राजनीति
भारतीय राजनीति का इतिहास प्राचीन है। जिसका विवरण विश्व के सबसे प्राचीन सनातन धर्म ग्रन्थों में देखनें को मिलता है। इसकी शुरुआत रामायण काल से भी प्राचीन है। महाभारत महाकाव्य में इसका सर्वाधिक विवरण देखने को मिलता है। चाहे वह चक्रव्यूह रचना हो या चौसर खेल में पाण्डवों को हराने का।
राजनीति दो शब्दों का एक समूह है। राज+नीति राज मतलब शासन और नीति मतलब उचित समय और स्थान पर उचित कार्य करने की कला। अर्थात् नीति विशेष के द्वारा शासन करना राजनीति कहलाती है। शब्दों में कहें तो जनता के सामाजिक एवं आर्थिक स्तर सार्वजनिक जीवन स्तर को ऊँचा करना है। नागरिक स्तर पर या व्यक्तिगत स्तर पर कोई विशेष प्रकार का सिद्धान्त एवं व्यवहार है।
राजनीति किसी भी समाज का अविभाज्य अंग है। इस संगठन और सामूहिक निर्णय के किसी ढांचे के बिना कोई भी समाज जीवित नहीं रह सकता। यह प्रणाली लोकतंत्र, राजतंत्र, कुलीनतंत्र और अधिनायकवादी और अधिनायकवादी शासन हैं। अधिनायकवादी और अधिनायकवादी शासन राजनीतिक रूप से अधिक अस्थिर होते हैं। क्योंकि उनके नेता वैध अधिकार का आनंद नहीं लेते हैं। इसके बजाय भय के माध्यम से शासन करते हैं।
भारत की राजनीति ऐसी है जो आज के समय में लोकतंत्र के सबसे सहि पायदान है। भारत की राजनीति जिसमें सभी व्यक्ति को समानता अधिकार प्रदान करने के लिए चुनाव होता है। भारतीय बाजार की तरह थी लेकिन वर्तमान सरकार के वजह से अत्यधिक पारदर्शी हो गई है।
भारत की राजनीति का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। भारतीय राजनीति गंदी हो गई है। यह उस अंधेरी गुफा में फंस गई है। जहां कोई यह नहीं जानता कि कौन सच बोल रहा है। तथा कौन सही मार्ग का अनुसरण कर रहा है। सियासी दलों को पार्टी हित एक किनारे रखते हुए। इसकी गंदगी हटाने को पहल करनी चाहिए।
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