पंचायत भवन के निर्माण में बंदरबांट का आरोप जिम्मेदार मौन

पंचायत भवन के निर्माण में लगाई जा रही पीली ईंट मानक के विरुद्ध हो रहा निर्माण कार्य।ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पर धन के बंदरबांट का आरोप जिम्मेदार मौन।

अयोध्या। प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त यूपी का दावा करती रहती है लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है कुछ अधिकारी और संस्थाएं ही ऐसी हैं जो सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त यूपी की कोशिशों पर पानी फेर रहे हैं और सरकार को ही चुना लगाने का कार्य करके शासन द्वारा स्वीकृत प्रत्येक गांव में बन रहे पंचायत भवन में ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव की मिली भगत से घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग करके सरकारी धन का आपसी बंदरबांट किया जा रहा है।

अधिकतर ग्राम सभाओं में पंचायत भवन के निर्माण में पीली ईंट का प्रयोग किया जा रहा है।जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं।
यह ताजा मामला विकास खण्ड रुदौली के ग्राम सभा फ़गौली कुर्मियान का गांव का प्रकाश में आया है।जंहा वित्तीय वर्ष 2020–21 में शासन की मंशा के अनुसार लाखों रुपये की लागत से बन रहे पंचायत भवन का निर्माण कार्य शुरू किया था जो अभी भी अपूर्ण है जिसका निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है जिसमें पीली ईंट व घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।

जिसकी शिकायत फ़गौली कुर्मियान निवासी शिवशंकर वर्मा आदि ने विकास खण्ड अधिकारी रूदौली को देकर जांच कर कार्यवाही की मांग की है। शिवशंकर वर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधान तथा पंचायत सचिव द्वारा पंचायत भवन निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग कर खेल किया जा रहा है।फ़गौली कुर्मियान गांव में पूरे पंचायत भवन का निर्माण ही पीली ईंट से कराया जा रहा है।जहां पंचायत भवन के लिए तैयार की गई नींव को पूरी तरह पीली ईंट से बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि पीली ईंट व घटिया निर्माण सामग्री से निर्मित पंचायत भवन कब तक टिकेंगे इनका कोई भरोसा नही है। पंचायत भवन के निर्माण के लिए सरकार द्वारा भारी धनराशि आवंटित की गई है।लेकिन ग्राम प्रधान तथा पंचायत सचिव की आपसी मिली भगत से सरकारी धन का बंदरबांट करने पर तुले हुए हैं और निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।सम्बंध में जब खंड विकास अधिकारी रुदौली से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नही उठा।खंड विकास अधिकारी का फोन अधिकतर नही उठता है चाहे वह फरियादी द्वारा ही क्यों न किया गया हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button