उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण की तीव्रता मंद पड़ रही है। एक ओर जहां हर दिन ढाई से तीन लाख टेस्ट किए जा रहे हैं, वहीं नए कोविड केस में लगातार कमी आ रही है, साथ ही स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बीते माह 30 अप्रैल को प्रदेश में 03 लाख 10 हजार एक्टिव कोविड केस थे, यह कोविड काल में अब तक का पीक था। इसके सापेक्ष महज एक पखवारे में एक्टिव कोविड केस में 52 फीसदी तक कमी आ गई है। वर्तमान में 1.49 लाख एक्टिव केस हैं। जबकि 14 लाख 62 हजार प्रदेशवासी कोविड से लड़ाई में जीत प्राप्त कर ली है।
ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश की नीति के संतोषप्रद परिणाम मिल रहे हैं। बीते 24 घंटे में 02 लाख 55 हजार टेस्ट हुए, जबकि 9391 नए केस की पुष्टि हुई है। इसी अवधि में 23,045 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश का रिकवरी डर 89.8% हो गया है।
उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोविड टेस्ट करने वाला राज्य है। अब तक यहां 04 करोड़ 49 लाख से अधिक टेस्टिंग हुई है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक राजस्व गांवों में 05 मई से टेस्टिंग का महाभियान चल रहा है।- विशेषज्ञों ने तीसरी कोविड-19 का अनुमान किया है। उत्तर प्रदेश को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड तैयार किया जाए। बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर और केजीएमयू लखनऊ के चिकित्सक इस संबंध में भली भांति प्रशिक्षित हैं। उनके अनुभवों का लाभ लेते हुए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के चिकित्सकों का प्रशिक्षण कराया जाए। अन्य जिलों में मुख्यालयों पर महिला अस्पतालों में इस प्रकार की व्यवस्था की जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री इस कार्य की सतत मॉनीटरिंग करेंगे।
कोविड से स्वस्थ हुए लोगों में ब्लैक फंगस की समस्या देखने में आ रही है। प्रदेश के कतिपय जिलों में इसके केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सा शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करे कि ब्लैक फंगस के हर मरीज को समुचित इलाज प्राप्त हो। ब्लैक फंगस रेयर बीमारी है। अतः इसके इलाज में उपयोगी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।भारत सरकार भी इस कार्य में सहयोग कर रही है। हमें निजी स्तर से भी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रबंध करने चाहिए। किसी भी परिस्थिति में इन दवाओं की कालाबाजारी ना हो यह सुनिश्चित किया जाए।
वर्तमान में एक लाख से कुछ अधिक लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। इनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। चिकित्सकों की संख्या, फोन लाइन की संख्या में बढ़ोतरी की जरूरत है। निगरानी समितियों के माध्यम से होम आइसोलेशन के मरीजों और जरूरत के अनुसार उनके परिजनों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। मेडिकल किट वितरण व्यवस्था की सतत मॉनीटरिंग की जाए। आइसीसीसी और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से मरीजों से संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जांच कराई जाए।
कोविड टीकाकरण की प्रक्रिया प्रदेश में सुचारु रूप से चल रही है। 45 वर्ष से अधिक और 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड सुरक्षा कवर प्रदान करने में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।आज से 23 जिलों में 18 से 44 आयु वर्ग का टीकाकरण हो रहा है। प्रदेश के 18 जनपदों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों के 4,14,329 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त कर लिया है। वैक्सीन सेंटर तय करते समय यह ध्यान रखें कि स्थल पर प्रतीक्षालय हेतु पर्याप्त स्थान हो, कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन हो सके।
प्रदेश का एक भी नागरिक कोविड टीका-कवर से वंचित न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किया जाना आवश्यक है। निरक्षर, दिव्यांग, निराश्रित अथवा अन्य जरूरतमंद लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर टीकाकरण पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। सीएचसी के माध्यम से पंजीयन के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिए जाएं। पंजीयन के लिए सीएससी पर अनावश्यक भीड़ इकट्ठी न हो, कोविड प्रोटोकॉल का पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
मृतक की अंत्येष्टि के लिए जल प्रवाह अथवा नदी के किनारे दफनाने की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल नहीं है। इस संबंध में धर्मगुरुओं से संवाद किया जाए, लोगों को जागरूक करने की आवश्यक्ता है। एसडीआरएफ तथा पीएसी की जल पुलिस प्रदेश की सभी नदियों में सतत पेट्रोलिंग करती रहें। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में शव का जल प्रवाह न हो।
मृतकों के परिजनों के प्रति प्रदेश सरकार की संवेदनाएं हैं। अंत्येष्टि की क्रिया मृतक की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप ससम्मान किया जाए। अंत्येष्टि क्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। यदि परम्परागत रूप से भी जलसमाधि हो रही है, अथवा कोई लावारिस छोड़ रहा है तो भी उसकी सम्मानजनक तरीक़े से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कराया जाए। किसी भी दशा में किसी को भी धार्मिक परंपराओं के नाते नदी में शव न आने दिया जाए।
ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खर्च में संतुलन बनाने के लिए कराए जा रहे ऑक्सीजन ऑडिट के अच्छे परिणाम मिले हैं। उत्तर प्रदेश में अपनाई गई ऑनलाइन ऑक्सीजन ट्रैकिंग प्रणाली को ‘नीति आयोग’ द्वारा सराहा गया है। यह हमारे लिए उत्साहवर्धक है। ज्यादातर रीफिलर और मेडिकल कॉलेजों में अब 48-72 घंटे तक का ऑक्सिजन बैकअप हो गया है। होम आइसोलेशन के मरीजों को कल 32 एमटी ऑक्सीजन आपूर्ति की गई। बीते 24 घंटों में 882 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। ऑक्सीजन वेस्टेज रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाये जाएं। ऑक्सीजन की आपूर्ति को बेहतर करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने 12वीं CBSE की परीक्षाएं रद्द किये जाने पर कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा को दिया धन्यवाद।
योगी सरकार जल्द से जल्द छात्र-
छात्राओं के टीकाकरण की काॅलेज / विश्वविद्यालय परिसर में अलग से व्यवस्था कराये- अनस रहमान।
18 वर्ष से कम आयु वाले छात्र-
छात्राओं के टीकाकरण का ब्लूप्रिण्ट बताये योगी सरकार।
एन.एस.यू.आई. के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन के आवाहन पर #CancelExamsSaveLives ट्विटर कैम्पेन सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से छात्रों की मांग को उठाया जिसमें आम छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।
लखनऊ ।उ0प्र0 भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के मध्य जोन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनस रहमान आज प्रेस कान्फ्रेंस के माध्यम से अ0भा0 कांग्रेस कमेटी की महासचिव, प्रभारी- उ0प्र0 आदरणीय श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा को धन्यवाद ज्ञापित किया।जिनके पत्र के माध्यम से लाखों छात्र-छात्राओं जो इस कोरोना काल में परीक्षाओं के मनोवैज्ञानिक दबाव से जूझ रहे थे, की परीक्षाएं निरस्त कराकर छात्रों को बड़ी राहत देने का काम किया है।
प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक तरफ जहां कोवड महामारी से आम जनता त्राहित्राहि कर रही थी, परिवार के सदस्य अपना रोजगार या तो खो चुके थे या उनका वेतन बेहद कम कर दिया गया था- ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राओं सहित पूरा परिवार एक खास तरह के तनाव में जी रहा था,प्रदेश की योगी सरकार इस महामारी में टीकाकरण कराने में पूरी तरह अक्षम साबित हुई थी, ऐसे समय परीक्षाओं को कराने की मंशा से छात्र-छात्राओं सहित पूरा परिवार मनोवैज्ञानिक दबाव में था।
कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के सुझावों को इकट्ठा कर शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सी0बी0एस0सी0,12वीं बोर्ड के बारे में दुविधापूर्ण स्थिति को खत्म करने की बात कही थी, जिसके बाद परीक्षाएं रद्द होने का निर्णय किया गया था।
अनस रहमान ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी युवा पीढ़ी की सुरक्षा सर्वोपरि है, उनकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता होती है,अभिभावकों एवं छात्र- छात्राओं की बात सरकार तक पहुंचाने में कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा के पत्र ने अहम भूमिका निभाईप्रियंका जी के पत्र के चलते रद्द हुई परीक्षाओं से तमाम छात्र-छात्राओं ने कांग्रेस महासचिव को धन्यवाद दिया ।
प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान ने प्रेस वार्ता के माध्यम से योगी सरकार से मांग की कि वह 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं के टीकाकरण का ब्लूप्रिण्ट तैयार करके जनता के सामने रखे- ताकि महामारी के इस दौर में छात्र-छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सके। इसके साथ-साथ उन्होंने मांग की कि छात्र-छात्राओं के सम्पूर्ण टीकाकरण की विश्वविद्यालय/ काॅलेज परिसर अलग से व्यवस्था कराई जाय।
अनस रहमान ने बताया कि एन.एस.यू.आई. के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीरज कुंदन के आह्वान पर ट्विटर कैम्पेन #CancelExamsSave Lives के माध्यम से सरकार को छात्र-छात्राओं की भावनाओं से अवगत कराने का कार्य किया है। एन0एस0यू0आई0 एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते महामारी के इस दौर में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर शुरुआत से ही चिंतित था।
श्री अनस रहमान ने मांग की कि योगी सरकार जल्द से जल्द छात्र-छात्राओं के टीकाकरण की काॅलेज / विश्वविद्यालय परिसर में अलग से व्यवस्था कराये।
आज की प्रेसवार्ता को प्रमुख रूप से मध्य जोन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनस रहमान, एन0एस0यू0आई0 राष्ट्रीय संयोजक श्री आदित्य चैधरी, प्रभारी प्रशासन श्री शारिक अनीस, प्रदेश सचिव श्री आत्मिक रावत, लखनऊ जिला उपाध्यक्ष श्री फरमान हैदर और श्री अभियान सिन्हा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के हीरक जयन्ती वर्ष एवं उनकी 52वीं पुण्यतिथि के अवसर पर तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी...