विधान परिषद चुनाव में डुप्लीकेट वोटरों का मुद्दा उठा, सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।अखिलेश यादव के निर्देश पर श्याम लाल पाल ने की शिकायत, निष्पक्ष मतदान और मतगणना के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए प्रस्तावित चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज होने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में कथित डुप्लीकेट नाम दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। सपा ने उदाहरण के तौर पर 276 पृष्ठों में दर्ज डुप्लीकेट मतदाताओं का विवरण संलग्न करने की बात कही है। पार्टी ने मतदान और मतगणना को पारदर्शी, निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं भयमुक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पर सवाल
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुछ मतदाताओं के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। ज्ञापन में मिर्जापुर जनपद के विभिन्न बूथों का उल्लेख करते हुए मतदाता सूची में कथित दोहराव के उदाहरण दिए गए हैं।ज्ञापन के अनुसार, मिर्जापुर के बूथ संख्या 226 पर मतदाता क्रमांक 862, 863 और 864 पर रविशंकर पाण्डेय का नाम तीन बार दर्ज होने का दावा किया गया है। इसी प्रकार बूथ संख्या 242 पर अंजली मौर्या के नाम का पांच बार तथा स्मृति सिंह के नाम का तीन बार दर्ज होने का उल्लेख है। पवन कुमार गुप्ता के नाम में कथित दोहराव और बूथ संख्या 245 पर जितेन्द्र कुमार सरोज के नाम के दो बार दर्ज होने की शिकायत भी की गई है।
सपा ने इन मामलों की जांच कराकर डुप्लीकेट प्रविष्टियों को रोकने तथा मतदान के दिन ऐसे मतदाताओं द्वारा एक से अधिक बार मतदान किए जाने की आशंका को दूर करने के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की है। ज्ञापन में भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के नाम कई स्थानों पर दर्ज होने का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया ज्ञापन में उपलब्ध नहीं है।

लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है। सपा के अनुसार, लखीमपुर में 31, सीतापुर में 14, रायबरेली में 19, बाराबंकी में 7, हरदोई में 11, प्रतापगढ़ में 7 और लखनऊ में 13 पोलिंग स्टेशन संवेदनशील श्रेणी में बताए गए हैं।
पार्टी ने इन केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पर निगरानी रखने तथा अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मतदान एवं मतगणना केंद्रों पर सिविल पुलिस से अलग पर्याप्त सुरक्षा बल की ड्यूटी लगाई जाए।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और मतपेटियों की सुरक्षा पर जोर
समाजवादी पार्टी ने सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदान के बाद मतपेटियों को विधिवत सील करके सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षाबलों की निगरानी में रखा जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, मतगणना के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति और जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि मतगणना शुरू होने के बाद इसे अनावश्यक रूप से बीच में न रोका जाए और नियमानुसार निर्धारित संख्या में ही अधिकृत एजेंटों को प्रवेश दिया जाए।सपा ने मतदान एवं मतगणना के दौरान मीडिया कर्मियों को अनुमति देने और 23 अक्टूबर को मतदान वाले जिलों में अवकाश घोषित करने की मांग भी उठाई है।
पहचान पत्र में पते और नाम की स्पेलिंग को लेकर भी मांग
ज्ञापन में मतदाताओं को पहचान संबंधी छोटी-मोटी विसंगतियों के कारण मतदान से वंचित न किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। सपा ने कहा है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र पर अंग्रेजी में नाम की स्पेलिंग थोड़ी अलग होने पर मतदाता को मतदान से न रोका जाए। उदाहरण के तौर पर ‘RITA SINGH’ और ‘REETA SINGH’ की स्पेलिंग का उल्लेख करते हुए पार्टी ने कहा कि यदि नाम का उच्चारण समान है और पहचान स्थापित होती है, तो केवल मामूली वर्तनी अंतर के आधार पर मतदान में बाधा नहीं होनी चाहिए।
इसी तरह, ज्ञापन में मांग की गई है कि पहचान पत्र पर दर्ज पता मतदान केंद्र के क्षेत्र से अलग होने पर भी मतदाता को केवल इस आधार पर मतदान से वंचित न किया जाए, बल्कि निर्वाचन नियमों के अनुरूप उसकी पहचान की पुष्टि की जाए। प्रतापगढ़ में मतदाता सूची के क्रमांकों में कथित बदलाव का मुद्दा उठाते हुए पार्टी ने सूची में नाम दर्ज होने पर मतदाताओं को मतदान का अवसर देने की मांग की है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में विद्यालयों को परेशान करने का आरोप
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के संबंध में समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची के पुनः सत्यापन के नाम पर विद्यालयों, प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों और कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है और निरंतर पुनरीक्षण के तहत जोड़े गए मतदाताओं की सूची भी प्रकाशित की गई है। पार्टी का आरोप है कि कुछ जिलों में जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक मतदाता सूची में दर्ज नामों की दोबारा जांच करा रहे हैं, जिससे विद्यालयों को परेशानी हो रही है।
सपा ने निर्वाचन आयोग के नियमों का हवाला देते हुए इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के प्रमाण पत्रों पर जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्ताक्षर के बाद ही संबंधित नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए थे।
निर्वाचन आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में मतदाता सूची की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, डुप्लीकेट मतदान की आशंका को दूर किया जाए और सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पारदर्शी एवं सुरक्षित मतदान सुनिश्चित किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को यह ज्ञापन सर्वश्री के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। अब इस मामले में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।



