भाजपा का लोकतंत्र में विश्वास नहीं-अखिलेश यादव

राजेन्द्र चौधरी

अखिलेश यादव ने कहा है कि विधान परिषद स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन 2022 के लिए 9 अप्रैल 2022 को होने वाले मतदान में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को विशेष प्रबन्ध करने चाहिए। जिस तरह से मुख्यमंत्री और दूसरे भाजपा नेता विधान परिषद की सभी सीटें जीत लेने का बयान दे रहे हैं उससे सरकार की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने पंचायत चुनावों में जिस तानाशाही से  विपक्ष के नामांकन पत्रों की लूट की उससे यह बात स्पष्ट हो गई कि भाजपा का लोकतंत्र और स्वतंत्र-निष्पक्ष निर्वाचन में तनिक भी विश्वास नहीं है। स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद चुनावों में भी भाजपा सरकार के दबाव में निर्विरोध चुनाव का नाटक किया गया है। इन घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में यह निष्कर्ष स्वतः निकलता है कि भाजपा सरकार इस चुनाव में भी धांधली से बाज नहीं आने वाली है और वह विधान परिषद में जबरन बहुमत बनाने की साजिश कर रही है।
   यह बात तो अब दिन के उजाले की तरह स्पष्ट हो गई है कि भाजपा सरकार को निर्वाचित संस्थाओं में अपना बहुमत बनाने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग करने में जरा भी संकोच नहीं है। अधिकारियों के माध्यम से ग्राम प्रधानों, बीडीसी तथा अन्य मतदाताओं को डरा-धमका कर तथा प्रलोभन देकर भाजपा सरकार अब विपक्ष मुक्त और अपना एकाधिकारी शासन उत्तर प्रदेश पर लादना चाहती है। लोकतंत्र के लिए भाजपा का यह आचरण खतरे की घंटी है। उसे अपने कुकृत्यों के लिए जरा भी लोकलाज नहीं है।लोकतंत्र की पवित्रता एवं स्वतंत्र-निष्पक्ष मतदान के लिए निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा और कल होने वाले मतदान में सत्तापक्ष को कोई धांधली नहीं करने देगा, इसकी उम्मीद करते हैं।
                         

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