सेवामित्र ऐप व पोर्टल पर पंजीकरण के लाभ


अयोध्या – जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से सेवामित्र ऐप व पोर्टल का विकास किया जा रहा है, जिसके द्वारा नियोजकों व उपभोक्ताओं के मध्य एक साझा प्लेटफार्म विकसित हो सके तथा सेवा प्रदाता उपभेक्ताओं की मांग के अनुरूप कुशल कर्मियों के माध्यम से उन्हे अच्छी सुविधाएं प्रदान कर सकें। इसके लिए सहायक निदेशक सेवायोजन पद्म वीर कृष्ण ने बताया कि सरकार द्वारा अभी तक 14 सर्विस कैटेगरी निर्धारित की गयी है, जिनमें ब्यूटीशियन, कार क्लीनिंग, कारपेन्टर्स, कुकिंग, इलैक्ट्रीशियन्स, इलैक्ट्राॅनिक सर्विस एण्ड रिपेयरिंग, होम पेन्टिंग, हाउस क्लीनिंग, हाउस हेल्प, मसाज, मेन्स ग्रूमिंग, पेस्ट कन्ट्रोल, प्लम्बर्स व रनर सम्मिलित हैं।

सेवामित्र ऐप पोर्टल पर पंजीकरण सेवा प्रदाताओं के लिए अर्हताओं के बारे में बताया गया है कि यह सेवायोजन विभाग के पोर्टल पर नियोजक के रूप में पंजीकृत हो (यदि पंजीकरण नहीं है तो सेवायोजन कार्यालय से सम्पर्क कर सकतें है), जीएसटी एक्ट के अन्तर्गत पंजीकृत हो, संस्था/फर्म का पंजीकरण अप्रैल 2017 से पूर्व का हो, संस्था/फर्म के पास कम से कम 30 कुशल कर्मी कार्यरत् हों, अपने कार्य क्षेत्र में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव हो, गत तीन वर्षों में प्रति वर्ष रू0 25 लाख से अधिक का टर्न ओवर हो तथा इनकम टैक्स ऐक्ट के अन्तर्गत सकारात्मक नेट इनकम हो।

उन्होने सेवामित्र ऐप व पोर्टल पर पंजीकरण के लाभ के बारे में बताया कि सरकार द्वारा ऐप को विकसित किये जाने के कारण नियोजकों व उपभोक्ताओं के मध्य विश्वसनीयता, सभी सेवाओं के लिए एक ही प्लेटफार्म, कार्यक्षेत्र का विस्तार जिसमें उपभोक्ताओं तक पहुॅच होगी, मोबाइल ऐप के माध्यम से व्यापार का विस्तार, उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप सेवाओं की गुण़वत्ता का सतत् मूल्यांकन व उपभोक्ताओं व सेवा प्रदाताओं के अधिकारों की रक्षा होगी। सेवामित्र ऐप व पोर्टल पर पंजीकरण कराने के इच्छुक 14 सर्विस कैटेगरी के पात्र सेवा प्रदाता किसी भी कार्य दिवस में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय अयोध्या से सम्पर्क स्थापित कर सकते है।  

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा द्वारा तहसीलों में माता-पिता  भरण पोषण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पर जिलाधिकारी द्वारा माता-पिता भरण पोषण अधिनियम 2007 पर व्यापक प्रकाश डाला गया। जिलाधिकारी ने कहा कि माता-पिता की सेवा करना ईश्वर की सेवा करना है। हम सभी का दायित्व है कि अपने माता-पिता की सेवा करना चाहिए तथा हम आज जो भी है वह माता-पिता के कारण ही है। इस अवसर पर समाज कल्याण के अलावा  अन्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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