कोर्ट में विचाराधीन मामले में समझौता न करने पर समाज से किया बहिष्कार

अब्दुल जब्बार एडवोकेट

भेलसर(अयोध्या) – कोतवाली रुदौली क्षेत्र के एक गांव में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष व उनके सहयोगियों पर कोर्ट में विचाराधीन मामले में समझौता करने का दबाव बनाने व समझौता न करने पर समाज से बहिष्कार करने का आरोप लगाया है।रुदौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ऐहार में विगत वर्ष 26 नवंबर को रामचरन कोरी पुत्र पुदई कोरी ग्राम ऐहार के अपने ही समुदाय के भुल्लू पुत्र रामनिवाज के यहां मृत्यु भोज के में शामिल थे।किसी बात को लेकर रामचरन कोरी व धर्मेश,राजित,साजित के मध्य पहले कहा सुनी हुई जो तूल पकड़ते हुए गाली गलौज में बदल गयी।

मामले में जैसे तैसे लोगों ने बीच-बचाव कर रामचरन को वहां से अलग कर दिया।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तभी वहां पर धर्मेश आदि ने दौड़कर रामचरन को पकड़ लिया लात घूंसों से मारने लगे।जिससे रामचरन के शरीर में गंभीर चोटें आईं।मामले को गम्भीर देखते हुये परिवार के लोगों ने पीआरबी 920 की मदद ली और रामचरन को एम्बुलेंस के द्वारा सीएचसी रुदौली पहुंचाया।जहां डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रिफर कर दिया।वहां पर उनका इलाज होने लगा।परिवार की तहरीर पर धारा 323,504,506 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई।

पीड़ित ने बताया कि हल्का प्रभारी ने मेडिकल रिपोर्ट के बाद चार्जसीट भेज दी।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 3 महीने के बाद बिरादरी के कुछ लोगों द्वारा कोर्ट से सुलह समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया और धमकी दी गई कि यदि कोर्ट से समझौता नहीं करोगे तो बिरादरी से निकाल दिए जाओगे।रामचरन के भतीजे रमेश कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि समझौता न करने पर आरोपियों ने उनको समाज से बहिष्कार कर दिया है।

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