जल जीवन मिशन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच कराएं-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की एपेक्स कमेटी की बैठक आयोजित। जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच थर्ड पार्टी द्वारा कराया जाये। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाये। 

लखनऊ।  राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की एपेक्स कमेटी की बैठक मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें ग्रामीण पेयजल योजनाओं तथा जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन हेतु की जा रही विभिन्न गतिविधियों आदि की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव नमामि गंगे सहित सम्बन्धित सभी अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।  अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच थर्ड पार्टी से कराई जाये।

उन्होंने कहा कि विभाग स्तर से परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा हो तथा वह स्वयं त्रैमासिक समीक्षा बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का मासिक लक्ष्य के अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाये।  इससे पूर्व बैठक का संचालन करते हुए प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1425 परियोजनाओं के माध्यम से 19.15 लाख घरों को कार्यशील गृह संयोजन उपलब्ध कराया गया है। वर्ष 2021-22 में कुल 1036 सामान्य परियोजनाएं एवं विन्ध्य तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र की 633 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उक्त के अतिरिक्त जल जीवन मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्व से संचालित पेयजल योजनाओं के माध्यम से इन योजनाओं से आच्छादित अवशेष समस्त घरों को कार्यशील जल संयोजन उपलब्ध कराये जाने हेतु रेट्रोफिटिंग के अन्तर्गत 2422 परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

वर्ष 2021-22 में 18754, वर्ष 2022-23 में 35427 तथा वर्ष 2023-24 में 36865 ग्रामों में कार्यशील गृह संयोजन के कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 22466 ग्रामों में 58.99 लाख घरों को कार्यशील गृह संयोजन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके अलावा जल जीवन मिशन में ग्राम पंचायतों में पाइप पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन, संचालन एवं अनुश्रवण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रदेश में जल जीवन मिशन की मार्ग-निर्देशिका के अनुसार 165 इम्प्लीमेन्टेशन सपोर्ट, एजेन्सी को सूचीबद्ध करते हुए जनपद आवंटित किये गये हैं।

पाइप पेयजल परियोजनाओं के निर्माण हेतु सभी 18 मण्डलों के लिए कार्यदायी संस्थाओं का इम्पैनलमेन्ट का कार्य पूरा कर लिया गया है। इम्पैनल की गई संस्थाओं द्वारा आवंटित जनपदों में कार्य प्रारंभ किया  जा रहा है। झाँसी, चित्रकूट एवं विन्ध्यांचल के जनपदों में भौतिक कार्य द्रुत गति से चल रहे हैं। शेष 15 मण्डलों के 66 जनपदों में जनपदवार एजेन्सी का चयन किया जा चुका है।  सूचीबद्ध 13 संस्थाओं को 38068 राजस्व ग्रामों की सूची उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिनमें से 6521 की डीपीआर तैयार हो गई है शेष पर कार्य तेजी से चल रहा है।

माह अगस्त तक 20,000 तथा माह अक्टूबर, 2021 तक समस्त 38068 ग्रामों का डीपीआर तैयार कर लिया जायेगा। परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा नियमित अनुश्रवण सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारियों द्वारा किया जायेगा।  जल जीवन मिशन के अन्तर्गत पाइप पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण थर्ड पार्टी द्वारा कराया जायेगा। थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए 05 एजेन्सियों का चयन किया गया है तथा इन एजेन्सियों द्वारा निर्माणाधीन एवं रेट्रोफिटिंग परियोजनाओं पर गुणवत्ता परीक्षण/सत्यापन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। 

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