श्रीकृष्ण का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है:मुख्यमंत्री

जन्माष्टमी पर रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, बोले—सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और निष्काम कर्म से ही विकसित भारत का संकल्प होगा साकार।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनका संदेश पांच हजार वर्षों से अधिक समय से विषम एवं अनुकूल परिस्थितियों में समाज का मार्गदर्शन करता आ रहा है। श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अत्यंत विपरीत और अंधकारमय परिस्थितियों में कारागार की काल कोठरी में हुआ, लेकिन उन्होंने जीवनभर परिस्थितियों को परास्त करते हुए समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया।

भ्रम और संशय में भी कर्तव्य पथ से न भटकें

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन की अनेक घटनाएं यह प्रेरणा देती हैं कि जब व्यक्ति भ्रम और संशय की स्थिति में हो, तब भी उसे अपने कर्तव्य पथ से विचलित नहीं होना चाहिए। महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश के माध्यम से आज भी प्रत्येक भारतवासी को कर्म, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हम सभी को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए नए संकल्प के साथ जोड़ता है।

मथुरा-वृंदावन में आज भी जीवंत हैं श्रीकृष्ण की स्मृतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बल्देव और नंदगांव में आज भी श्रद्धालुओं के मन में श्रीकृष्ण की स्मृतियां जीवंत हैं। इन क्षेत्रों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति श्रद्धा का भाव भी देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों की मर्यादा और प्राकृतिक स्वरूप के संरक्षण के प्रति संवेदनशील रहते हैं।

गोवर्धन पूजा प्रकृति और अन्नदाता के महत्व का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवर्धन पूजा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने समाज को प्रकृति, अन्नदाता किसानों और पशुपालकों के महत्व का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा की परंपरा हजारों वर्षों से निरंतर चली आ रही है और आज भी लाखों श्रद्धालु श्रद्धा एवं आस्था के साथ गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सनातन संस्कृति की जीवंतता और प्रकृति के प्रति भारतीय दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।

आस्था को नहीं तोड़ सके आक्रांता

मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्रांताओं ने मंदिरों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे भारतवासियों की आस्था को नहीं तोड़ सके। मूर्तियों को क्षति पहुंचाई जा सकती है, लेकिन भारत की सनातन जीवन-पद्धति और उसके मूल्यों को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मंदिरों को नष्ट करने और भारतीय आस्था को मिटाने का प्रयास करने वाले लोग इतिहास के पन्नों में सिमट गए, जबकि भारत अपनी सनातन परंपरा और अजेय यात्रा के साथ आज भी जीवंत एवं जाग्रत है।

सोमनाथ से काशी तक सनातन चेतना की जीवंत मिसाल

मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि मंदिर को अनेक बार ध्वस्त किया गया, लेकिन भारत ने उसे बार-बार पुनर्निर्मित किया। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर आज अपनी गौरवपूर्ण परंपरा के साथ स्थापित है। उन्होंने कहा कि काशी में भगवान विश्वनाथ का मंदिर भी भारत की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्री काशी विश्वनाथ धाम को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया।

‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामर्थ्य को पहचानने और अपने दायित्वों का श्रेष्ठतम निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए, न कि नकारात्मक। सकारात्मक सोच और रचनात्मक प्रयास ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं।

निष्काम कर्म को जीवन का हिस्सा बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्य पथ पर निष्काम कर्म को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। देश की विकास यात्रा केवल सरकार के प्रयासों से पूरी नहीं हो सकती। 140 करोड़ भारतवासियों की सामूहिक भागीदारी और सकारात्मक सोच से ही भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना तभी साकार होगी, जब प्रत्येक नागरिक अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए कर्म क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने का प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक कर्तव्यनिष्ठा, सकारात्मक सोच और समर्पित प्रयासों से भारत विकसित राष्ट्र बनेगा और उत्तर प्रदेश भी विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ये लोग रहे मौजूद

समारोह में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी और पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

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