सिविल अस्पताल में डिजिटल ई-हॉस्पिटल व्यवस्था का शुभारंभ

सिविल अस्पताल में डिजिटल ई-हॉस्पिटल व्यवस्था का शुभारंभ। सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी मॉडल को प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा :ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री

अजय सिंह

लखनऊ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय, लखनऊ में आज प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिक व डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ई-हॉस्पिटल (E-Hospital) परियोजना के साथ डिजिटल प्रणाली से लैस सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी, न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ओटी एवं स्ट्रोक यूनिट का भव्य उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा किया गया।

यह सुविधा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोमतीनगर, लखनऊ एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय के मध्य हुए अंतर-विभागीय समन्वय (Inter-Departmental Coordination) के तहत प्रारंभ की गई है, जिससे न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी तथा कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञों की नियमित सेवाएं सिविल अस्पताल में उपलब्ध होंगी । चिकित्सालय द्वारा जिन मरीजों को सुपरस्पेशलिटी के लिए रेफर किया जाएगा उनके लिए अलग से पंजीकरण काउंटर बनाया गया है, मरीज घर से भी पर्चा बना सकेगा और अपॉइंटमेंट और समय स्लॉट प्राप्त कर सकेगा ।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा “प्रदेश सरकार का संकल्प आम जनता को उनके घर के निकटतम स्थान पर गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना है। लोहिया संस्थान के सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक सिविल चिकित्सालय में आकर अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे, जिससे आम नागरिकों को बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। चिकित्सा सेवाओं का विस्तार कर सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत किया गया है। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के बीच इस प्रकार के एमओयू (MoU) हस्ताक्षरित कर सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं सीधे जिला अस्पतालों तक पहुंचाई जाएंगी। सिविल चिकित्सालय का यह मॉडल प्रदेश के लिए एक नया रास्ता बनाएगा, इस सफल मॉडल को जल्द ही प्रदेश के अन्य जिला चिकित्सालयों में भी लागू किया जाएगा।

‘उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ में स्वाइन फ्लू को लेकर आमजन से ना घबराने की अपील की मौसम में बदलाव के कारण यदि बुखार के लक्षण दिखें तो पैनिक न करें। सावधानी के तौर पर मास्क का उपयोग करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से परामर्श लें। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और वर्तमान में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।’

ई-हॉस्पिटल व डिजिटल हेल्थकेयर की विशेषता बताते हुए निदेशक डॉ. जी. पी. गुप्ता ने कहा कि न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसी अति-विशिष्ट सेवाओं की उपलब्धता चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को राहत प्रदान करेगी । आज से सिविल चिकित्सालय डिजिटल हेल्थकेयर के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही चिकित्सालय की अन्य सेवाएं भी E-Hospital के अंतर्गत संचालित की जाएंगी । यह व्यवस्था हमारे लिए केवल Software या Digital Record की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह काम करने के तरीके में परिवर्तन, पारदर्शिता में वृद्धि और मरीज की सुविधा को केंद्र में रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

डॉ.जी.पी.गुप्ता ने बताया कि मरीज घर बैठे ऑनलाइन पंजीयन/पर्चा बना सकते हैं । परामर्श के उपरांत उन्हें डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे मरीजों के समय की बचत होगी और पूरी स्वास्थ्य प्रणाली त्वरित, पारदर्शी तथा तकनीक आधारित बनेगी।


अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने चिकित्सालय की मरीज केंद्रित (पेसेंट सेंटर्ड) सेवाओं के लिए चिकित्सालय के सभी कर्मियों को बधाई दी ।

भव्य उद्घाटन समारोह में प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अमित कुमार घोष,अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा, श्रीमती ऋतु माहेश्वरी सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं एमडी, ABDM, डॉ. पवन कुमार अरुण महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, डॉ. सी. एम. सिंह निदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, डॉ.विक्रम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. एन. बी. सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. डी. सी. पांडे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. एस. आर. सिंह चिकित्सा अधीक्षक,चिकित्सालय के चिकित्सकगण, फार्मासिस्ट, नर्सिंग अधिकारी तथा पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे। मंच संचालन सुनील यादव चीफ फार्मासिस्ट एवं डॉ. अलका निवेदन उद्घोषिका द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न किया गया।

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