मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता में

अयोध्या। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। वर्तमान सरकार की मंशा है कि उन गरीब लड़कियों की शादी जिनके माता-पिता अत्यंत गरीब है और अपने पुत्रियों का विवाह के लिए बहुत परेशान है। ऐसी पुत्रियों को चिन्हित कर उनका विवाह उस परिवार द्वारा तय रिश्ते के अनुसार ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना‘‘ में कराया जाता है तथा इस आयोजन का सम्पूर्ण व्यय सरकार द्वारा वाहन किया जाता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत लड़की (वधू) के खाते में 35 हजार रूपये आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से जमा कराया जाता है तथा शासन के द्वारा तय किये गये मानक के अनुसार वर एवं वधू को 10 हजार रूपये का उपहार भी भेंट किया जाता है। उक्त जानकारी देते हुये जिला मजिस्टेªट श्री अनुज कुमार झा ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना‘‘ के तहत 224 जोड़ों के हाथ पीले किये गये। जिसमें सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति के 125, अन्य पिछड़ा वर्ग के 55, सामान्य वर्ग के 29 तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 15 जोड़ों की शादी करायी गयी। इस कार्यक्रम के लिए शासन से 1 करोड़ 14 लाख 75 हजार रूपये मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कर लिया गया है।

उपरोक्त धनराशि का उपयोग वर्तमान वित्तीय वर्ष में कराये गये 224 जोड़ो के विवाह में कर लिया गया है, जिसमें से 78 लाख 40 हजार रूपये 224 लड़कियों के खाते में सीधे जमा कराया गया है तथा 22 लाख 40 हजार रूपये का सामान/उपहार भी वर-वधू को प्रदान किये गये, शेष धनराशि आयोजन पर व्यय किया गया। उन्होंने आगे बताया कि प्रति जोड़े पर 6 हजार रूपये भव्य कार्यक्रम के आयोजन पर शासन द्वारा धनराशि आवंटित की जाती है। अभी वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 8 माह अवशेष है इस अवधि में भी गरीब एवं असहाय माता-पिता की बेटियों का विवाह ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना‘‘ अन्तर्गत उनके परिवार द्वारा तय किये गये रिश्ते के अनुसार विवाह कराया जायेगा।

ऐसे गरीब माता-पिता जो अपनी बच्चियों का विवाह का व्यय भार उठाने में अपने को असहाय महसूस कर रहे है वे अपने पुत्री के ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना‘‘ के तहत शादी कराने हेतु अपने ब्लाक के खण्ड विकास अधिकारी अथवा जिला समाज कल्याण अधिकारी से सम्पर्क कर पंजीकृत करा सकते है।जिलाधिकारी ने आगे बताया कि ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना‘‘ वर्ष 2017-18 में शुरू की गयी थी, जिसके तहत अब तक जनपद अयोध्या में 3184 बेटियों का विवाह उक्त योजना के तहत सकुशल सम्पन्न हो चुका है, जिसमें से वर्ष 2017-18 में 168, वर्ष 2018-19 में 754, वर्ष 2019-20 में 1137, वर्ष 2020-21 में 904 तथा वर्ष 2021-22 में अब तक 224 बेटियों का विवाह कराया जा चुका है। ये संख्या और अधिक होती यदि कोरोना का संक्रमण न होता। 

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