उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने पकड़ी काम की रफ्तार- प्रधानमंत्री

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का जो कार्य दशकों में पूरा नहीं हो पाया, उसे 05 वर्ष के अन्दर पूरा किया गया, यह डबल इंजन की सरकार के काम की रफ्तार ।प्रधानमंत्री ने जनपद बलरामपुर में 9800 करोड़ रुपये की लागत की ‘सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना’ राष्ट्र को समर्पित की । बहुप्रतीक्षित ‘केन बेतवा लिंक परियोजना’ को कैबिनेट ने स्वीकृति दी, 45 हजार करोड़ रु0 की इस परियोजना से बुन्देलखण्ड के किसानों को लाभ प्राप्त होगा ।16 दिसंबर, 2021 से प्राकृतिक खेती के संबंधमें एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा ।सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से बाढ़ जैसी समस्याओं का समाधाननिकालने में काफी हद तक मदद मिलेगी, छोटे किसानों केलिए यह सिंचाई परियोजना लाभप्रद साबित होगी ।उ0प्र0 गन्ने से एथेनाल बनाने के कार्य में आगे बढ़ रहा, विगत 01 वर्षमें उ0प्र0 द्वारा 12,000 करोड़ रु0 का एथेनॉल दूसरे प्रदेशों को बेचा गया ।जनपद गोण्डा में एथेनाॅल का एक बड़ा प्लाण्ट बन रहा, जनपद बदायूंएवं जनपद गोरखपुर में बायोफ्यूल के बड़े काॅम्पलेक्स बनाये जा रहे ।प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापितकिया, अपराधियों एवं माफियाओं में भय व्याप्त ।प्रदेश सरकार माफियाराज की सफाई में जुटी है,तभी तो उ0प्र0 के लोग कहते हैं कि फर्क साफ है ।प्रदेश सरकार द्वारा नई चीनी मिलों को खोलने केसाथ-साथ किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया ।जनपद बलरामपुर में सामान्य किसानों के साथ-साथ थारूजनजाति के लोगों को विकास का लाभ मिल रहा ।बलरामपुर की जनता ने नानाजी देशमुख एवं अटल बिहारी वाजपेई जी के रूप में दो-दो भारत रत्नों को गढ़ा एवं संवारा ।

राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वाेपरि रखते हुए देश को 21वीं सदी में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। देश के विकास के लिए जरूरी है कि पानी की कमी कभी बाधा न बने। देश की नदियों के जल का सदुपयोग हो और किसानों के खेत तक पानी पहुंचे। बहुप्रतीक्षित ‘केन बेतवा लिंक परियोजना’ को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। 45 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से बुन्देलखण्ड के किसानों को लाभ प्राप्त होगा। ‘केन बेतवा लिंक परियोजना’ बुन्देलखण्ड को जल संकट से मुक्ति दिलाने में एक बड़ी भूमिका निभायेगी।भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनपद बलरामपुर में 9800 करोड़ रुपये की लागत की ‘सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना’ को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर आयोजित एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना’ का पूरा होना इस बात का सबूत है जब सोच ईमानदार होती है तो काम दमदार होता है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का काम चार दशक पहले शुरू हुआ था। तब इस परियोजना की लागत 100 करोड़ रुपये से भी कम थी। आज यह परियोजना लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बाद पूरी हुई है। जनता की मेहनत के एक-एक रुपये का सही समय पर, सही काम के लिए उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता योजनाओं को समय पर पूरा करना है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का जो कार्य दशकों में पूरा नहीं हो पाया, उसे 05 वर्ष के अन्दर पूरा किया जा चुका है। यह डबल इंजन की सरकार के काम की रफ्तार है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार कोई सरकार छोटे किसानों की सुध ले रही है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार 02 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को भी सरकारी सुविधाओं से जोड़ रही हैं। बीज से लेकर बाजार तक, खेत से लेकर खलिहान तक उनकी हर तरह से मदद की जा रही है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से बाढ़ जैसी समस्याओं का समाधान निकालने में काफी हद तक मदद मिलेगी। छोटे किसानों के लिए यह सिंचाई परियोजना लाभप्रद साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लाखों किसानों को पानी प्राप्त होगा और उनका आशीर्वाद मिलेगा जो कि जीवन भर कार्य करने की ऊर्जा देगा। बलरामपुर की मसूर दाल का स्वाद देश भर में फैल रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ अधिक आय देने वाली फसल का भी उत्पादन करें। उन्होंने कहा की सरयू नहर परियोजना से सिंचाई के बाद किसान खाद्यान्न के साथ-साथ फल फूल, मत्स्य पालन तथा सब्जी उत्पादन से अपनी आय बढ़ा सकेंगे। उन्होंने कहा कि देश में शहद का निर्यात बढ़ कर लगभग दोगुना हो गया है। इससे किसानों की 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हुई है।


