मुख्य सचिव ने दीपोत्सव से पहले निर्माण पूरा करने के दिये निर्देश

अयोध्या के समग्र विकास हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च शक्ति प्राप्त मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित । माह दिसम्बर, 2021 तक पूरे किये जाने वाले कार्यों की माहवार टाइमलाइन निर्धारित की जाये । प्रस्तावित सभी परियोजनाओं का कार्यवार माइलस्टोन निश्चित किया जाये । परिक्रमा मार्गों के दोनों तरफ पब्लिक एमेनिटीज, प्लान्टेशन के कार्यों को भी डीपीआर में समावेश किया जाये । प्रवेश द्वारों के समीप समस्त सुविधाओं से युक्त विश्रामालयों का निर्माण भी किया जाये । प्रस्तावित ग्रीनफील्ड टाउनशिप को फेजेज में डॅवलप किया जाये ।

लखनऊ । अयोध्या के समग्र विकास के सम्बन्ध में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित उच्च शक्ति प्राप्त मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें अयोध्या में प्रस्तावित विकास कार्यों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई।अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि माह दिसम्बर, 2021 तक पूरे किये जाने वाले कार्यों की माहवार टाइमलाइन तैयार कर प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जाये। इसके अतिरिक्त अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं का कार्यवार माइलस्टोन निर्धारित कर दिया जाये तथा उसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों के नाम भी कार्ययोजना में इंगित किया जाये ताकि परियोजनावार सम्बन्धित सभी विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की जा सके और सभी परियोजनाएं निर्धारित समयावधि में पूर्ण हों सकें।


पंचकोसी एवं चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग में सड़क के दोनों तरफ पब्लिक एमेनिटीज, प्लान्टेशन एवं सौन्दर्यीकरण के कार्यों को भी डी.पी.आर. में सम्मिलित किया जाये। उन्होंने दीपोत्सव से पहले सुग्रीव किला से श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर मार्ग एवं श्रृंगार हाट से श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर मार्ग की सड़क का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिये। प्रस्तावित ग्रीन फील्ड टाउनशिप की प्रगति समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने इसे फेजेज में डवलप करने के निर्देश देते हुए पहले फेज का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा। अयोध्या में विभिन्न मार्गों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर लगने वाले साइनेज के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि साइनेज का साइन व डिजाइन पहले से ही निर्धारित कर दिया जाये ताकि उनमें एकरूपता रहे।अयोध्या में पब्लिक यूटिलिटीज की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि अयोध्या के सभी 06 प्रवेश मार्गों के समीप समस्त सुविधाओं से युक्त विश्रामालय, पब्लिक यूटिलिटी आदि के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर लिया जाये तथा इन कार्यों का समावेश डी.पी.आर. में भी रहे।


इससे पूर्व अयोध्या के विकास के लिए प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने ली-एसोसिएट्स के द्वारा किये गये कार्यों का स्टेटस, आवास विभाग द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित कार्यों, माह दिसम्बर, 2021 तक पूरी होने वाली परियोजनाओं, चौराहों, मार्गों, गलियों एवं घाटों के विकास एवं नामकरण द्वारा अयोध्या की प्राचीनता एवं वैभव की पुर्नस्थापना के लिए प्रस्तावित कार्यों, पी.पी.पी. मॉडल की परियोजनाओं, 06 प्रवेश द्वारों की डिजाइन तथा निर्माण, सोलर सिटी परियोजना की प्रगति, एनएमसीजी द्वारा फण्डेड 08 कुण्डों का सौन्दर्यीकरण एवं आर्ट वर्क आदि की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने अयोध्या के समग्र विकास के लिए 12 विभागों की 32 प्रगतिशील परियोजनाओं लागत 28000 करोड़ रुपये के सम्बन्ध में भी प्रस्तुतीकरण के द्वारा जानकारी दी।बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं धर्मार्थ कार्य अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार, सचिव लोक निर्माण विभाग, आवास आयुक्त सहित सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मण्डलायुक्त अयोध्या, जिलाधिकारी अयोध्या भी उपस्थित थे। संचालन एवं प्रस्तुतीकरण प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार द्वारा किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button