प्रबन्धन, यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रबन्ध किए जाएं। रेलवे स्टेशनों, बस स्टैण्डों एवं परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों तथा उनके परिजनों की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएं। साथ ही, अभिसूचना तन्त्र को सक्रिय रखा जाए। परीक्षा केन्द्रों के प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी अभ्यर्थी मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट अथवा एआई चश्मा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या आयोग द्वारा प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश न कर सके। प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर एवं 01 नवम्बर, 2026 को प्रदेश के 60 जनपदों में निर्धारित कुल 1,372 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में किया जाएगा। परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। प्रथम पाली प्रातः 10:00 बजे से मध्यान्ह 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 03:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक आयोजित होगी।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनभोगी घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पेंशनर्स को अपने स्मार्टफोन में जीवन प्रमाण एवं आधार फेस आरडी एप डाउनलोड करना होगा। उन्होंने इस तकनीक के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के निर्देश देते हुए कहा कि विशेष रूप से उन पेंशनभोगियों को लक्षित किया जाए, जो अभी तक जीवन प्रमाण पत्र मैन्युअल तरीके से जमा करते हैं, ताकि वे भी डिजिटल माध्यम को अपनाकर सरल एवं सुविधाजनक प्रक्रिया का लाभ उठा सकें।
मुख्य सचिव ने बताया कि राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अन्तर्गत 01 नवम्बर से 30 नवम्बर, 2026 तक पेंशनभोगियों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाने हैं। उन्होंने अभियान के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारी नामित करने तथा इसकी सूचना पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, भारत सरकार को समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण समयबद्ध ढंग से कराया जा सके। उन्होंने बेहतर रणनीति एवं कार्ययोजना के आधार पर शिविर स्थलों का चयन करने पर जोर दिया, ताकि अधिकाधिक पेंशनभोगियों को इसका लाभ मिल सके। शिविरों में फ्री-मेडिकल कैम्प, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने एवं पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कराने के लिए स्टॉल भी लगाए जा सकते हैं। बैठक में इससे पहले भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव श्री ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक एवं राष्ट्रव्यापी अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
जल संचय-जन भागीदारीः कैच द रेन-2026 अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जनपदों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जा चुके हैं। लक्ष्यों की व्यापकता को देखते हुए सभी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभियान की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधियों में तेजी लाने तथा कार्यों की प्रगति पर निरन्तर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि अभियान के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को प्रोत्साहन राशि (इन्सेन्टिव) दिए जाने का प्रावधान है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)-उत्तर प्रदेश की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकों में मिशन की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए स्पष्ट जवाबदेही निर्धारित की जाए। उन्होंने पात्र नागरिकों की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा/ABHA) आईडी बनाने के लिए लक्षित अभियान चलाने तथा सभी पात्र सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य पेशेवरों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) एवं हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने चिन्हित अस्पतालों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (HIS) का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अन्तर्गत ई-प्रिस्क्रिप्शन, मरीजों के प्रवेश एवं उपचार से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड, लैबोरेटरी इन्फॉर्मेशन सिस्टम (LIS) का एकीकरण तथा आभा आईडी से सम्बद्ध जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। साथ ही, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली (ORS) के माध्यम से डॉक्टर की अपॉइंटमेंट एवं भुगतान, तथा एसएमएस एवं व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन लैब रिपोर्ट प्राप्त करने की सुविधाओं के प्रति आमजन को जागरूक किया जाए, जिससे इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़े। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर संस्थानवार प्रगति का आकलन किया जाए तथा क्रियान्वयन में सामने आने वाली कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर कराया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. साबत, सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ऋतु माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।



