उपयोगी सिद्ध हुई खेत तालाब योजना

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”इस समाचार को सुने”]

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का ध्येय है कि प्रदेश के किसान ’खेत तालाब योजना’ का लाभ उठाते हुए अपना विकास करें। प्रदेश सरकार ने आगामी वर्षों में एक लाख खेत तालाब बनवाने का लक्ष्य रखा है, जिसको साकार करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी लगातार किसानों से सम्पर्क करते हुए तालाब बनवा रहे हैं।भूगर्भ जल में बढ़ोत्तरी, सिंचाई के लिए उपयोगी सिद्ध हुई है खेत तालाब योजना।उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अभी हाल ही में एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना का नाम “खेत तालाब योजना” रखा है। यह योजना प्रदेश के सभी किसानों के लिए है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक किसान जो अपने खेतों के आसपास तालाब बनाकर रखेंगे उन्हें राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के किसानों को सिंचाई, बुआई, बीज, खाद, कृषि उपकरण सहित लाभ पहुंचाते हुए हर स्तर पर सुविधा दे रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने किसानों को परम्परागत ढंग से सिंचाई के लिए ’’खेत तालाब योजना’’ लागू की है। यह योजना प्रदेश के सभी किसानों के लिए है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक किसान जो अपने खेतों के आसपास, बीच में तालाब बनायेगें, उन्हें राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार की इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य यह है कि बरसात का पानी जमा करा कर किसानों की खेती में सिंचाई की मात्रा को बढ़ावा देना है इससे किसानों को दोनों तरफ से लाभ प्राप्त होगा। किसान खेत में फसल की सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन भी कर सकते हैं। सरकार की खेत तालाब योजना से भूगर्भ जल में बढ़ोत्तरी भी हो रही है और किसानों की फसल में अच्छा उत्पादन भी हो रहा है।


उत्तर प्रदेश खेत तालाब योजना किसानों के लिए शुरू की गयी है। इस योजना के माध्यम से प्रत्येक किसान जो अपने खेत के सामने या बीच में, जहां बारिश का पानी ज्यादा इकट्ठा होता है अगर वहां किसान तालाब बनाते हैं, तो किसानो को इस योजना के तहत 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस तालाब को बनाने का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि बरसात के मौसम में दो चार दिन तक लगातार बारिश के समय जो बरसाती पानी फसलों को बर्बाद कर देता है, उसे तालाब बना कर इकट्ठा कराया जाए, इससे किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी और इकट्ठे पानी से किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का इस्तेमाल ज्यादा नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए मोटर सुविधाएं जो बिजली से चलती हो और वहां लाइट की सुविधा न पहुंच पा रही हो उस स्थिति में किसानों की खेती में सिंचाई के लिए पानी की सुविधा देने के लिए तालाब बनवाये जायें। ताकि किसानों को खेती में सिंचाई करने में किसी भी प्रकार की समस्या न उठानी पड़े। तालाबों में किसान बरसात एवं अन्य स्थानों से आने वाले पानी को एकत्र कर सकेंगे और अपनी फसलों को ठीक से सिंचित कर सकेंगे।


इच्छुक लाभार्थी किसान राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई, इस योजना में लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें योजना की ऑफिशियल वेबसाइट upagripardarshi.gov.in पर जाकर आवेदन करना होता है। खेत तालाब योजना के शुरू होने से वे सभी किसान जो पहले पानी की समस्या को लेकर और तालाब बनाने के लिए असमर्थ थे अब वह आसानी से योजना का लाभ उठा कर अपने खेतों में तालाब का निर्माण कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश खेत तालाब योजना भूगर्भ जल के स्तर में वृद्धि लाने में भी सहायक हो रहा है। उत्तर प्रदेश खेत तालाब योजना का लाभ लेने के लिए किसान को उत्तर प्रदेश राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। इस योजना का लाभ प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक तथा लघु सीमान्त किसानों को भी मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गयी इस योजना का लाभ परिवार में केवल एक ही किसान उठा सकता है। योजना में आवेदन वही किसान करेंगे जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो। इस योजना के अतंर्गत किसानों के पास बैंक खाता होना आवश्यक है और बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक भी होना चाहिए।

शुष्क खेती परियोजना, कृषि महाविद्यालय इन्दौर के वैज्ञानिकों का दल मालवा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का समय-समय पर भ्रमण कर क्षेत्र के किसानों द्वारा अपनाई जा रही विभिन्न कृषि पदधतियों का अध्ययन करता रहता है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य उनकी कमियों की पहचान कर उसमें वैज्ञानिक दृष्टि से अनुसंधान कर कृषकों को उन्नत तकनीक प्रदान करना है। इसका लक्ष्य किसानों की फसल पैदावार व आय में वृद्धि करना है।


वर्तमान सरकार ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में सिंचन क्षमता बढ़ाने के लिए खेत तालाब योजना का विस्तार करते हुए वर्ष 2017-18 में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 2549 खेत तालाबों एवं प्रदेश के अन्य अतिदोहित एवं दोहित जिलों में 835 खेत तालाबों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया है। इस प्रकार वर्ष 2017-18 में प्रदेश में कुल 3384 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में कुल 5000 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया। योजनान्तर्गत निर्मित खेत-तालाबों पर स्पिं्रकलर सिंचाई प्रणाली की स्थापना हेतु लघु एवं सीमांत कृषकों को 90 प्रतिशत तथा अन्य कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है। वर्ष 2019-20 में योजनान्तर्गत 5261 तालाबों का निर्माण कराया गया। वर्ष 2020-21 में 4427 तालाबों का निर्माण कराया गया। वर्ष 2021-22 में 10000 खेत तालाब निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष माह मार्च, 2022 तक 5860 खेत-तालाबों का निर्माण किया गया। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मार्च, 2022 तक 27316 से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है, जिससे किसान अपनी हजारों एकड़ फसल की सिंचाई मत्स्य पालन करते हुए, खाद्यान्न उत्पादन कर आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे है। [/Responsivevoice]

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button