अग्निपथ योजना सेना भर्ती के साथ क्रूर मजाक-प्रियंका गांधी

असमंजसपूर्ण सेना भर्ती योजना तीन-चार सालों से मेहनत और संघर्ष कर रहे युवाओं के साथ धोखा।

अग्निपथ योजना सेना भर्ती के साथ क्रूर मजाक, जो दुर्भाग्यपूर्ण और मोदी सरकार की सोची समझी रणनीति।

अग्निपथ जैसी आत्मघाती योजना देश की सीमाओं की सुरक्षा गारन्टी को खत्म कर देगी।

सत्य-अहिंसा के मार्ग पर चलकर युवाओं को आज के नकली राष्ट्रवादियों से लड़ने की जरूरत।

लखनऊ।उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आदरणीय प्रियंका गांधी वाड्रा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ केंद्र सरकार द्वारा सेना भर्ती की लायी गयी “अग्निपथ भर्ती योजना“ का विरोध कर रहे युवाओं के समर्थन में आज नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर में “सत्याग्रह आंदोलन“ के माध्यम से अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज किया।सत्याग्रह मंच से अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे आक्रोशित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप इस देश का स्वर्णिम भविष्य हो, आपमें देशप्रेम, सेवा और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर वीरता का भाव कूट-कूट कर भरा है, उस शौर्य व जज्बे का कांग्रेस पार्टी और यह देश हृ्रदय की गहराई से सम्मान करता है। गांधी ने कहा कि मैंने खुद उत्तर प्रदेश में सुबह-सुबह नौजवानों को कड़ी मेहनत और  संघर्ष करते हुए देखा है। जाड़ा-गर्मी हर परिस्थितियों में पिछले 3-4 सालों से  दौड़ रहा है, संघर्ष कर रहा है। पैरों में छाले पड़ चुकें हैं, उत्साहित वीर नौजवान आज सेना में भर्ती होने के लिए अपने आप को मजबूती से तैयार कर रहा था।

प्रियंका गांधी ने कहा पिछले 3 वर्षों से सेना में भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई है और इसके बाद अब केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ जैसी योजना लाई गई, असमंजस भर्ती योजना नें नौजवानों को पूरी तरह से निराश व हताश किया है। यह योजना सालों से तैयारी कर रहे युवाओं के साथ सरेआम धोखा है। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह यानि सत्य की लड़ाई इसी मार्ग पर चलकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने लड़ी थी और देश आजाद को आजाद कराया था।

श्रीमती गांधी ने कहा कि खून-पसीना बहाकर मेहनत करके देश की अर्थव्यवस्था को संभालने वाले किसानों के ऊपर केंद्र की मोदी सरकार तीन काले कृषि कानून थोपना चाहती थी। जीएसटी, नोटबन्दी के माध्यम से पहले ही छोटे व मझोले उद्योगों को समाप्त करने की रणनीति अपना चुकी केंद्र सरकार केवल अपने बड़े उद्योगपति साथियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने का हर अवसर ढूढती रहती है। लेकिन किसानों के अहिंसक सत्याग्रह आंदोलन की ताकत के आगे मोदी सरकार को कदम वापस लेना पड़ा।

यूपी कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि सेना की भर्ती के साथ जो क्रूर मजाक किया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण और इनकी सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। यह केवल युवाओं में देश के प्रति भरे हुए शौर्य और देश प्रेम के जज्बे को खत्म करने का कुचक्र है। यह देश के दुश्मनों का मनोबल बढ़ाने वाली और देश के मौजूदा सैनिकों का मनोबल गिराने वाली है योजना है। वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान और अदम्य साहस रखने वाली भारतीय सैन्य शक्ति को कमजोर करने का यह षड्यंत्र है। युवाओं को इन नकली राष्ट्रवादियों को समझने की जरूरत है। “अग्निपथ“ जैसी आत्मघाती योजना देश की सीमाओं की सुरक्षा की गारंटी को खत्म कर देगी।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक तौर-तरीकों, सत्याग्रह के माध्यम से युवाओं को इन छदम राष्ट्रवादियों के खिलाफ खड़े होने की जरूरत है। युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की जरूरत है, न रुकने की जरूरत है, न थकने की जरूरत है, न झुकने की। आज युवाओं के कंधे में सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि युवा पीढ़ी देश के मजबूत लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचे को बचाए रखने के लिए हर हाल में आगे आए और फासिस्टवादी ताकतों को जड़ से उखाड़ फेंके।

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