किसानों ने तहसीलदार न्यायिक को सौंपा जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन

अब्दुल जब्बार एडवोकेट

अयोध्या/भेलसर। रुदौली तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध भाकियू के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सचिव दिनेश दूबे के नेतृत्व में तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
क्षेत्रीय किसानों व भाकियू के कार्यकर्ताओं ने तहसील रुदौली के अधिकारियों पर तानाशाही रवैया व हर स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तहसील प्रांगण में घण्टों विरोध प्रदर्शन किया। किसानों को समझाने पहुंचे तहसीलदार न्यायिक को किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।किसानों का आरोप है कि तहसील रुदौली में अधिकारियों द्वारा पूर्णरूपेण तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है जिसको लेकर समय-समय पर किसान संगठनों व अधिवक्ताओं द्वारा मौखिक व लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की जाती रही है परन्तु जिलाधिकारी व एसडीएम रुदौली द्वारा शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया गया।जिससे नाराज होकर किसानों ने शनिवार को घंटों तहसील में जमकर प्रदर्शन किया,किसानों को समझाने पहुंचे तहसीलदार न्यायिक को किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।किसानों ने कहा कि तहसील के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ विभागीय दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है जिससे इन भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता चला जा रहा है। उन्होंने लेखपालों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा विरासत की फाइलों में आपत्ति लगाकर न्यायालयों में भेज दिया जाता है विरासत कराने वाले किसानों को सूचना तक नहीं दी जाती और आपत्ति लगा दी जाती है।न्यायालय में आदेश के लिए पत्रावली कई दिन तक रखी जाती है उसके बाद कहीं जाकर आदेश होता है आदेश की नकल भी लगभग 25 दिन नहीं दी जाती है तथा अमलदरामद महीनों तक नहीं होती है।किसानों ने कहा कि अपील व रीविजन का समय समाप्त होने पर उसकी सूचना दी जाती है।किसानों का आरोप है कि न्यायालय पर बिना सुविधा शुल्क दिए कोई कार्य नहीं होता है।

किसान नेता दिनेश दूबे ने कहा कि अतिवृष्टि व लगातार बारिश से किसानों के खेतों में कटी हुई धान की फसल नष्ट हो रही है और कटे पड़े हुए धान में अंदर अंकुर निकल आए हैं जिससे किसान बहुत परेशान है।उन्होंने बताया कि रुदौली क्षेत्र के ग्राम टांडासूफी के अजीत कुमार मिश्रा,सेल्हूमऊ के शारदा प्रसाद दुबे,जखोली के लक्ष्मीकांत,नरियापार के रामसमुझ व रंगीलाल,जरायलखुर्द के रामाशीष यादव व हरिराम,अजरका रमेश कुमार सहित क्षेत्र के दर्जनों गांव में हजारो बीघे धान व गन्ने की फसल नष्ट हो गई है।भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिनेश दुबे ने कहा कि रुदौली क्षेत्र के लगभग 70 से 80 प्रतिशत किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखा है,फसल बीमा के नाम पर बिना किसान को बताएं बैंक के मैनेजर द्वारा किसानों के खाते से बीमा की किस्त काट ली जाती है लेकिन फसल नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाता।बीमा प्रबंधक का कहना है कि यदि 48 से 72 घंटे में यदि बैंक,बीमा कार्यालय,जिला कृषि अधिकारी व तहसील के अधिकारी को किसान द्वारा सूचित कर दिया जायेगा तभी उस किसान को बीमा धनराशि दी जाएगी।वहीं श्री दूबे ने माँग की कि जिन किसानों का केसीसी कार्ड नहीं बना है उन किसानों को भी दैवी आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता दी जाए,उन्होंने कहा की 48 घंटे में तहसील के भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्य व्यवहार व रिश्वतखोरी में सुधार न हुआ तथा धान व गन्ने की फसलों का सर्वे सभी गांव में नहीं हुआ तो क्षेत्र की आम जनता व भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा 25 अक्टूबर से तहसील प्रांगण में आंदोलन किया जायेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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