मुलायम सिंह की पंरपरा भूले अखिलेश, कांग्रेस के लिए दरी बिछाने पहुंचे दिल्ली:राजभर

मुलायम सिंह की पंरपरा भूले अखिलेश, कांग्रेस के लिए दरी बिछाने दिल्ली पहुंचे। पिता मुलायम की परंपरा और चाचा शिवपाल की इज्जत का तो ख्याल रखिए, ओपी राजभर की अखिलेश को नसीहत।’आज ही के दिन भड़के थे सिख विरोधी दंगे, आप दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा में पहुंच गए’, ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश पर निशाना।अखिलेश यादव के दिल्ली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक परंपरा को भूल गए हैं और कांग्रेस के लिए दरी बिछाने दिल्ली पहुंच गए हैं। राजभर के इस बयान ने यूपी की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है। आखिर अखिलेश के इस कदम को लेकर सत्ता पक्ष क्या संदेश देना चाहता है और विपक्ष इसे किस नजरिए से देख रहा है? देखिए पूरी राजनीतिक कहानी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने एक नवंबर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव को घेरा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का ‘बड़का भइया’ बताते हुए सवाल किया कि क्या अखिलेश अपने पिता और सपा के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की परंपरा और विचारों को भूल गए हैं।

राजभर ने कहा कि आज ही के दिन 1984 में राहुल गांधी के पिता यानी राजीव गांधी के इशारे पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिख-विरोधी हिंसा और दंगे भड़के थे। इसमें हजारों सिखों की हत्या हुई थी। उन्होंने इस दुखद दिन पर सिख समाज के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव भी इस दिन को शोक के रूप में मनाते थे। लेकिन अखिलेश यादव सारी संवेदनाएं भूल गए और दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा करने पहुंच गए।

राहुल के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने पहुंचे अखिलेश

राजभर ने दिल्ली में इंडी गठबंधन की आयोजित रैली को अराजकता फैलाने के लिए बुलाई गई रैली बताते हुए कहा कि अखिलेश वहां कांग्रेस के लिए झंडा उठाने और दरी बिछाने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने अखिलेश की एक पुरानी तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी वह राहुल गांधी का झंडा ढोते नजर आए थे। अगर इतनी मेहनत उन्होंने अपनी पार्टी के लिए की होती तो आज समाजवादी पार्टी की स्थिति कुछ और होती।

राजभर ने अखिलेश यादव के कृष्णवंशी होने के दावे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कुछ तो लाज रखनी चाहिए और चाचा शिवपाल सिंह यादव की भी इज्जत का ख्याल करना चाहिए। उन्होंने अखिलेश से सवाल किया कि इतने दबाव में रहकर कोई राजनीति कैसे कर सकता है।

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