योगी जी की दंगाई छवि के कारण प्रदेश में निवेश नहीं हुआ- शाहनवाज़ आलम


इंवेस्टर समिट में खर्च हुए 650 करोड़ रुपए योगी जी को भाजपा कार्यकर्ताओं से चन्दा ले कर राजकोष को लौटा देना चाहिए। अगर योगी जी का डीएनए टेस्ट हो जाए तो वो गोडसे के डीएनए से मिल जाएगा।

लखनऊ। अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमन्त्री की दंगाई छवि के कारण ही किसी भी बाहरी निवेशक ने प्रदेश में निवेश नहीं किया। जबकि 2018 में योगी जी ने 650 करोड़ करोड़ की लागत से लखनऊ में इंवेस्टर समिट किया था। जनता के इस पैसे की बर्बादी के लिए योगी जी को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और उन्हे अपने भाजपा कार्यकर्ताओं से चंदा ले कर वो राशि राजकोष में जमा करानी चाहिए।

गौरतलब है कि मुख्यमन्त्री ने पिछले दिनों गोरखपुर में दावा किया था कि पहले हर साल दंगा होता था इसलिए कोई भी यूपी में निवेश नहीं करता था।शाहनवाज़ आलम ने कहा कि उस समिट में शामिल विदेशी उद्योगपतियों में यह धारणा है कि योगी जी समाज को बाँटने और अस्थिरता पैदा करने में ज़्यादा दिलचस्पी रखते हैं। वे अर्थव्यवस्था की समझ नहीं रखते। इसीलिए 4.30 ट्रिलीयन का एमओयू साइन करने के बावजूद किसी ने भी एक रूपये का भी निवेश नहीं किया।

मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के विवादित बयान कि जो जय श्री राम नहीं बोलेगा उसके डीएनए पर शक है को शाहनवाज़ आलम ने मुर्खतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अगर योगी जी का डीएनए टेस्ट हो जाए तो सबसे बड़े राम भक्त महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे से उनका डीएनए मिल जायेगा। गोडसे और योगी का डीएनए एक है।

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