नौतपा में पड़ेगी भीषण गर्मी

नौतपा में पड़ेगी भीषण गर्मी, उसके बाद राहत के आसार।

आचार्य डॉ0 प्रदीप द्विवेदी

25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस नक्षत्र में सूर्य लगभग 14 दिन तक रहते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के आरंभ के 9 दिन अत्यधिक गर्मी पड़ती है। इसी नक्षत्र में मेघ गर्भधारण करते हैं, जो कि वर्षा ऋतु में यथा समय बारिश करते हैं। आरंभ के 9 दिन को जनसामान्य की भाषा में नौतपा कहा जाता है। सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पढ़ने से ताप की अधिकता रहती है। यदि इस दौरान जब कभी बारिश हो तथा मृगशिरा नक्षत्र में ताप अधिक हो तो बारिश की संभावना अच्छी होती है। रोहिणी नक्षत्र के साथ सूर्य और चंद्रमा की युति इस वर्ष अच्छी बारिश एवं अन्न के पैदावार को बढ़ाने वाली रहेगी।नौतपा के दौरान सूर्य की तपीश की वजह से भीषण गर्मी पड़ती है। वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं और वातावरम गर्म हो जाता है, जिससे आंधी और तुफान की स्थिति बन जाती है। ऐसे में कई इलाकों में लू का प्रकोप बढ़ जाता है। नौपता में धूल भरी आंधी और प्रचंड गर्मी लोगों का जीवन बेहाल कर देती है।

सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों तक रहता है, इस कारण गर्मी के साथ-साथ बारिश होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन सबके चलते जीवन में उथल-पुथल मच जाती है।इस कारण लोगों को समाजिक कार्यक्रमों से बचना चाहिए। सूर्य की भीषण गर्मी, धूल भरी आंधी और वर्षा की संभावना आदि को देखते हुए लोगों को शादी, विवाह जैसे शुभ और मांगलिक कार्य न करने की सलाह दी जाती है।सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में होने के कारण सूर्य की सीधे किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं। इससे पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है, साथ ही, चलने वाली तेज हवाएं, बवंडर आदि की स्थिति के चलते लोगों को दूर की यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।

नौपता में धूल भरी आंधी और प्रचंड गर्मी लोगों का जीवन बेहाल कर देती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की ऐसी स्थिति अमंगल और अशुभ संकेत देती है,इसलिए इन दिनों में कुछ भी नया कार्य शुरू करने से कई बार सोच लें। क्योंकि नौपता के दिनों में आपका की संभावना रहती है। ऐसे में किसी भी कार्य में सफलता मिलने की संभावना कम हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र में इस दौरान कई कार्य करने की मनाही है।

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