देश विज्ञान और टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने सीएसआईआर-सीमैप के स्थापना दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ। मुख्य सचिव ने कहा कि देश विज्ञान और टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहाहै।देश विज्ञान और टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा-मुख्य सचिव

लखनऊ।
 देश विज्ञान और टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा- मुख्य सचिव ने सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप) के स्थापना दिवस समारोह का मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि इस संस्थान मे आयोजित सीएसआईआर-सीमैप के स्थापना दिवस समारोह मे आकर बड़ी प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने सीमैप द्वारा विगत वर्षों औषधीय एवं सगंध के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कर्ष कार्य के लिए जिसमे प्रमुख रूप से औषधीय एवं सगंध पौधों की नई-नई प्रजातियों, उन्नत कृषि तकनीक व प्रसंस्करण तकनीक को विकसित कर, किसानों तक पहुँचाना शामिल है। इससे किसानों को सीधा लाभ पहुँच रहा है तथा उद्योग जगत को गुणवत्तायुक्त कच्चा माल औषधीय पौधों के रूप मे उपलब्ध हो रहा है।


        उन्होंने कहा कि आज हमारा देश विज्ञान और टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान के प्रति जनरुचि में वृद्धि हुई है। जनमानस के जीवन को सुगम बनाने के लिये वैज्ञानिकों के किये गये अनुसंधान कार्यों का लाभ मिल रहा है। अभी हाल ही में वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने वैक्सीन का इजात करके अन्य देशों में वैक्सीन को भेजा, यह एक बड़ी उपलब्धि है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान,  जय किसान’ नारा दिया था, जबकि अटल जी ने इस नारे में ‘जय विज्ञान’ को जोड़ा था और अब देश के प्रधानमंत्री जी ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, ‘जय अनुसंधान’ का नारा दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया की अगले 25 वर्षों का रोडमैप बनाएँ कि आपके अनुसंधान द्वारा किस प्रकार 25 वर्षों के बाद भी देश व आमजन मानस का उत्थान हो सके।


        सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने अतिथियों व सभागार में उपस्थित वैज्ञानिको, कर्मचारियों व शोधार्थियों का स्वागत करते हुये सीएसआईआर-सीमैप की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि सीएसआईआर-सीमैप लगभग 60 वर्षों से औषधीय एवं सगंध पौधों मे अनुसंधान एवं विकास कार्यों के अंतर्गत औषधीय एवं सगंध पौधों की उन्नत कृषि तकनीक, उन्नतशील प्रजातियां एवं प्रसंस्करण तकनीक को विकसित कर किसानों को उपलब्ध करा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुँच रहा है तथा उनकी आय दुगुनी करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

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        इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. जी. एन. सिंह ने कहा कि सीएसआईआर-सीमैप औषधीय एवं सगंध पौधों के क्षेत्र मे अतुल्य कार्य कर रहा है, जिसके अंतर्गत उन्नत प्रजातियों, उन्नत कृषि तकनीक एवं उन्नत आसवन इकाइयों का विकास किया गया है, जिससे किसानों को अच्छी गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री मिल रही है, फलस्वरूप किसानों व औषधीय एवं सगंध पौधों से जुड़े उद्योगों को लाभ हो रहा है। मेंथा की खेती से उत्तर प्रदेश ने 7000 करोड़ की इकोनामी को हासिल किया है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे डॉ. मनोज प्रसाद, वैज्ञानिक टप्प्, एनआईपीजीआर, नई दिल्ली द्वारा स्थापना दिवस व्याख्यान “फीडिंग द 10 बिलियन बाइ 2050ः ए जीनोमिक्स पर्सपेक्टिव” विषय पर प्रस्तुत किया गया।


        डॉ. प्रसाद ने बताया कि आज भारत तथा विश्व की बढ़ती जनसंख्या को आहार तथा पोषण उपलब्ध कराने मे मिलेट्स का अधिक महत्व है तथा आने वाले समय मे मिलेट्स खाद्यान्न के रूप मे अति महत्वपूर्ण भूमिका विश्व स्तर पर निभा सकते हैं। इसके साथ ही मोटे अनाजों की खेती पर ज़ोर दिया। उन्होंने सीमैप के छात्रों तथा वैज्ञानिकों को अभिभाषित करते हुए कहा कि छात्रों को सीखने, समझने, बोलने और प्रयोग करने का वातावरण ही उनकी सफलता कि कुंजी होती है। उन्होंने यह भी बताया छात्रों की सफलता ही उनके गुरु कि सफलता है। सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ द्वारा प्रकाशित सीमैप समाचार पत्र का विमोचन अतिथियों व निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उपरान्त मुख्य सचिव ने सीएसआईआर-सीमैप परिसर का भ्रमण भी किया।


         इस अवसर पर संस्थान द्वारा फूलों से निर्मित सुगंधित अगरबत्ती व कोन तकनीकी को मेसर्स प्रकृति डिवाइन इनसेन्स, गुरुग्राम, हरियाणा को हस्तांतरित की गयी तथा अनुबंध पत्र को निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप व मिस. मनीषा निगम, मेसर्स प्रकृति डिवाइन इनसेन्स द्वारा एक्सचेन्ज किया गया। इस अवसर पर स्टार्टअप के अंतर्गत मेसर्स वागले, बंगलोर ने सीएसआईआर-सीमैप द्वारा विकसित हर्बल उत्पादों जैसे लिपबाम, पॉलीहर्बल टूथ पेस्ट, एंटी डंड्रफ शैम्पू (जिरेनियम एक्टिव) हेयर ऑइल (सिम-केश), एक्ने प्रिवेंटिव फ़ेसवाश, क्लींजी (हर्बल फ़ेसवाश) उत्पादों को मार्केट करने के लिए मार्केट सीडिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। समारोह में अतिथिगण, संस्थान के वैज्ञानिक, कर्मचारी व शोधार्थी आदि उपस्थित रहे।आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह नेगी ने अतिथियों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय कुमार ने सीएसआईआर-सीमैप स्थापना दिवस के अवसर पर धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आकांक्षा सिंह ने किया। देश विज्ञान और टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा-मुख्य सचिव

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