भाजपा सरकार कर रही किसानों पर अत्याचार-अखिलेश

राजेन्द्र चौधरी

लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या से शोक संतप्त परिवारों से मिलकर सांत्वना देने के लिए खीरी जा रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर ही अवैध तरीके से रोकने और उनकी गिरफ्तारी से आज पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया।अखिलेश यादव के आवास के सामने आज तड़के से ही पुलिस ने घेरा डाल रखा था। श्री यादव जब लखीमपुर-खीरी जाने के लिए निकले तो उन्हें पुलिस अधिकारियों ने रोकने की कोशिश की। तब तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी वहां आ गए थे। श्री यादव के न रूकने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ईको गार्डेन ले जाया गया जहां उनके साथ तमाम पार्टी नेता, कार्यकर्ता भी गिरफ्तारी देने के लिए जमा हो गए। उनके साथ प्रो0 रामगोपाल यादव कई मंत्रीगण तथा विधायक भी थे।


अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के साथ जुल्म हो रहा है। सरकार सच सामने नहीं आने देना चाहती। किसानों पर इतना अत्याचार और उत्पीड़न कभी नहीं हुआ जितना भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने पूरे मामले में केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री और उस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि किसानों की हत्या हुई है, दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। श्री यादव ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो, पीड़ित किसानों के परिजनों को दो-दो करोड़ रूपए मुआवजे में दिये जाए तथा घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।श्री यादव ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को किसानों के परिजनों से मिलने से रोकना हिटलरशाही है। आय दुगनी करने का वादा करने वाली यह सरकार असफल है। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ भाजपा काला कानून क्यों लाई है? सरकार के लोग किसानों को आतंकवादी और मवाली कहकर अपमानित कर रहे हैं। हम अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ जाना चाहते है तो सरकार क्यों रोक रही है? भाजपा सरकार पुलिस के माध्यम से चल रही है। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार आंदोलन को कुचलना चाहती है, इसलिए किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर कुचल दिया।समाजवादी पार्टी के सभी जिला मुख्यालयों पर इस घटना के विरोध में आज धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा गया। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका। पुलिस से कई स्थानों पर झड़पें हुई।

समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने लखीमपुर खीरी की घटना की निंदा करते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को भाजपा की तानाशाही तथा अलोकतांत्रिक रवैया बताया है। उन्होंने कहा कि सपा के प्रमुख महासचिव प्रो0 राम गोपाल यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों की गिरफ्तारी असंवैधानिक है। भाजपा सरकार कानून का शासन स्थापित करने में पूरी तरह विफल रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। भाजपा तानाशाही कर रही है। जनता की आवाज दबाई जा रही है। सरकारी मशीनरी विपक्ष का दमन कर रही है। पुलिस प्रशासन सरकार का मोहरा बन गया है।आज अखिलेश यादव और प्रो0 रामगोपाल यादव की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पूरे प्रदेश में आक्रोश आ गया। सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह विरोध धरना-प्रदर्शन होने लगे।

सत्ता का हर सितम सहते हुए भी किसानों के हक की आवाज बुलंद करते रहेंगे समाजवादी-राम गोविन्द चौधरी

बलिया में नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी सिद्धार्थनगर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, प्रयागराज में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, औरैया में डाॅ0 राजपाल कश्यप के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हुआ।नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी जी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में बलिया में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं साथ सपा जिलाध्यक्ष राज मंगल यादव जी व समाजवादी पार्टी के नेतागण कार्यकर्त्तागण।


लखनऊ इको गार्डन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ प्रमुख महासचिव प्रो0 रामगोपाल यादव अहमद हसन नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद, राजेन्द्र चौधरी, बलवंत सिंह रामूवालिया, अम्बिका चौधरी, नरेन्द्र वर्मा, राजेश यादव राजू, अन्नू टंडन, उदयवीर सिंह, रामबृक्ष यादव, आशुतोष सिन्हा, लीलावती कुशवाहा, नारद राय, गोमती यादव, अरविन्द यादव, सुशीला सरोज, राजेन्द्र यादव, जयसिंह जयंत, सुशील दीक्षित, सिद्धार्थ सिंह, अनीस राजा,विजय सिंह, राम सागर, नाहिद लारी, शीला सिंह, सहित हजारों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।

   लखीमपुर खीरी में कल भाजपाईयों द्वारा गाड़ी से कुचलकर की गयी किसानों की हत्या तानाशाही का उदाहरण है। आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव को लखीमपुर में मृतक किसानों के परिजनों से मिलने जाने से रोकना और गिरफ्तारी करना भाजपा सरकार का अलोकतांत्रिक रवैया है। प्रो0 रामगोपाल यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं हजारों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी असंवैधानिक है। भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने में पूरी तरह विफल हो गयी है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है। भाजपा सरकार तानाशाही कर रही है। जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। सरकारी मशीनरी विपक्ष का दमन कर रही है। पुलिस प्रशासन सरकारी एजेन्ट की भांति काम कर रही है।अखिलेश यादव के गिरफ्तारी के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर, लखीमपुर खीरी में प्रत्येक मृतक किसानों के परिजनों को दो करोड़ रूपये की मदद और परिवार को सरकारी नौकरी, गृह राज्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा, दोषियों को 302 के तहत तत्काल जेल भेजने की मांग को लेेकर समाजवादी पार्टी धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपेगी।


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