अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन National Book Festival inaugurated under Amrit Mahotsav

अमृत महोत्सव के तहत गोमती रिवरफ्रण्ट पार्क में राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन आज। प्रधानमंत्री ने ”पीएम युवा मेंटरशिप योजना” शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास शुरू किया। गोमती पुस्तक महोत्सव में हस्ताक्षर अभियान का भी कार्यक्रम।

लखनऊ। मण्डलायुक्त डा0 रोशन जैकब ने आज 75वीं अमृत महोत्सव के अर्न्तगत गोमती रिवरफ्रण्ट पार्क में राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन आज फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से आज 29 अक्टूबर से 06 नवम्बर 2022 गोमती रिवरफ्रण्ट पार्क में पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन लखनऊ विकास प्राधिकरण व प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया है।मण्डलायुक्त ने कहा कि  शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत मा0 प्रधानमंत्री जी ने ”पीएम-युवा मेंटरशिप योजना” लागू कर ”भारत का राष्ट्रीय आंदोलन” विषय पर आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा की। इस योजना के अनुसार इस प्रतियोगिता के माध्यम से 30 वर्ष से कम आयु के युवा लेखकों के लिए लायी गयी छात्रवृत्ति सह-मंेटरशिप योजना के लिए 75 लेखकों का चयन किया जाना था।


मण्डलायुक्त ने कहा कि अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन 01 जून से जुलाई 2021 तक मायगॉव और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया था। 22 आधिकारिक भाषाओं और अंग्रेजी में लगभग 16000 प्रविष्टियां पूरे देश से प्राप्त हुई थीं, जिनमें कुछ भारतीय प्रवासी समुदाय से भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी ने ”मन की बात” संबोधन के दौरान, कहा था ”मैं अपने युवा मित्रों से हमारे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने क्षेत्रों की वीरता की कहानियों के बारें में लिखने का आह्मन करता हूं।” उन्होंने कहा कि इसके बाद युवा लेखकों के लिए पीएम-युवा मेंटरशिप योजना को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के साथ शुरू किया था। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास को इस योजना कार्यान्वयन हेतु एजेंसी नियुक्त की गयी है।


मण्डलायुक्त ने कहा कि पुस्तक महोत्सव में 6 दिन तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें बच्चों, लेखकों आदि द्वारा हस्ताक्षर अभियान का भी कार्यक्रम रखा जायेगा, जो लखनऊ संस्कृति की एक लम्बी परम्परा में गिना जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक महोत्सव में हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी तथा अन्य भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध है, अधिक से अधिक जनपदवासी अपने बच्चों के साथ अवलोकन कर इसका लाभ उठायें।राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ट्रस्ट्री/पूर्व अपर मुख्य सचिव डा0 अनीता भट्नागर जैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि बच्चों में पढ़ने की आदत डालें, युवाओं में भी पढ़ने की आदत पड़ना बहुत जरूरी है। पढ़ने से एक सोच विकसित होती है। जो पढ़ता है वही बढ़ता है विज्ञान से जितना विश्वास की चीज है साहित्य उतना ही संवेदनशील है। पढ़ने से व्यक्ति संवेदनशील बनता है और साथ ही सोच भी बढ़ती है।


नेशनल बुक ट्रस्ट इण्डिया के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत सरकार के मानव  संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन स्वायतशासी संगठन है। इसकी स्थापना 1947 में हुई थी। इसका कार्य प्रकाशन पुस्तक पठ्न को प्रोत्साहन, विदेशों में भारतीय पुस्तकों को प्रोत्साहन लेखकों और प्रकाशकों को सहायता, बाल साहित्य को बढ़ावा देना आदि है। उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों के अर्न्तगत हिन्दी, अंग्रेजी तथा अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं एवं ब्रेनलिपि में पुस्तकें प्रकाशित करता है। यह एक दूसरे वर्ष नई दिल्ली में विश्व पुस्तक मेले का आयोजन कराता है। जो एसिया और अफ्रीका का सबसे बड़ा पुस्तक मेला है। जो प्रतिवर्ष 14 से 20 नवम्बर तक राष्ट्रीय पुस्तक सप्ताह मनाया जाता है।इस अवसर पर डा0 गोविन्द प्रसाद शर्मा अध्यक्ष न्यास, चन्द्र प्रकाश सदस्य न्यास, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, लेखक यतेन्द्र मिश्रा के अतिरिक्त लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इन्द्रमणि त्रिपाठी व नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह, बड़ी संख्या में लेखक, कवि व स्कूली विद्यार्थी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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