किसी बड़े भामाशाह से कम नहीं रहे अजमेर के मशहूर पी गंडेवीया

निधन से पहले करोड़ों की जायदाद संत फ्रांसिस अस्पताल ट्रस्ट को दान दी।किसी बड़े भामाशाह से कम नहीं रहे अजमेर के मशहूर पी गंडेवीया ।

एस0 पी0 मित्तल

यूं तो देश में बड़े बड़े दानवीर हुए हैं, लेकिन ऐसे दानवीर बहुत कम होंगे जो अपनी मृत्यु से पहले सब कुछ दान कर दे। ऐसे ही भामाशाह अजमेर के मशहूर एडवोकेट पी गंडेवीया रहे। गंडेवीया का निधन 85 वर्ष की उम्र में 17 अगस्त की रात को अजमेर के संत फ्रांसिस अस्पताल में हुआ। 18 अगस्त को पारसी परंपरा के अनुरूप सुभाष नगर स्थित कब्रिस्तान में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गंडेवीया पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे, चूंकि गंडेवीया ने विवाह नहीं किया, इसलिए उनकी देखभाल साथी वकील रमेश चंद जैन कर रहे थे। अपने गंडेवीया के रिश्तेदारों के नाम पर उनकी बहन मारुख गंडेवीया ही थी। मारुख ने भी विवाह नहीं किया था, कुछ वर्ष पहले बहन का भी निधन हो गया।

पी0 गंडेवीया ने अपने निधन से पहले करोड़ों रुपए की जायदाद संत फ्रांसिस अस्पताल को संचालित करने वाले ट्रस्ट को दान कर दी। इसमें आदर्श नगर बालू पुरा रोड स्थित बड़ा बंगाल भी शामिल है। एक समय था जब अजमेर ही नहीं बल्कि राजस्थान में वकील के तौर पर गंडेवीया की पहचान रही। 60 साल की वकालत में गंडेवीया राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य भी रहे। राजस्व प्रकरणों में सफलता दिलाने में गंडेवीया का कोई मुकाबला नहीं रहा। कई अवसरों पर सरकार ने भी गंडेवीया से कानूनी राय ली।

फर्राटेदार अंग्रेजी बोल कर गंडेवीया हाईकोर्ट में भी अपनी वकालत का लोहा मनवाते रहे। गंडेवीया ने सेवा की भावना से भी वकील का काम किया। गरीब किसानों से मुकदमे की फीस तक नहीं ली। गंडेवीया का अजमेर के स्टेशन रोड स्थित देव अम्बा कॉम्प्लेक्स में दफ्तर है। यह दफ्तर भी गंडेवीया ने अपने जूनियर वकीलों को दे गए। यानी निधन से पहले गंडेवीया ने अपने पास कोई संपत्ति नहीं रखी समाज में ऐसे भामाशाह कम ही मिलते हैं जो अपनी पूरी जायदाद दान में दे दी।

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