भारत सरकार द्वारा किसानों को प्रतिवर्ष 06 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि प्रदान की जा रही है। साथ ही, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान की आय बढ़ाने का एक विकल्प बायोफ्यूल भी है। उत्तर प्रदेश गन्ने से एथेनाल बनाने के कार्य में आगे बढ़ रहा है। विगत 01 वर्ष में उत्तर प्रदेश द्वारा 12,000 करोड़ रुपए का एथेनॉल दूसरे प्रदेशों को बेचा गया है। जनपद गोण्डा में एथेनाॅल का एक बड़ा प्लाण्ट बन रहा है। जनपद बदायूं एवं जनपद गोरखपुर में बायोफ्यूल के बड़े काॅम्पलेक्स बनाये जा रहे हैं। पहले गन्ना किसानों को समय पर उनके गन्ने का भुगतान नहीं मिल पाता था। प्रदेश सरकार द्वारा नई चीनी मिलों को खोलने के साथ-साथ किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान भी कराया गया है। आगामी 16 दिसंबर से प्राकृतिक खेती करने के संबंध में एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके द्वारा कम से कम लागत में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह इस कार्यक्रम से जुड़ें और नई तकनीकों को  सीखें। उन्होंने कहा कि जनपद बलरामपुर में सामान्य किसानों के साथ-साथ थारू जनजाति के लोगों को भी विकास का लाभ मिल रहा है। पहले सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ केवल पुरुषों को मिलता था। प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं में अब महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है। अपराधियों एवं माफियाओं में भय व्याप्त है। अब जमीन पर कोई अवैध कब्जा नहीं कर सकता है। अपराधियों, माफियाओं एवं गुण्डों पर जुर्माना लग रहा है और उनकी अवैध सम्पत्ति पर सरकारी बुलडोजर चल रह है। अब अपराधी उत्तर प्रदेश में गलत काम करने से पहले सौ बार सोचते हंै और यदि उसने गलती की है तो वह जेल में दुबका नजर आता है। प्रदेश सरकार माफियाराज की सफाई में जुटी है, तभी तो उत्तर प्रदेश के लोग कहते हैं कि फर्क साफ है। राज्य सरकार गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी और समाज के सभी वर्ग को सशक्त करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कोरोना कालखण्ड में जीवन एवं जीविका दोनों को बचाया गया। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत मिल रहे मुफ्त राशन को होली से आगे तक बढ़ा दिया गया है। जनपद बलरामपुर की धरती ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपना अमूल्य योगदान दिया है। बलरामपुर की जनता ने नानाजी देशमुख एवं श्री अटल बिहारी वाजपेई जी के रूप में दो-दो भारत रत्नों को गढ़ा एवं संवारा है। उन्होंने 08 दिसम्बर, 2021 को हेलीकॉप्टर हादसे में दिवंगत हुए सी0डी0एस0 जनरल बिपिन रावत तथा अन्य सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सपूत ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का जीवन बचाने के लिए डॉक्टर जी जान से लगे हुए हैं।इससे पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने सरयू नहर परियोजना पर आधारित माॅडल एवं चित्रों का अवलोकन कर परियोजना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं केन्द्र सरकार के सहयोग सेपूर्वी उ0प्र0 निरन्तर विकास पथ पर अग्रसर-मुख्यमंत्री


