नाबालिक के साथ दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

न्यायालय द्वारा मात्र 10 दिनों में सुनाया फैसला / जनपद में पाक्सो एक्ट के तहत सबसे कम समय में पहला फैसला इससे पहले 20 दिन में हुआ था फैसला।

अपर सत्र न्यायाधीश /विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने भूपेंद्र सिंह उर्फ भोनू निवासी किरांव थाना मऊआइमा जनपद प्रयागराज को नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (जो अभियुक्त के शेष प्राकृतिक जीवन कॉल तक के लिए कारावास )और बीस हजार अर्थदंड से दंडित किया अर्थदंड की राशि पीडिता को उसके चिकित्सीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति तथा उसके पुनर्वास हेतु प्रदान की जाएगी/ न्यायालय द्वारा लोक मामले में दिनांक 12 सितंबर 2022 को आरोपित किया गया तथा अभियोजन द्वारा दिनांक 13/9/ 22,14/9/ 22,15 /9 /22,16/9/ 22 को साक्षी गणों को साक्ष्य हेतु प्रस्तुत किया गया दिनांक 20 सितंबर 2022 को बहस सुनी गई तथा 21 सितंबर 2022 को न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दोष सिद्ध किया गया आज 22 सितंबर 2022 को न्यायालय द्वारा अभियुक्त को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए आजीवन कारावास जो कि उसकी शेष प्राकृतिक जीवन तक के लियेरहेगा तथा बीस हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया इस प्रकार न्यायालय ने मात्र 10 दिनों में उपरोक्त मामले का निस्तारण किया वादिनी मुकदमा के अनुसार वह दिनांक 10 अगस्त 2022 को अपने मायके अंतर्गत थाना कोतवाली नगर आई थी दिनांक 12 अगस्त 2022 को समय 7:30 शाम उसकी 6 वर्षीय पुत्री उसके भाई की पुत्री के साथ दावत खाने गई थी दावत खाकर वापस आते समय रास्ते में उसकी पुत्री पीडिता को एक आदमी खेत में बहला-फुसलाकर ले गया/ जब मेरी भतीजी रोते हुए घर आई और बताया तब हम लोग उसको खोजना शुरू किया तब पीड़िता को उक्त आदमी खेत में लेकर लेटा था मेरी पुत्री पीड़िता रो रही थी उसने बताया की इस व्यक्ति ने उसके पेशाब के रास्ते में उंगली डाल दी जिससे उसे दर्द हो रहा है पीड़िता के पेशाब के रास्ते में खून आ रहा था इस बीच गांव के कुछ लोग एकत्र हो गए और उस व्यक्ति से पूछा तो उसने अपना नाम भूपेंद्र सिंह निवासी किरांव थाना मऊआइमा बताया अभियोजन की तरफ से पीड़िता, उसकी मां, चश्मदीद साक्षी, डॉक्टर, प्रधानाचार्य ,विवेचक, तथा रेडियोलॉजिस्ट को साक्ष्य हेतु प्रस्तुत किया गया जिन्होंने उपस्थित होकर घटना के बारे में स्पष्ट साक्ष्य दिया अभियुक्त द्वारा अपने बचाव में उम्र के बाबत एक प्रार्थना पत्र टी सी लगाकर नाबालिक घोषित किए जाने हेतु प्रस्तुत किया गया न्यायालय द्वारा उक्त टीसी को जांच उपरांत फर्जी पाए जाने पर उक्त प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया और अभियुक्त को बालिग माना न्यायालय ने यह पाया कि दौरान विवेचना विवेचक द्वारा विवेचना में लापरवाही बरती गई है जो कतई क्षम्य नहीं है न्यायालय ने विवेचक सत्येंद्र सिंह निरीक्षक थाना कोतवाली नगर के विरुद्ध विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई करने हेतु आदेश जारी किया तथा कहा कि निर्णय की एक प्रति कार्यवाही हेतु डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस उत्तर प्रदेश को 3 दिन के अंदर प्रेषित किया जाए/ राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी ने की।

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