योगी के सुशासन से यूपी बना निवेशकों की पसंद। योगी का निवेशकों को भरोसा: आप निवेश करें,सुरक्षा,सुशासन की गारंटी मेरी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा के...
पर्यावरण को लेकर विकसित देशों की दोहरी नीति पर भारत की खरी खरी। भारत को समझौता होने से पहले बयान की अनुमति ना मिलने...
झील की कोखों से जहां झांकते थे/ धूप से सोना मढ़े भाप के छल्ले वहां अब मंडराता है...
सरकारी स्कूलों में डिजिटल विभाजन को पाटना,राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) दोनों आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की वकालत करते हैं...
दिल्ली के वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए निवारक उपाय स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है...
लखनऊ। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने अदाणी पर करोड़ो के रिश्वत को लेकर अमेरिकी अदालत में लगे आरोप को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा...
सुनील कुमार महला
ब्राजील के रियो-द-जनेरियो में हाल ही में हुई G20 देशों की दो दिवसीय सालाना शिखर बैठक में भुखमरी के खिलाफ एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा। महत्वपूर्ण है कि मेजबान ब्राजील की ओर से शुरू किए गए 'भुखमरी और गरीबी के खिलाफ एकजुटता' अभियान की पुरजोर वकालत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे नई दिल्ली शिखर बैठक में फूड सिक्यॉरिटी के लिए अपनाए गए सिद्धांतों पर अमल का प्रयास बताया है। जी-20 देशों के लिए भारत बना ग्रोथ इंजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि 'पिछले 10 सालों में हमने 250 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। 800 मिलियन से ज्यादा लोगों को मुफ्त में खाद्यान्न दिया जा रहा है और 550 मिलियन लोग आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि अब 70 साल से ज्यादा उम्र के 60 मिलियन वरिष्ठ नागरिक भी मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा सकेंगे।
आज दुनिया में युद्धों के कारण खाद्य, तेल और उर्वरक संकटों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ा है, और इस संदर्भ में भारत ने वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ की आवाज सबसे प्रभावी अंदाज में उठाई है। इतना ही नहीं, ग्लोबल गर्वनेंस, क्लाइमेट चेंज, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, वित्तीय स्थिरता, द्विपक्षीय मुद्दों पर भी व्यापक चर्चाएं हुईं हैं। साथ ही, पीएम मोदी ने 'एक पृथ्वी एक परिवार एक भविष्य' को पहले जितना ही प्रासंगिक बताया है,भारत ने ग्लोबल साउथ की विभिन्न चुनौतियों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखने की भी बात कही है।
कहना ग़लत नहीं होगा कि भारत ने सतत विकास लक्ष्यों के साथ ही समावेशी विकास, महिला नेतृत्व वाले विकास और युवा शक्ति पर अपना ध्यान केंद्रित किया है और वैश्विक दक्षिण की आशाओं और आकांक्षाओं को पंख दिए हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि भारत आज जी-20 देशों के लिए एक नया ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। जी-20 देशों के लिए भारत बना ग्रोथ इंजन
ऐसे खतरों से बचने के लिए ही एटमी हथियारों के इस्तेमाल की इजाजत देना एक तरह से पश्चिमी देशों को पीछे हटने को...
सुनील कुमार महला
हाल ही में ब्राजील, रियो-दि-जानेरो में जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि संघर्षों के कारण उत्पन्न...
डॉ. नीरज भारद्वाज
इंटरनेट की इस युग में सूचनाओं की बाढ़ आ गई है, यह विचार हमें बहुत बार सुनाई देता है। विचार करें तो...
Popular Posts
राजनाथ सिंह ने गुरूद्वारा में मत्था टेका
राजनाथ सिंह ने गुरूद्वारा में मत्था टेका
Breaking News
पीएचडी: उपाधि नहीं,ज्ञान-सृजन की निरंतर यात्रा
डॉ.प्रियंका सौरभ
आज के समय में पीएचडी (Doctor of Philosophy) को लेकर समाज में अनेक धारणाएँ प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे केवल “डिग्री” मानते हैं,...
आरक्षण की बहस: समान अवसर या सियासी हथियार?
भारत में आरक्षण पर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन समय-समय पर यह मुद्दा नई परिस्थितियों और घटनाओं के कारण फिर से केंद्र में...
आंकड़ों की चमक में छुपा श्रमिकों का दर्द
देश की अर्थव्यवस्था के चमकते आंकड़े अक्सर विकास की कहानी बयां करते हैं, लेकिन इन नंबरों के पीछे छुपी हकीकत कुछ और ही है।...
आराधना मिश्रा की भाजपा और संघ को खुली चुनौती
हिम्मत है तो किसी महिला को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए भाजपा और संघ। कांग्रेस का महिला आरक्षण बिल को पूरा समर्थन, भाजपा आरक्षण देना...
नारी वंदन पर छिड़ी बहस से बढ़ा सियासी तापमान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में आज नारी वंदन को लेकर आये प्रस्ताव पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के विधान...




















