उत्तर प्रदेश में जल्द होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार

 

उत्तर प्रदेश में मंत्री परिषद विस्तार होगा।उत्तर प्रदेश में मंत्री परिषद विस्तार की अटकलें तेज।दिल्ली में सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई है।अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूरा ब्यौरा तलब किया।इसी हफ्ते मंत्री परिषद विस्तार की संभावना।चुनाव से पहले मंत्री परिषद विस्तार होगा।कई नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।जातिगत समीकरणों को फिट करना चाहती है भाजपा। इसी हफ्ते मंत्री परिषद विस्तार होगा।योगी सरकार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द ही कर सकती है। बताया जा रहा है इसकी तैयारियां तेज हो गई है। सरकार और भाजपा संगठन ने मंत्रिमंडल में शामिल करने और मंत्रियों की छटनी का फार्मूला तय कर लिया है।प्रदेश में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन बिठाने के मद्देनज़र कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र संघ और केंद्रीय नेतृत्व से कई दौर की बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर सहमति बन गई है।

प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल योगी मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी मंत्रियों की संख्या कुल 54 है। नियमों के मुताबिक, अभी 6 मंत्री पद खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी विस्तार के जरिये कुछ मंत्रियों को हटा भी सकती है। ये वे मंत्री हैं जो उम्रदराज़ हो चुके हैं और उनके कामकाज से ठीक भी नहीं है। सूत्रों का दावा है कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। इसमें ओबीसी, ब्राह्रण के साथ ही अन्य जातियों को साधने की कोशिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार करेगी। यह योगी सरकार का तीसरा विस्तार होगा। इसके लिए भाजपा संगठन और सरकार ने नाम तय कर लिए हैं। साथ ही इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी लेने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल सोमवार को दिल्ली रवाना हो गए। इसी के साथ केंद्रीय नेतृत्व से विधान परिषद के लिए नामित किए जाने वाले एमएलसी के नामों पर भी मंथन होगा।प्रदेश में जातीय व क्षेत्रीय संतुलन बिठाने के मद्देनजर कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के मद्देनजर संघ और केंद्रीय नेतृत्व से कई दौर की बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर सहमति बन गई है।

प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं।फिलहाल योगी मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी मंत्रियों की संख्या कुल 54 है। नियमों के मुताबिक, अभी 6 मंत्री पद खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।माना जा रहा है कि पार्टी विस्तार के जरिये चार मंत्रियों को हटा भी सकती है। ये वे मंत्री हैं जो उम्रदराज़ हो चुके हैं और उनके कामकाज से ठीक भी नहीं है। सूत्रों का दावा है कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। इसमें ओबीसी, ब्राह्रण के साथ ही अन्य जातियों को साधने की कोशिश हो सकती है।

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button