मुख्यमंत्री ने जनपद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मन्दिर में दर्शन-पूजन के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रदेश सरकार मथुरा-वृन्दावन को अयोध्या व काशी की तर्ज पर भव्य स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध, श्रद्धालुओं की सुविधा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां के विकास को भव्य स्वरूप प्रदान कर रही। भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण, बाबा विश्वनाथ और माँ विन्ध्यवासिनी में आस्था रखने वाली सरकार ही श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान कर सकती। पर्व और त्योहार केवल आस्था नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के निर्माण का आधार भी। गीता में दिए गए प्रभु श्रीकृष्ण के संदेश के अनुसार निष्काम भाव से कर्म करते हुए कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ें। ब्रजभूमि में जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रज रज उत्सव और वैष्णव कुम्भ के माध्यम से नई ऊर्जा और नया विश्वास उत्पन्न हुआ। 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मन्दिर बनना भारत की सनातन आस्था के सम्मान का प्रतीक। अयोध्या धाम में फोरलेन कनेक्टिविटी, डबल रेलवे लाइन और इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्ध। भारत को विकसित भारत और उ0प्र0 को विकसित उ0प्र0 बनाने में नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण।
मथुरा/लखनऊ। आज अयोध्या व मथुरा-वृन्दावन सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का जिस प्रकार कायाकल्प हुआ है, वह भारत की सनातन आस्था और विकास के समन्वय का उदाहरण है। यह सब इसलिए सम्भव हुआ है क्योंकि यहां ऐसी सरकार है, जो जनता की भावनाओं को समझती है। प्रदेश सरकार श्रीकृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विन्ध्यवासिनी में आस्था रखती है। मुख्यमंत्री मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मन्दिर में दर्शन-पूजन के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने मन्दिर परिसर गौ-पूजन कर उन्हें लड्डू खिलाए तथा योग माया व श्री केशव देव मन्दिर में भी दर्शन-पूजन किये। कार्यक्रम के उपरान्त उन्होंने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां के विकास को भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार जनता के साथ मिलकर उनकी भावनाओं के अनुरूप ब्रजभूमि को विकसित करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के विकास के सम्बन्ध में व्यापक चर्चा की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार का प्रयास है कि मथुरा-वृन्दावन में भी उसी प्रकार का भव्य परिसर तैयार हो, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। इसका उद्देश्य यह है कि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, उसकी आस्था के साथ कोई संकट न आए और अपने आराध्य के दर्शन में उसे किसी चुनौती का सामना न करना पड़े। प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रजभूमि में आते हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ-साथ वृन्दावन के श्री बांके बिहारी मन्दिर, बरसाना, नन्दगांव और गोवर्धन में भी श्रद्धालुओं की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। श्रद्धालु सहज भाव से आए, अपने आराध्य के दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर अपने घर वापस जाए। डबल इंजन सरकार इसी व्यापक आस्था को सुविधा प्रदान करने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को और अधिक विकसित करने की तैयारियां की जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि जितना सम्भव हो, उतना कार्य किया जाए। श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए और उनकी सुविधा में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। पर्व और त्योहार केवल हमारी आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि हमारी आर्थिकी के भी महत्वपूर्ण आधार हैं। समाज का प्रत्येक वर्ग किसी न किसी रूप में इस पूरी व्यवस्था से जुड़कर भारत और विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने हमें ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का मन्त्र दिया है। प्रभु श्रीकृष्ण से प्रेरणा प्राप्त करते हुए, हमें अपने कर्तव्य पथ पर पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ते हुए राष्ट्र तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करना चाहिए। देश, समाज, सनातन तथा परिवार के प्रति हमारे जो दायित्व और कर्तव्य हैं, यदि हम उनका ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में देर नहीं लगेगी।
विकसित भारत के निर्माण के लिए आस्था व विरासत का सम्मान आवश्यक है। इसी भावना के साथ वह स्वयं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ब्रजभूमि में आते हैं। अब ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रज रज उत्सव और वैष्णव कुम्भ के साथ जुड़ती है। ब्रजभूमि आज एक नए उत्साह, उमंग और विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है। यह नया विश्वास हम सभी को निरन्तर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। 500 वर्षों की प्रतीक्षा के उपरान्त अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मन्दिर निर्माण के साथ वहां का व्यापक विकास हुआ है। दुनिया का विशालतम मन्दिर अयोध्या में बन रहा है। जिन लोगों को यह परिवर्तन अच्छा नहीं लगता, वह अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह प्रसन्नता और आस्था का विषय है कि श्रीरामलला अयोध्या में फिर से विराजमान हो गए हैं। एक समय अयोध्या की स्थिति ऐसी थी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। वहां न अच्छी सड़कें थीं और न ही बिजली और पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी। गन्दगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या नगरी सिंगल रेलवे लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था, वहां की अव्यवस्था और अराजकता को देखकर रोकर वापस आता था।

आज अयोध्या का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। प्रतिदिन लगभग 01 लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंच रहे हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव और दीपावली जैसे अवसरों पर यह संख्या बढ़कर 05 लाख से लेकर 50 लाख तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है।
प्रभु श्रीराम के नाम को दुनिया तक पहुंचाने वाले त्रिकालदर्शी ऋषि महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में इण्टरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है। चारों ओर से फोरलेन सड़कों के माध्यम से अयोध्या को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान की गई है। रेलवे की डबल लाइन से अयोध्या जुड़ चुका है। आज अयोध्या में जहां भी जाएंगे, वहां फोरलेन सड़क दिखाई देती है। भक्ति पथ, रामपथ और कहीं मन्दिर जाने के मार्ग के रूप में सड़कें विकसित की गई हैं। यह अयोध्या धाम के भव्य स्वरूप को प्रदर्शित करता है।
आज उन्होंने यहां योगमाया का दर्शन किया। इसी धरा धाम पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और यही योगमाया माँ विन्ध्यवासिनी धाम में भी प्रकट हुई थीं। उन्होंने कहा कि वह जब भी यहां आते थे, तत्काल माँ विन्ध्यवासिनी का धाम उनके स्मरण में आता था। योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने माँ विन्ध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।आज प्रदेश के नागरिक शासन की सुविधाओं से जुड़ रहे हैं तथा विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। युवा अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। प्रत्येक बेटी और बहन को अपनी सुरक्षा के प्रति विश्वास है। प्रत्येक कारीगर और हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास उत्पन्न हुआ है। पर्व व त्योहार इसी विश्वास और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में विभाजन उत्पन्न करने का प्रयास इसलिए किया जाता है, ताकि समाज और राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें। वह सुरक्षा में सेंध लगा सकें तथा युवाओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ कर सकें। बहन-बेटियों की सुरक्षा को चुनौती दे सकें और अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें। डबल इंजन सरकार ऐसे सभी मंसूबों पर पानी फेरेगी और उन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। इस अवसर पर गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी तथा बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) संदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



