Social Change
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साहित्य जगत
Nishpaksh DastakAugust 8, 2026बारिश आई गाँव की,भीग उठे अरमान
बारिश आई गाँव की, भीग उठे अरमान। बूँद-बूँद में खिल उठा, बचपन का सम्मान॥ खिड़की पर बरसात ने, लिख दी…
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समाज
Nishpaksh DastakAugust 8, 2026परंपरा और संविधान के बीच संतुलन तलाशता समाज!
मोल की दुल्हन पर चुप्पी, लेकिन लव मैरिज पर पंचायत का फरमान—क्या समाज के नियम सबके लिए बराबर हैं? आखिर…
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विशेष
Nishpaksh DastakFebruary 8, 2026जाति,न्याय और लोकतंत्र : एक असहज सच्चाई
लोकतंत्र समानता और न्याय के वादे पर खड़ा होता है, लेकिन भारतीय समाज की ज़मीन पर जाति की सच्चाई इस…
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