राजेन्द्र चौधरी
भाजपा सरकार की भ्रष्ट नीतियों के कारण नदियों की हालत खराब है। नदियों में गंदगी जा रही है। सफाई नहीं है। लखनऊ में गोमती गुम होती जा रही है। समाजवादी पार्टी की सरकार में गोमती नदी समेत प्रदेश की अन्य नदियों की सफाई और निर्बाध प्रवाह के लिए कई काम हुए। गोमती नदी पर विश्वस्तरीय रिवर फ्रन्ट बनाया गया। नदी को साफ सुथरा बनाया गया। शहर के नाले का पानी नदियों में न गिरे उसके लिए व्यवस्था की गयी थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने नदियों की सफाई के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया था। गोमती रिवर फ्रन्ट नदियों की सफाई के लिए एक मॉडल है। लेकिन भाजपा सरकार ने सब बर्बाद कर दिया। गंदे नाले नदी में जा रहे है। आज गोमती नदी अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है। नदी में पानी नहीं है। जगह-जगह अवरोध है। नदी का प्रवाह रुक गया है। गोमती नदी जगह-जगह सूख गयी है। इसी तरह से प्रदेश में अन्य नदियों का बुरा हाल है। भाजपा सरकार की गलत नीतियों से प्रदेश में जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण समेत अन्य समस्यायें विकराल रूप धारण कर रही है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। नदियों की सफाई के लिए बजट में भारी लूट हुई।
READ ALSO:ललितपुर को 1,766 करोड़ की सौगात
भाजपा सरकार ने माँ गंगा की सफाई का झूठा वादा किया। हजारों करोड़ रूपये का बजट खर्च हो गया लेकिन गंगा नदी की स्थिति जस की तस है। तमाम शहरो में जगह-जगह गंदे नाले गंगा नदी में गिर रहे है। भाजपा सरकार सिर्फ कागजों पर नदी की सफाई कर रही है। इसी तरह का हाल यमुना नदी का है। भाजपा की डबल इंजन सरकारें बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन गंगा, यमुना, गोमती, काली नदी समेत अन्य नदियों की दुर्दशा है। इसका बुरा असर नदियों के आस-पास रह रहे लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जल जीवों का बुरा हाल है।
भाजपा सरकार में केवल भ्रष्टाचार हो रहा है। विकास और जन स्वास्थ्य का कोई काम नहीं हो रहा है। बजट साफ हो गया, लेकिन नदियों की सफाई नही हो पायी। 2027 में प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से हटा कर उसके भ्रष्टाचार का अंत करेगी। समाजवादी पार्टी की सरकार में नदियों की सफाई का नया अभियान चलेगा। गोमती रिवर फ्रन्ट के मॉडल पर प्रदेश की अन्य नदियों की साफ-सफाई होगी। उन्हे प्रदूषण मुक्त किया जाएगा।



