लखनऊ। राज्यसभा के पूर्वसांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी धार्मिक गतिविधियों और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। बृजलाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव चुनाव के समय मंदिर, तिलक और धार्मिक प्रतीकों की बात करते हैं, जबकि अन्य समय तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं।
आतंकी मामलों में मुकदमे वापसी को लेकर लगाए आरोप
बृजलाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते आतंकवाद से जुड़े 14 मुकदमों को वापस लेने की पहल की गई थी। उन्होंने रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर हमले के आरोपियों और वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में हुए बम विस्फोट समेत कई मामलों का उल्लेख करते हुए सपा नेतृत्व पर सवाल उठाए। ये आरोप बृजलाल की ओर से लगाए गए हैं।
संभल दंगों और पुराने फैसलों का भी किया जिक्र
राज्यसभा के पूर्व सांसद ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट और शीतला घाट पर हुए विस्फोटों का जिक्र करते हुए भी मुकदमों की वापसी का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल के दौरान संभल दंगों से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
अयोध्या और मथुरा में दर्शन को लेकर अखिलेश पर तंज
बृजलाल ने अखिलेश यादव के धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह चुनाव के दौरान हनुमान जी की पूजा और धार्मिक वेशभूषा में दिखाई देते हैं। उन्होंने अयोध्या में प्रभु श्रीराम और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन को लेकर भी सपा अध्यक्ष पर तंज कसा।
‘सनातन धर्म चुनावी वेशभूषा नहीं, आस्था है’
बृजलाल ने कहा कि सनातन धर्म केवल चुनाव के समय अपनाई जाने वाली वेशभूषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव धार्मिक प्रतीकों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जनता नेताओं के दिखावे के बजाय उनके काम और नीयत को देखती है।
नोट: मुकदमों की वापसी, पुराने सरकारी फैसलों और धार्मिक आस्था से संबंधित आरोप बृजलाल के बयानों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों के दस्तावेजों और दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया के आधार पर इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानी चाहिए।



