प्रत्येक में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन व सफलता हेतु एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना-मुख्यमंत्री

नागपंचमी का पर्व जीव जन्तु के प्रति भारतीय संस्कृति के अनुराग और उनके प्रति हम सबके मैत्री व करूणा के भाव को प्रदर्शित करने का एक माध्यम।प्रदेश के प्रत्येक गांव के युवाओं में खेल के प्रति रुचि जागृत हो, इसके लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं।प्रत्येक गांव में खेल का मैदान, ओपेन जिम का निर्माण एवं प्रत्येक जिला मुख्यालय पर स्टेडियम निर्माण के कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे।मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित परम्परागत कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह को सम्बोधित किया।बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमण्डल खेल-2022 मेें भारतीय खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे, इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की रुचि और प्रधानमंत्री जी द्वारा खेलो इंडिया के माध्यम से खेलकूद प्रतियोगिताओं का दिया गया प्रोत्साहन।प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में भाग लेने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलने वाली खेल किट की राशि को एक हजार रु0 से बढ़ाकर अब ढाई हजार रु0, आवासीय क्रीड़ा छात्रावास के खिलाड़ियों का डाइट मनी 250 रु0 से बढ़ाकर 375 रु0 प्रतिदिन किया।खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन व सफलता हेतु एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना।राज्य सरकार द्वारा खेल के विकास और प्रोत्साहन हेतु उ0प्र0 खेल विकास और प्रोत्साहन नियमावली-2020 प्रख्यापित की गयी।पहली बार राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में भारत सरकार के सहयोग से ‘एक जनपद एक खेल’ योजना के अन्तर्गत खेलो इंडिया संेटर की स्थापना की कार्यवाही को आगे बढ़ाया।खेल और खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने राज्य का पहला स्पोटर््स विश्वविद्यालय जनपद मेरठ में बनाने का निर्णय लिया और उस पर कार्य भी प्रारम्भ हो गया।अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे राजपत्रित पदों पर नियुक्ति प्रदान करने की नियमावली को प्रदेश सरकार ने स्वीकृति प्रदान की।अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, खेल रत्न व खेल के क्षेत्र में पदक पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार ने प्रतिमाह 20 हजार रु0 वित्तीय सहायता की व्यवस्था की।

गोरखपुर/लखनऊ। आज जनपद गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित परम्परागत कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्यमंत्री सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नागपंचमी का पर्व जीव और जन्तु के प्रति भारतीय संस्कृति के अनुराग और उनके प्रति हम सबके मैत्री व करुणा के भाव को प्रदर्शित करने का एक माध्यम है। नागपंचमी के अवसर पर इस कुश्ती प्रतियोगिता में स्थानीय स्तर के सभी पहलवान उपस्थित होकर यहां पर सहभागी बनते हैं। गोरखपुर कुश्ती संघ, प्रशासन के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को रोचक बनाने में अपना योगदान देता है।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव के युवाओं में खेल के प्रति रुचि जागृत हो, इसके लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं। प्रत्येक गांव में खेल का मैदान, ओपेन जिम का निर्माण एवं प्रत्येक जिला मुख्यालय पर स्टेडियम निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। आज उसी का परिणाम है कि प्रदेश में अब तक 77 स्टेडियम, 68 बहुद्देशीय हाल, 2 अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 39 तरणताल, 18 छात्रावास भवन, 14 सिन्थेटिक हाकी स्टेडियम, 03 सिन्थेटिक रनिंग ट्रेक, 02 जूडो हाल, 36 अत्याधुनिक जिम उपकरण, 19 डॉरमेट्री, 02 इन्डोर वॉलीबॉल हाल, 16 सिन्थेटिक बास्केट बॉल कोर्ट, 11 कुश्ती हॉल, 11 वेटलिफ्टिंग हॉल का निर्माण किया जा चुका है। प्रदेश में 03 स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, लखनऊ एवं इटावा में संचालित किये जा रहे हैं। नौजवानों के लिए 44 आवासीय क्रीड़ा छात्रावास प्रदेश सरकार संचालित कर रही है। इन छात्रावासों में 18 जनपदों में 16 खेलों से संबंधित प्रशिक्षण भी कुशलतापूर्वक उपलब्ध करवाने का कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुश्ती जैसे आयोजन प्राचीन काल से भारत में पराक्रम व शौर्य को प्रदर्शित करने का माध्यम रहे हैं। आधुनिक काल खंड में अनेक ऐसे पहलवानों ने कुश्ती के माध्यम से गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश व देश को एक नई पहचान दी है। बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमण्डल खेल-2022 मेें भारतीय खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की अपनी रुचि और वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से खेलकूद प्रतियोगिताओं का दिया गया प्रोत्साहन है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में भाग लेने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलने वाली खेल किट की राशि को एक हजार रुपये से बढ़ाकर अब ढाई हजार रुपये, आवासीय क्रीड़ा छात्रावास के खिलाड़ियों को भोजन, शिक्षा, प्रतियोगिता में होने वाले व्यय की बढ़ोत्तरी करके डाइट मनी 250 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिदिन किया है। आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिये 50 अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर प्रशिक्षण हेतु आबद्ध करने की स्वीकृति प्रदेश सरकार ने दी है। खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन व सफलता हेतु एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना की गयी है, जिसके अन्तर्गत खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ गेम, एशियन गेम, वर्ल्ड चैम्पियनशिप, वर्ल्डकप आदि प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों को तैयार करने तथा खिलाड़ियों के स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था की गयी है।


