आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि, भाजपा पर साधा निशाना। बोले अखिलेश यादव- भाजपा राजनीतिक दल नहीं, गैंग है; महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर उठाए सवाल।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आचार्य नरेंद्र देव की 137वीं जयंती पर लखनऊ में गोमती नदी के तट पर स्थित उनकी समाधि पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आचार्य नरेंद्र देव और भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अखिलेश यादव ने आचार्य नरेंद्र देव को महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बहुभाषाविद, बौद्ध दर्शन के मर्मज्ञ और समाजवादी आंदोलन का पुरोधा बताया। उन्होंने कहा कि आचार्य नरेंद्र देव ने आजादी के बाद समाजवादी आंदोलन को नई दिशा दी। उनका मानना था कि शांतिपूर्ण क्रांति से ही समाज को सही दिशा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाजवादी लोग उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं। इस दौरान आचार्य नरेंद्र देव के परिवार के सदस्यों ने भी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। बाल विद्या मंदिर के बच्चों ने रामधुन और भजन प्रस्तुत किए।
भाजपा राजनीतिक दल नहीं, गैंग है: अखिलेश यादव
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा नकारात्मक विचारों की पार्टी है। उसकी सोच नकारात्मक है। भाजपा दरारवादियों का एक गुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक दल नहीं, बल्कि गैंग है। अखिलेश यादव ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सूझबूझ और प्रयासों से आजाद भारत की रियासतों को एक सूत्र में बांधकर देश को एकजुट किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ भी कदम उठाए थे। आज देश के सामने सबसे बड़ा खतरा सांप्रदायिक ताकतों से है। ऐसी ताकतें कमजोर होंगी तो लोकतंत्र और मजबूत होगा।
महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना दिखाया, लेकिन अब चंदा चोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी है। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार मिलावटखोरी के जरिए मुनाफा कमा रही है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ और नौजवानों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को सत्ता से हटाने का मन बना लिया है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला कर रहे हैं। भाजपा उत्तर प्रदेश से हटेगी तो देश से भी हट जाएगी।
26 हजार स्कूल बंद करने का आरोप, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने 26 हजार प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य नरेंद्र देव जैसे महान शिक्षाविद का मानना था कि शिक्षा ही समाज को सुधार सकती है, लेकिन भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने बंद स्कूलों में शराब की दुकानें खोले जाने की आशंका जताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्र, नौजवान, शिक्षक, किसान और व्यापारी सहित समाज का हर वर्ग भाजपा सरकार को जवाब देगा।
सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर भी उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी अस्पतालों को जानबूझकर कमजोर कर रही है, जबकि निजी अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर और आगरा में पिछले दस वर्षों के दौरान पांच-पांच सौ निजी अस्पताल पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था खराब होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों को खुद इलाज की जरूरत पड़ गई है।
कानून-व्यवस्था और पुलिस हिरासत में मौतों पर गृह मंत्री से मांगा जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री को पुलिस के व्यवहार, कानून-व्यवस्था और पुलिस हिरासत में हो रही मौतों की चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत में इतनी मौतें क्यों हो रही हैं? महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध क्यों बढ़ रहे हैं? साइबर फ्रॉड और हत्याओं के मामलों को लेकर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है? उन्होंने पीडीए और दलित समाज के लोगों के साथ कथित उत्पीड़न, मुसलमानों के साथ अन्याय, निर्दोषों पर बुलडोजर कार्रवाई और जेलों में पीडीए समाज के लोगों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने यूपी डायल-100 व्यवस्था को कमजोर करने और एसटीएफ को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को इन सभी मुद्दों की समीक्षा करनी चाहिए। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आचार्य नरेंद्र देव के परिजन मौजूद रहे। इनमें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष जासमीर अंसारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, विधायक रविदास मेहरोत्रा, डॉ. रमेश दीक्षित, डॉ. मधु गुप्ता, जूही सिंह, विनोद चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। सभी ने आचार्य नरेंद्र देव और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।



