अयोध्या। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के सम्भाजन के सम्बन्ध में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा मा० सांसद / मा० विधायकगण एवं मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद के विभिन्न विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे मतदेय स्थलों का परीक्षण किया गया है, जहाँ मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक अथवा 300 से कम है। साथ ही भवनों की उपलब्धता एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर आवश्यकतानुसार मतदेय स्थलों के युक्तिकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर विचारोपरांत आवश्यक निर्णय लिए गए।
विधानसभा क्षेत्र 271-रुदौली में मतदेय स्थल संख्या-93 पर मतदाताओं की संख्या 1156 होने के कारण एक अतिरिक्त मतदेय स्थल स्थापित किया गया है। वहीं 273-मिल्कीपुर (अजा.) विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए मतदेय स्थलों के पुनर्समायोजन का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार 275-अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में मतदेय स्थल संख्या-377 को भवन जीर्ण-शीर्ण होने के कारण अन्य उपयुक्त विद्यालय में स्थानांतरित किया गया। 274-बीकापुर एवं 276-गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्रों के संबंध में प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों पर भी विचार किया गया।
निर्णयों के अनुसार जनपद में कुल 2193 मतदेय स्थलों में से एक नया मतदेय स्थल प्रस्तावित किया गया, जबकि मतदाताओं की संख्या एवं अन्य कारणों से 46 मतदेय स्थलों का पुनर्समायोजन किया गया। इसके उपरांत जनपद में प्रस्तावित मतदेय स्थलों की कुल संख्या 2148 निर्धारित की गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, संबंधित निर्वाचन अधिकारी तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुगम बनाने में सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।