राज्य सरकार द्वारा खेल के विकास और प्रोत्साहन हेतु उत्तर प्रदेश खेल विकास और प्रोत्साहन नियमावली-2020 प्रख्यापित की गयी है। इसमें प्रदेश के खिलाड़ियांे के लिये तहसील, जिला, मण्डल स्तर पर प्रतियोगिता के आयोजन की व्यवस्था है। इस वित्तीय वर्ष में इस कार्य के लिये 08 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि की व्यवस्था की है। तहसील स्तर पर प्रतियोगिता के आयोजन के लिये 60 हजार रुपये, जनपद स्तर पर प्रतियोगिता के लिये 5 लाख रुपये तथा मण्डल स्तर पर प्रतियोगिता के लिये 15 लाख रुपये की व्यवस्था वर्तमान में प्रदेश सरकार ने की है।पहली बार राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में भारत सरकार के सहयोग से ‘एक जनपद एक खेल’ योजना के अन्तर्गत खेलो इंडिया संेटर की स्थापना की कार्यवाही को भी आगे बढ़ाया है। राज्य सरकार द्वारा सामान्य खिलाड़ियांे की भंाति दिव्यांगजन खिलाड़ियांे के लिये भी समस्त शासकीय सुविधा प्रदान की जा रही है। खेल और खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने राज्य का पहला स्पोटर््स विश्वविद्यालय जनपद मेरठ में बनाने का निर्णय लिया और उस पर कार्य भी प्रारम्भ हो गया है।

मुख्यमंत्री ने अनिल यादव को ‘गोरखपुर कुमार’, भगत सिंह यादव को गोरखपुर केसरी तथा जनार्दन यादव को ‘वीर अभिमन्यु’ पुरस्कार प्रदान किया।


अन्तर्राष्ट्रीय खेलों, विश्वकप चैम्पियनशिप, एशियन गेम में प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे राजपत्रित पदों पर नियुक्ति प्रदान करने की नियमावली को भी प्रदेश सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही,ओलम्पिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, विश्व कप में भी उत्तर प्रदेश के पदक विजेता  खिलाड़ियों  के लिए प्रोत्साहन हेतु पुरस्कार की व्यवस्था भी राज्य सरकार ने की है। ओलम्पिक स्वर्ण पदक में 06 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 04 करोड़ रुपये, कांस्य पदक पर 02 करोड़ रुपये एकल वर्ग में प्रदेश सरकार प्रदान कर रही है। ओलम्पिक की टीम स्पर्धा में यह राशि 03 करोड़ रुपये, 02 करोड़ रुपये व 01 करोड़ रुपये होगी। एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ करोड़ व कांस्य पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये का पुरस्कार की व्यवस्था की गयी है। इसी प्रकार ओलम्पिक में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये तथा एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 05-05 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, खेल रत्न व खेल के क्षेत्र में पदक पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार प्रतिमाह 20 हजार रुपये वित्तीय सहायता की व्यवस्था की है। इसके साथ ही संकट में आये अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 06 हजार रुपये तथा राज्य स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 04 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गयी है। सरकार द्वारा पुरुष वर्ग में लक्ष्मण पुरस्कार तथा महिला वर्ग में रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके तहत लक्ष्मण जी व रानी लक्ष्मीबाई की कांस्य प्रतिमा के साथ 3.11 लाख रुपये की नगद धनराशि दी जाती है।राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ हमारे सभी उदयमान खिलाड़ी अपने निरन्तर प्रयास और परिश्रम से प्राप्त करंेगे। आज नागपंचमी के अवसर पर ‘गोरखपुर केसरी’, ‘गोरखपुर कुमार’ तथा ‘वीर अभिमन्यु’ प्रतियोगिताआंे का आयोजन गोरखपुर कुश्ती संघ ने सफलतापूर्वक किया है। खिलाड़ी जब यहां पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करके  एक-एक नियम का पालन करते हुए इस प्रकार के आयोजन में सहभागी बनते है तो स्वाभाविक रूप से यह केवल खेल के प्रति अनुराग ही नहीं, बल्कि अपने पर्व और त्योहारों की परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए एक उचित मंच प्राप्त होता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अनिल यादव को ‘गोरखपुर कुमार’, भगत सिंह यादव को ‘गोरखपुर केसरी’ तथा जनार्दन यादव को ‘वीर अभिमन्यु’ पुरस्कार प्रदान किया।

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