हाईटेंशन के नीचे मिली लाश


अयोध्या जिले के तारुन थाना क्षेत्र में महिला रिश्तेदार के छत पर हाई टेंशन बिजली के तार के नीचे पांच दिन पहले पड़ी मिली दरवाजा कारोबारी अमित बर्मा की लाश का मामला हत्त्या दुर्घटना के बीच उलझा पुलिस जुटी जांच में मृतक परिजनों ने महिला रिश्तेदार पर युवक की हत्त्या कराने का लगाया आरोपहै।

राम जनम यादव

अयोध्या
तारुन थाना क्षेत्र के नेतवारी चतुरपुर गांव पंचायत के चनहा पिपरी मार्ग के किनारे पक्का मकान बनाकर बेटियो के साथ रह रही भीखीपुर झलिहा गांव पंचायत के बनिया का पूरा निवासी महिला के छत पर हाई बोल्टेज बिजली के तारों के नीचे बीते 25 अगस्त की रात संदिग्ध परिस्थितियों पड़ी मिली थोक व फुटकर दरवाजा विक्रेता अमित वर्मा के लाश मामले ने दुर्घटना व हत्त्या किये जाने को लेकर अभी एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है। युवक की मौत दुर्घटना की जगह मृतक के परिजन हत्त्या मान रहे हैं। गयासपुर चौकी क्षेत्र के देवा पट्टी के तारडीह निवासी दरवाजा कारोबारी युवक अमित वर्मा की करेंट लगने से हुई मौत की कहानी में हर तरफ छेद ही छेद दिखाई दे रहे हैं। बिजली विभाग युवक की मौत हाईटेंशन बिजली के प्रवाहित तारो से होने से पहले ही इंकार कर चुका है तो उधर मृतक अमित वर्मा के पिता हरिगेद वर्मा ने अपने बेटे की मौत दुर्घटना की जगह उसकी हत्त्या कराने का शक अपनी महिला रिश्तेदार पर जाहिर कर घटना में नया मोड़ देकर महिला के गांव सहित अन्य शक के दायरे में आये लोगों में हलचल पैदा कर दी है।


प्रकरण में इलाकाई पुलिस भले ही अभी मौन है लेकिन उसकी तीसरी आँख घटना के हर पहलू के संदिग्धों पर नजर गड़ाये हुये है।मृतक के छोटे मामा बिजय शंकर वर्मा के अनुसार दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना वाली रात कारोबारी की दुकान पर अमित सहित उसके कुछ जान पहचान के लोग रुके थे। जो बनियान व पैंट पहनकर रात 10 बजे कमरे में लेटे थे।फिर रात 11.30 बजे के करीब कपड़े पहनकर बाहर निकले है। इसके बाद दुकान का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया।अमित इन युवकों के साथ रात कहां गया और वापस नही लौटा और उसके साथी रात करीब 12.58 बजे दुकान पर वापस लौट पुनः दुकान का बंद सीसीटीवी कैमरा चालू कर दिया। फिर रात 2 बजे के बाद कारोबारी की दुकान पर मृतक के मामा सहित परिजन पहुँचे तो अमित की दुकान में ताला बंद मिला। आखिर अमित के साथ कमरे में सोये उसके दोस्त कपड़े पहनकर रात कहां गये थे।जिसमें दुकान का मैनेजर भी था। जाते समय सीसीटीवी कैमरा किसने बन्द किया फिर वापस कमरे पर पहुँचने पर किसने सीसीटीवी कैमरा फिर चालू किया।यह रहस्य अभी एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है।परिजनों का कहना है कि अमित के दोनों पैरों के कोल्हू कमर से खराब थे।जिसमें एक का ऑपरेशन हुआ था और दूसरे पैर का होना था।पैरो में विकलांगता होने के चलते अमित ज्यादा पैदल चलने में असमर्थ था।अगर अमित के पैर पैदल चलने में कम काम करते थे तो अमित रिश्तेदार महिला के छत पर कैसे पहुँचा।

मृतक अमित के पिता हरिगेद का कहना है कि रात 12 बजकर 8 मिनट पर तारावती ने अमित के बड़े मामा माहनमऊ निवासी कृपाशंकर वर्मा के मोबाइल पर लगातार कई फोन किया।लेकिन सोने के कारण फोन रिसीव नही हुआ। फिर जागने पर कृपाशंकर वर्मा ने रात 12 .25 बजे तारावती के पास फोन वापस किया तो तारावती ने बताया कि मेरे छत पर कोई चोर चढ़ गया है और घप घप की आवाज आ रही है उसे 11 हजार की लाइन पकड़ लिया है।आप अमित को मेरे घर भेज दीजिये। जब कृपाशंकर ने फोन लगाया तो अमित के मोबाइल का एक नम्बर बंद था।और दूसरे नम्बर पर फोन लगाया तो उसे अमित के मैनेजर बासुदेवपुर थाना कोतवाली बीकापुर निवासी सुजीत वर्मा ने उठाया। अमित के बारे में दुकान मैनेजर सुजीत से पूछने पर उसने अमित के बारे में अनभिज्ञता प्रकट की।तब सुजीत को तारावती के घर जाने को कृपाशंकर ने भेजा। वहां जाने पर सुजीत ने अमित की पहचान की और यह बात अमित के मामा कृपाशंकर से बताई।रात तारावती के घर अमित के मामा सहित परिजनों के पहुँचने पर पुलिस अमित की लाश अपने साथ ले जा चुकी थी।ऐसा अमित के मामा का कहना है। अमित मामले की कहानी दिनों दिन करवट बदल रही है और किसी के गले नही उतर रही है।मकान मालकिन जिस युवक को छत पर चढने से हाई वोल्टेज बिजली तारो के चपेट में आकर मरने की कहानी गढ़ रही थी।वह युवक दोनों पैरों के खराब कूल्हों की बीमारी से ग्रसित निकला। जो पैदल चलने फिरने में असमर्थ था। जिससे अब युवक की दुर्घटना में मौत की जगह हत्या किये जाने की प्रबल आशंका मृतक युवक के पिता ने जाहिर की है।

मृतक युवक के पिता हरिगेद ने शुक्रवार की सायं तारून थाने पहुंच थाना प्रभारी को शिकायती पत्र देकर तारावती पत्नी फूल चन्द वर्मा पर अपने बेटे की हत्या कराने का आरोप लगाया है।जिससे युवक की मौत की कहानी ने नया मोड़ ले लिया है।जिससे मामला अब सुलझने की जगह उलझने लगा हैं। जिस युवक के छत पर चढ़ने की कहानी गढ़ी जा रही थी। उसके दोनों पैरों के कूल्हे पहले से खराब थे।जिसमे एक का ऑपरेशन हुआ था उसमे राड पड़े थे। वह मुड़ता नही था। जबकि दूसरा पैर पूरी तरह काम नही करता था।युवक के पैरो में विकलांगता होने के वजह से उसको चलने फिरने को दिक्कत न हो इस लिए कुछ दिन पहले कारोबार देखने को परिजनों ने उसके लिए एक नई स्विफ्ट डिजायर कार खरीद कर दिया था। ऐसा पीडित पिता का कहना है।इस पूरी घटना में अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका ज़तााई जाा रही हैं। घटना के बाद राज दबाने कोकुछ लोग घटना को दुर्घटना का रूप देने पर तुले है जिनकी भूमिका संदिग्ध है। उधर शक के दायरे में आई महिला का कहना है कि उसके ऊपर हत्त्या कराने के लगाये जा रहे आरोप झूठे है।थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि प्रकरण के हर पहलू पर जांच पड़ताल की जा रही है पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।

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