डॉक्टर-कर्मचारियों के सहयोग से हारेंगी बीमारियां-ब्रजेश पाठक


उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बलरामपुर अस्पताल में चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया।डॉक्टर-कर्मचारियों के सहयोग से हारेंगी बीमारियां।


लखनऊ। डॉक्टर-कर्मचारियों के सहयोग से हम गंभीर से गंभीर बीमारियों को हरा सकेंगे। यूपी में मरीजों को देश दुनिया में प्रचलित आधुनिक इलाज मुहैया कराया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में सुपर स्पेशिएलटी सेवाओं का विस्तार हो रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में प्राइवेट से रेफर होकर मरीज सरकारी अस्पताल आ रहे हैं। 99 फीसदी मरीज बीमारी को मात देने में कामयाब भी हो रहे हैं। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कही।उपमुख्यमंत्री ने बलरामपुर अस्पताल में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर निशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया। दवा काउंटर देखा। पर्चा काउंटर पर मरीजों से बात की। डॉक्टरों से मरीजों के इलाज संबंधी जानकारी ली। मरीजों से डॉक्टरों के व्यवहार व मुफ्त सेवाओं के हाल की जानकारी ली।

5 कालीदास लखनऊ में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ सम्मिलित हुआ।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेशवासियों को निरोगी बनाने के लिए डॉक्टर व कर्मचारियों का साथ बेहद जरूरी है। देश की सबसे बड़ी आबादी वाला प्रदेश यूपी है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी और काम का दबा दूसरे राज्यों से अलग है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि रोजाना सरकारी अस्पतालों में डेढ़ लाख से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। विभिन्न प्रकार के हादसों में चोटिल होकर 12 हजार लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। जबकि दिल, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी, कैंसर समेत दूसरी बीमारियों से पीड़ित आठ हजार मरीज इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं। रोजाना पांच हजार मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन हो रहे हैं। दवाएं और सलाह भी मुफ्त मुहैया कराई जा रही है।

मैं रोज 10 मरीजों से कर रहा हूं बात-

ब्रजेश पाठक ने कहा कि मरीजों की सेवा करें। उनके प्रति संवेदनशील रहें। मैं रोज 10 मरीजों से बात कर रहा हूं। आप सभी अधिकारी नियमित राउंड लें। मरीजों से बात करें। इससे मरीजों को मर्ज से लड़ने की ताकत मिलेगी।

गुस्से पर काबू रखने की सलाह दी-

बलरामपुर अस्पताल में प्रशासनिक मसले को लेकरउपमुख्यमंत्री ने सलाह दी। कहा गुस्से पर काबू रखें। नाराजगी से खुद का ही नुकसान होता है। यदि कोई दिक्कत है तो आप सीधे हमसे बात कर सकते हैं। मैं 24 घंटे सातों दिन फोन पर उपलब्ध हूं। मैं सभी को व्यक्तिगत जानता हूं। मुझसे कभी भी मिल सकते हैं। मुझे अपने परिवार का सदस्य व मुखिया समझे। आपकी समस्याओं को सुनकर उन्हें दूर करने का प्रयास करूंगा। सभी की भावनाओं की कद्र करें। कार्यक्रम में अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश गोयल, सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, डॉ. एमएल भार्गव समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

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