40 वर्षाें से लम्बित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को प्रदेशसरकार द्वारा मात्र साढ़े चार वर्षाें में पूरा किया गया ।सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारीवाजपेयी के सपने ‘नदी जोड़ो परियोजना’ को पूरा कर रही।सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से पूर्वी उ0प्र0 के 09 जनपदों कीलगभग 15 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।प्रदेश में 17 सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से 22 लाखहेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा प्राप्त हो रही।मध्य गंगा नहर परियोजना का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा ।गोरखपुर में लगभग 10 हजार करोड़ रु0 की लागत से स्थापित खाद कारखाना, एम्स एवं रीजनल मेडिकल रिसर्च सेन्टर का लोकार्पण किया जा चुका ।गोरखपुर खाद कारखाना 31 वर्ष पहले बन्द हो चुका था, जो अबपहले की तुलना में चार गुना ज्यादा क्षमता के साथ कार्य कर रहा ।रीजनल मेडिकल रिसर्च सेन्टर के स्थापित होने से पूर्वी उ0प्र0 के इस क्षेत्रमें दिमागी बुखार, कालाजार, मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया जैसीबीमारियों की जांच में सुविधा प्राप्त हो रही ।पूर्वी उ0प्र0 में मेडिकल काॅलेजों की एक लम्बीश्रृंखला से हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई ।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश निरन्तर विकास पथ पर अग्रसर है। 40 वर्षाें से लम्बित सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को प्रदेश सरकार द्वारा मात्र साढ़े चार वर्षाें में पूरा करके आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से जनता को समर्पित किया गया है। इस परियोजना से जनपद बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर तथा महराजगंज के 6,227 ग्रामों के 30 लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने ‘नदी जोड़ो परियोजना’ को पूरा करती है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना घाघरा नदी को सरयू नदी से, सरयू नदी को राप्ती नदी से, राप्ती नदी को बाण गंगा नदी से एवं बाण गंगा को नदी रोहिन नदी से क्रमशः जोड़ती है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के इन 09 जनपदों की लगभग 15 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना से इस क्षेत्र के किसान सब्जी एवं बागवानी जैसे अन्य कृषिगत कार्य कर पायेंगे। कृषि उत्पादन में वृद्धि के कारण किसानों के खेत सोना उगलने का कार्य करेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना में घाघरा एवं सरयू नदी जहां मिलती है, वहां पर पहला बैराज बनाया गया है। यह बैराज नेपाल की सीमा से मात्र 07 किलो मीटर की दूरी पर है। इस परियोजना से यह क्षेत्र प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर होगा। यहां पर पर्यटन की अनेक संभावनाएं विकसित होंगी। किसानों की आमदनी बढ़ेगी, नौजवानों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे, जिससे यहां का नौजवान सक्षम एवं सामथ्र्यवान बनेगा।प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले ही गोरखपुर में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि0 (खाद कारखाना) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एवं रीजनल मेडिकल रिसर्च सेन्टर का लोकार्पण किया है। गोरखपुर खाद कारखाना 31 वर्ष पहले बन्द हो चुका था, जो अब पहले की तुलना में चार गुना ज्यादा क्षमता के साथ कार्य कर रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मेडिकल काॅलेजों की एक लम्बी श्रृंखला से हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि रीजनल मेडिकल रिसर्च सेन्टर के स्थापित होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में दिमागी बुखार, कालाजार, मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया जैसी बीमारियों की जांच में सुविधा प्राप्त होगी। जिससे इन रोगों का इलाज हो सकेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में आधारभूत अवसंरचना को लगातार विकसित किया जा रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित हो रही आधारभूत अवसंरचना का लोकार्पण एवं शिलान्यास प्रधानमंत्री के कर कमलों से हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लोगों की सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जनपद सिद्धार्थनगर से 09 राजकीय मेडिकल काॅलेज प्रदेश की जनता को समर्पित किये हैं। प्रधानमंत्री ने अन्नदाता किसानों के सम्मान की रक्षा एवं उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए वर्ष 2015 में ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ प्रारम्भ की थी। ‘मोर क्राप, पर ड्राॅप’ की विकासोन्मुखी सोच इस सिंचाई योजना के माध्यम से मूर्त रूप ले रही है। किसान की खुशहाली उसके खेत की खुशहाली से जुड़ी हुई है। किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने के लिए देश में लगभग 100 सिंचाई परियोजनाओं को  लक्षित किया गया और इन सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्धढंग से आगे बढ़ाने का कार्य प्रारम्भ हुआ। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्रदेश की जिन 18 परियोजनाओं का चयन किया गया था, उनमें से 17 परियोजनााएं पूरी हो गयी हैं। इन 17 सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश की 22 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा प्राप्त हो रही है। प्रदेश में मध्य गंगा नहर परियोजना का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, जो तीन जनपदों को जोड़ती है।

प्रदेश सरकार ‘हर घर जल योजना’ पर तेजी सेकार्य कर रही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री


केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जो विकास कार्य किये गये हैं, उनसे लोगों के जीवन में सकारात्मक एवं गुणात्मक परिवर्तन आया है। हमारा देश कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला देश है। किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए उनके खेत तक पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देश में 70 हजार करोड़ रुपये की 99 सिंचाई परियोजनाओं को चिन्हित किया गया था। जिनमें 63 परियोजनाएं पूरी हो गयी हैं या पूरी होने की कगार पर हैं।केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कर कमलों से उत्तर प्रदेश की बाण सागर परियोजना, अर्जुन सहायक परियोजना का शुभारम्भ किया है और आज सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना प्रदेशवासियों को समर्पित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से 25 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न का उत्पादन होगा। देश में हर घर तक पानी पहुंचाने का कार्य चल रहा है। वर्ष 2024 तक हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश सरकार ‘हर घर जल योजना’ पर तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश के 01 लाख घरों तक पीने का पानी पहुंचाने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए जल संरक्षण एवं प्रबन्धन के कार्याें के साथ ही पानी की उपयोगिता को भी समझना होगा।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री श्री रमापति शास्त्री, जल शक्ति (राज्य मंत्री) बलदेव सिंह ओलख, प्रान्तीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा(राज्य मंत्री) पल्टूराम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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