विधान सभा की कार्यवाही एवं गुणवत्ता बढ़ाये-हृदय नारायण दीक्षित


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मंगलवार, दिनांक 17 अगस्त, 2021 से प्रारम्भ हो रहे मानसून सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु सभी दलीय नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया। विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संसदीय कार्यमंत्री,सुरेश कुमार खन्ना सहित सभी दलीय नेताओं ने अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया।बैठक में सदन के नेता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधान मण्डल की कार्यवाही कल से प्रारम्भ हो रही है। संसदीय परंपरा के अनुरूप वर्ष में 03 बार विधान मण्डल की बैठक का प्राविधान है। विधान मण्डल की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कोरोना महामारी के बावजूद इस परंपरा का पालन किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते भी प्रदेश की स्थिति नियंत्रण में है। देश के कुछ राज्यों में अभी भी स्थिति खतरनाक दौर में है। दुनिया के कुछ देशों में स्थिति अभी बहुत सामान्य नहीं कही जा सकती है। लेकिन देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में कोरोना महामारी नियंत्रण में है लेकिन अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए सर्तकता और बचाव के जितने उपाय हो सकते है, वह सरकार द्वारा अपनाये जा रहे है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विधान मण्डल की कार्यवाही को सकुशल सम्पन्न कर सके, इसमें विभिन्न राजनैतिक दलों की भूमिका और दलीय नेताओं का समर्थन अपेक्षित है। सरकार हर एक मद पर चर्चा कराने को तैयार है। उन्होंने दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि विधान सभा को लोकतांत्रिक ढांचे का सम्मान करते हुए चर्चा/परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए। राजनीति की अपनी जगह हो सकती है लेकिन गम्भीर और सार्थक चर्चा से लोक कल्याण का विस्तार होगा। साथ ही कार्यवाही हमारी संस्थाओं को जन विश्वास का प्रतीक भी बनायेगी। कोरोना महामारी हो या अन्य तमाम ऐसे मुद्दे हो जिनको सभी मा0 सदस्य सदन में रखना चाहते होंगे उन्हें चर्चा/परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए।


प्रदेश के अन्दर हम लोगों ने क्या कार्य किया है, आगे की क्या कार्य योजना है। इन सब पर चर्चा करने के लिए सदन की कार्यवाही निर्विध्न रूप से चल सके, इसके लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग और समर्थन अपेक्षित है। उन्होंने आश्वस्त किया की सरकार पूरी गम्भीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने और मा॰ सदस्यों के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने, विकास की योजनाओं को एक नई गति देने और आगे बढ़ाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्य कर रही है।योगी ने कहा कि सदन में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बहुत ही ऐसे सदस्यों के पास लम्बा अनुभव है। उस अनुभव का लाभ भी सदन की कार्यवाही से मिलता है। इसके लिए आवश्यक है कि एक सार्थक चर्चा/परिचर्चा का केन्द्र बिन्दु हमारी विधान सभा बन सके। इसके लिए सदन संचालन में सभी दलीय नेताओं का समर्थन अपेक्षित है। मा॰ मुख्यमंत्री ने पुनः आश्वस्त किया की सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।


अध्यक्ष ने सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादाओं के अन्तर्गत रखंे। उन्होंने कहा कि विगत सत्र के समय कोरोना की लहर से देश दुनिया व्यथित थी। मा॰ मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में विकट कोरोना के समय भी सदन चलाया गया। सदन ठीक से चला। मा॰ मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं ने संसद और विधान मण्डल को सरकार को जवाबदेह बनाये जाने के उपकरण के रूप में विकसित किया है। यह प्रदेश की जनता का स्वप्न, आशा, अभिलाषा की पूर्ति का भी अंग है। उत्तर प्रदेश विधान सभा देश के सभी विधान सभाओं से बड़ी है। हम देश के सबसे बड़े राज्य है। हम सब मिलकर देश की सभी संस्थाओं को एक संदेश दे सकते है कि उत्तर प्रदेश में विचार विमर्श के कारण बहुत प्रेय और श्रेय ढंग से सदन की कार्यवाही संचालित हो रही है।


बैठक में नेता विरोधी दल राम गोविन्द चौधरी के स्थान पर नरेन्द्र वर्मा, बहुजन समाज पाटी के नेता, शाह आलम उर्फ गुडडू जमाली, कांग्रेस पार्टी की नेता, आराधना मिश्रा ‘मोना’, अपना दल (सोनेलाल) के नेता नील रतन पटेल के स्थान पर डॉ0 लीना तिवारी एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता श्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अपने-अपने विचार प्रकट किए और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से चलाने में प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।संसदीय कार्य मंत्री, सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री की भावना के साथ-साथ सम्बद्ध करते हुए सभी दलीय नेताओं से सदन में शान्तिपूर्ण सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना की आशंका हर समय बनी हुई है। अतः सदन में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सदन संचालित किया जाए।इसके पूर्व कार्य-मंत्रणा की बैठक सम्पन्न हुई। अध्यक्ष, हृदय नारायण दीक्षित ने बताया की दिनांक 17 अगस्त से 24 अगस्त, 2021 तक घोषित कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। दिनांक 17 अगस्त, 2021 को स्व0 श्री विजय कुमार कश्यप, स्व0 सुरेश कुमार श्रीवास्तव, स्व0 रमेश चन्द्र दिवाकर, स्व0 केसर सिंह, स्व0 दल बहादुर एवं स्व0 देवेन्द्र प्रताप सिंह को शोकांजलि के बाद सदन स्थगित कर दिया जाएगा। दिनांक 18 अगस्त, 2021 को भूतपूर्व मा0 सदस्यों को शोकांजलि दी जायेगी उसके बाद अध्यादेशों एवं अधिसूचनाओं को सदन के पटल पर रखा जायेगा तथा विधेयकों के पुरःस्थापन आदि का कार्य सम्पन्न होगा। उसी दिन पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार 12ः30 बजे से अनुपूरक बजट रखा जायेगा। दिनांक 19 अगस्त को अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा एवं विनियोग विधेयक का पुरःस्थापन, विचार एवं पारण होगा। दिनांक-23 अगस्त और 24 अगस्त कोे विधायी कार्य लिये जायेंगे। बीच-2 में आवश्यकतानुसार कार्यमंत्रणा समिति पुनः बैठेगी।इस अवसर पर विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, संसदीय अनुभाग उ0प्र0 एवं विधान सभा के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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