अयोध्या में 20 सितम्बर तक धारा 144 की लागू


अयोध्या। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये लोक व्यवस्था, शान्ति व्यवस्था, कानून व्यवस्था, जन सुरक्षा एवं जनजीवन को सामान्य बनाये रखने की दृष्टि से जनपद की सम्पूर्ण सीमा में इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु निम्नलिखित निषेधाज्ञाएं लागू की है। जनपद में किसी भी व्यक्ति/संस्था/संगठन द्वारा किसी कार्यक्रम/माध्यम से साम्प्रदायिक सद्भाव व सामाजिक सौमनस्य को बिगाड़ने का प्रयास नही किया जायेगा। डियुटी पर तैनात शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों और अन्य कर्मियों जो शासकीय अस्त्र-शस्त्र धारण करने हेतु अधिकृत है, को छोड़कर कोई भी व्यक्ति आग्नेय अस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, बल्लम, भाला अथवा तेजधार वाले हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से न तो विवरण करेगा और न ही किसी प्रकार से ऐसे अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन करेगा। किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मिलित नही होगा, जिसका उद्देश्य किसी विधि विरूद्व गतिविधि में भाग लेना हो।

कोई भी व्यक्ति बिना लाईसेंस तेजाब व अन्य कोई पदार्थ जो आतिाबाजी/विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आता है एकत्रित नही करेगा, साथ ही साथ कंकड़, पत्थर, खाली बोतलों, शीशे के टुकड़े आदि ऐसी सामग्री का संग्रह, जिसका प्रयोग लोक व्यवस्था/शान्ति, कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो सकता है, अपने भवनों में या छतों या अन्य स्थानों पर कहीं नही करेगा या रखेगा। कोई भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल/संगठन बिना पूर्व अनुमति कोई जनसभा, नुक्कड़ सभा, रैली, जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पद यात्रा, विजयोत्सव आदि आयोजित नही करेगा और पूर्व अनुमति में उल्लिखित निर्धारित स्थल, मार्ग व अवधि नही बदलेगा तथा न ही सभा में किसी प्रकार का भड़काऊ/अमर्यादित भाषण व किसी का पुतला नही लगायेगा एवं उसके सार्वजनिक स्थानों पर जलाने और इस प्रकार के अन्य कृत्यों व प्रदर्शनों का समर्थन नही करेगा। परम्परागत पर्वो/त्यौहारों में जनसामान्य के शान्ति एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्मिलित होने, विवाहोत्सव, शव यात्राओं या शासन के विभिन्न विभागों के प्रबन्धाधीन प्रेक्षागृहों के अन्दर आयोजित श्लील सांस्कृतिक/एकेडमिक कार्यक्रम, इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। कोई भी मीडिया (इलेक्ट्रानिक व सोशल मीडिया आदि) द्वारा बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थल पर कोई भी डिबेट/परिचर्चा नही की जायेगी।

इस हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा विधिवत अनुमति प्राप्त की जायेगी और उसमें निर्धारित शर्तो का उल्लंघन नही किया जायेगा। जनपद की सीमा में किसी भी प्रकार का नौका विहार, जीवन रक्षक जैकेट, प्रशिक्षित चालक एवं गोताखोर के बिना प्रतिबन्धित रहेगा एवं नावों में ओवरलोडिंग नही की जायेगी। श्रावण झूला मेला/श्रावण पूर्णिमा के दौरान नौका विहार पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा। साप्ताहिक बंदी के दिनों में किसी भी विक्रेता द्वारा दुकान/प्रतिष्ठान खोला जाना प्रतिबंधित रहेगा। कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत समय-समय पर जारी अद्यतन आदेशों का उल्लंघन नही किया जायेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से फैलाव/बचाव के सम्बंध में भारत सरकार/उ0प्र0 सरकार/अधोहस्ताक्षरी द्वारा समय-समय पर जारी अद्यतन दिशा निर्देशों का उल्लंघन नही किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो और यदि बीच में वापस न लिया गया, तो दिनांक 20.09.2021 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश अथवा इसके किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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