सत्ता जब घबराती है,तो CBI,ED और IT से डराती है….!-राम गोविंद चौधरी

डरपोक सत्ता जब घबराती है,तो CBI,ED और IT जैसे तोतो से डराती है !

सच की स्याही और आवाज़ से सरकारों के भ्रष्टाचार, कोरोना कुप्रबंधन, बदइंतजामी आक्सीजन की कमी से हुए नरसंहार, झूठे दावे, हवाहवाई घोषणाओं की पोल खोलने वाले मीडिया संस्थान भारत समाचार और उसके एडिटिंग एन्ड चीफ श्री ब्रजेश मिश्र एवं स्टेट हेड श्री वीरेंद्र सिंह के कार्यालयों तथा घरों पर दैनिक भास्कर के ठिकानों पर देशव्यापी इनकम टैक्स के छापे निंदनीय है समाचार एजेंसियों पर इस प्रकार के छापे लोकतांत्रिक ढांचे को बर्बाद कर देंगे।समाचार पत्र और एजेंसियां समाज के मुख्य कमियों को उजागर करते है तथा जन सरोकार की बाते उठाती है जिससे सरकार सीख लेते हुए सुधार कार्य करती है लेकिन वर्तमान सत्ता सत्य से डरने वाले लोगो की हैऔर सरकारी तोतो जैसे cbi, it और ED के बल पर सत्ता में बने रहना चाहती है आज की सरकारें लोकतांत्रिक ढांचों को चोट देने वाले लोगो की है सत्य से मुह फेरने वाले लोगो की है।पूंजीपतियों की हितैसी सरकार जनहित के मुद्दों से मुह फेर चुकी है और जो कोई भी जनता की आवाज़ उठता है या लोगो तक पहुचाने का प्रयास करता है उससे घबरा कर बर्तमान सत्ता उसे सत्ता के मद में सरकार की कठपुतली मशीनरियों द्वारा तंग करने का काम करती है।देश के दो प्रतिष्ठित मीडिया समूहों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के छापे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि मीडिया का और कितना गला घोंटेगे। अब केंद्र सरकार ने भी इस घटना को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। केंद्र सरकार ने इस मामले में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार करते हुए कहा है कि एजेंसियां अपना काम करती हैं।


उक्त बातें उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविन्द चौधरी की है उन्होंने गुरुवार को जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सरकारी मशीनरियों द्वारा डराने धमकाने और सत्य को उजागर न करने के उद्देश्य से छापे डाले गए तो अफसोस जाहिर करते हुए कही।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमने आपात काल का भी समय देखा है उस आधार पर कह सकता हु की ऐसी निरंकुश और डरपोक सरकार देश मे आज़ादी के बाद नही आई थी इस सरकार का लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थानों में कोई विश्वास नही इसका विश्वास सिर्फ नागपुर में बैठे आकाओं और उनके देश विरोधी एजेंडे में है।

भास्कर ग्रुप और भारत समाचार पर दबिश के बाद राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट किया कि दैनिक भास्कर अखबार और भारत समाचार न्यूज़ चैनल के कार्यालयों पर इनकम टैक्स का छापा मीडिया को दबाने का एक प्रयास है। मोदी सरकार अपनी रत्तीभर आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर सकती है। यह भाजपा की फासीवादी मानसिकता है जो लोकतंत्र में सच्चाई का आइना देखना भी पसंद नहीं करती है। कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ये देश के सच को निर्भीकता से उजागर कर रहे मीडिया समूह को दबाने की कोशिश है। उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि छापे मीडिया को डराने का प्रयास हैं। वही कांग्रेस नेताओ ने इसका विरोध किया और कहा कि यह अघोषित आपातकाल है।

मैं लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की जुबान एव लेखनी बंद कराने के उदेश्य से की गई इस छापेमारी की कार्यवाही की कड़े शब्दों में निन्दा करता हूं। और सरकार को आगाह करना चाहता हूँ कि ऐसी कार्यवाहियों से ही समाज मे क्रांति फूटती है और जब -जब क्रांति होती है उस काल मे राज सत्ता में बैठे लोग नेस्तनाबूत हुए है उनका कोई नाम भी लेने वाला नही होता है।संसद के दोनों सदनों में हंगामे के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘जांच एजेंसियां अपना काम करती हैं, केंद्र सरकार उनके कामकाज में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करती। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि किसी भी घटना को लेकर पूरी जानकारी लेनी चाहिए। कई बार जो दिखाया जा रहा है वो जरूरी नहीं कि सत्य ही हो। जानकारी की कमी भ्रम पैदा करती है।’

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